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Shivaji Maharaj: 450 साल बाद जनता के सामने एक साथ दिखेंगे छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज

Fri, 27 Jan 2023 03:30 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Fri, 27 Jan 2023 03:30 PM IST
सार

राजमाता जीजाऊ की जन्मस्थली सिंदखेड राजा से दिव्य रथ पर सवार होकर इंदौर आया माटी कलश, मूर्ति स्थापना के लिए 400 किलोमीटर चलकर इंदौर पहुंची महिलाएं
 

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descendants of chhatrapati shivaji maharaj will be seen together after 450 years
छत्रपति शिवाजी महाराज - फोटो : अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

मूर्ति स्थापना के लिए 400 किलोमीटर दूर से महिलाएं पदयात्रा करते हुए इंदौर पहुंची। दिव्य रथ पर सवार हो कर राजमाता जिजाऊ की जन्मस्थली से कलश एवं माटी लेकर पारंपरिक विधि अनुसार राजमाता जिजाऊ की पहली प्रतिमा इंदौर शहर में 29 जनवरी 2023 को स्थापित की जा रही है। पदयात्रा 12 जनवरी को सिंदखेड़ राजा से प्रारंभ हुई थी जो 16 दिन पैदल चलने एवं लगभग 400 किलोमीटर पूरा करने के बाद इंदौर में 27 जनवरी को समाप्त हुई। 16 दिनों में यात्रा जहां से गुजरी वहां हर शहर-गांव में महिलाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों द्वारा यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इसी क्रम में 29 जनवरी 2023 को शाम 5 बजे मां जीजाऊ प्रतिमा अनावरण समारोह रहेगा। मुख्य आकर्षण यह समारोह राजमाता जिजाऊ चौक पर होगा। 
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इस कार्यक्रम में लगभग 450 साल के बाद एक छत के नीचे  छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वें वंशज छत्रपति संभाजी महाराज कोल्हापुर, मां जीजाऊ के वंशज शिवाजी दतात्रय राजेजाधव, तंजावर महाराज शिवाजी राजे भोंसले, इंदौर यशवंत राव होलकर, करणसिंह पंवार धार और देवास महाराज युवराज विक्रम पंवार, शामिल होंगे। मुख्य अतिथि के रूप में कैलाश विजयवर्गीय (राष्ट्रीय महासचिव भाजपा) रमेश मेंदोला (विधायक भाजपा) चंदुराव शिंदे (पूर्व पार्षद भाजपा) महामंडलेश्वर संत उत्तम स्वामी, संत अण्णा महाराज होंगे।
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माटी कलश को दिव्य रथ पर रख कर पदयात्रा शुरू हुई
सर्व मराठी भाषी संघ के अंतर्गत हो रहे इस भव्य आयोजन की जानकारी देते हुए संघ की अध्यक्षा स्वाति युवराज काशिद ने बताया कि इस आयोजन को स्वराज्य स्वाभिमान उत्सव नाम दिया गया है, जिसका आगाज 12 जनवरी 2023 को महाराष्ट्र के मातृतीर्थ सिंदखेड राजा, मां जीजाऊ की जन्म स्थली 425 वीं जयंती के मौके पर किया गया। यहां जन्मस्थली की माटी को एक कलश में रखकर मां जीजाऊ के जन्म स्थान पर पूजन किया गया, जिसके बाद माटी कलश को एक आकर्षक दिव्य रथ पर रख कर पदयात्रा शुरू हुई। इससे पहले माटी कलश का पूजन मां जीजाऊ के वंशज शिवाजी दतात्रये राजेजाधव अन्य विशिष्ठजनों के साथ किया गया। लगभग 400 किलो मीटर लंबी  स्वराज्य स्वाभिमान पदयात्रा की कमान महिलाओं के हाथ में रही। पदयात्रा मातृतीर्थ सिंदखेड राजा से चलकर देऊलगांव राजा, देऊलगांव मही, चिखली, बुलढाना, मलकापुर, मुक्ताई नगर, इच्छापुर, बुरहानपुर, खंडवा, बड़वाह, चौरल, सिमरोह होते हुए 27 जनवरी को इंदौर राजवाड़ा पहुंची।
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होलकर राजघराने के पारिवारिक सदस्यों ने लिया भाग
संघ की अध्यक्षा स्वाति युवराज काशिद ने कहा कि स्वराज्य स्वाभिमान पदयात्रा 16 दिन चलकर 27 जनवरी को इंदौर पहुंची और नगर भ्रमण किया। नगर भ्रमण के पूर्व मां जीजाऊ की जन्मस्थली के माटी कलश का राजवाड़ा स्थित प्राचीन मंदिर में पूजन किया जिसमें होलकर राजघराने के पारिवारिक सदस्य और पुजारीगण ने भाग लिया। इसके पश्चात पदयात्रा राजवाड़ा से प्रारंभ होकर यात्रा कृष्णपुरा छत्री, नगर निगम रोड से होते हुए चिकमंगलूर चैराहा, श्रम शिविर, राजकुमार मिल ब्रिज, मालवा मिल चैराह, पाटनीपुरा चैराह, होते हुए मां जीजाऊ चौक तीन पुलिया नंदानगर पहुंची।
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