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इंदौर की अनसुनी कहानी: बेटियों के पिता चिंता नहीं करते, यहां पूरी कॉलोनी मिलकर करती है शादी
Thu, 23 Feb 2023 07:39 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 23 Feb 2023 07:39 PM IST
सार
कई मामलों में अनोखे इंदौर की आज हम एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपको भी यही लगेगा कि मैं इस जगह पर क्यों नहीं रहता...
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इंदौर के निरंजनपुर में शादी का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
देश-दुनिया में अपनी छवि चमका चुका इंदौर कई मायनों में अनूठा है। आज हम आपको यहां की एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहे हैं जो आजतक शायद ही आपने कहीं पढ़ी या सुनी होगी। यह कहानी है इंदौर के निरंजनपुर क्षेत्र की। किसान परिवारों के इस क्षेत्र में आधुनिकता की चमक जरूर बढ़ रही है लेकिन संस्कारों की जड़ आज भी बहुत मजबूत है। यहां के लोग क्षेत्र की बेटियों की शादी मिलजुलकर करते हैं और उसमें हर स्तर पर सहभागिता करते हैं। कल (बुधवार 22 फरवरी) यहां पर एक शादी में जाना हुआ। आयोजन स्थल जाने के रास्ते में देखा कि एक साथ तीन बारात निकल रही हैं। वहां पहुंचकर पूरा कहानी समझ आई...
एक बार में तीन से दस तक शादियां, पिता पर नहीं आता खर्च का भार
क्षेत्र की पार्षद सीमा संजय चौधरी बताती हैं कि जब भी यहां पर कोई बारात आती है तो पूरा क्षेत्र बारात का स्वागत करता है। खाना बनवाने से लेकर परोसने तक की व्यवस्थाएं पूरा क्षेत्र संभालता है। इससे बेटी के पिता पर भार नहीं आता और सारे काम आसानी से पूरे हो जाते हैं। कभी-कभी तो एक बार में तीन से दस तक शादियां होती हैं। सभी परिवार खर्च की राशि आपस में बांट लेते हैं। आने वाली सभी बारातों को एक साथ भोजन करवाया जाता है। यहां पर मुख्य रूप से खाती और गुजराती समाज के लोग रहते हैं।
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उच्च शिक्षित हैं यहां की बेटियां
इस क्षेत्र में अधिकतर किसान परिवार हैं लेकिन बेटियों को उच्च शिक्षा देते हैं। यहां की पार्षद सीमा चौधरी भी किसान परिवार से आती हैं। वे कहती हैं कि सभी परिवार जागरूक हैं और बेटियों को हर स्तर पर आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं। यहां की बेटियां आज डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बन रही हैं।
पारंपरिक आयोजन आज भी बरकरार
इंदौर में होने वाले अधिकतर पारंपरिक आयोजन इस क्षेत्र में आज भी बरकरार हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और कलात्मक आयोजन यहां पर लगातार होते रहते हैं। क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर सभी तरह की सुविधाओं पर भी लोग मिल जुलकर काम करते हैं।
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इंदौर की अनसुनी कहानी: बेटियों के पिता चिंता नहीं करते, यहां पूरी कॉलोनी मिलकर करती है शादी #Inodre #Marriage #MadhyaPradesh #MPNews #AmarUjala #AmarUjalaNews #amarujalamp https://t.co/WLd4WYTpPW pic.twitter.com/WUpZqlWrjN
— Amar Ujala (@AmarUjalaNews) February 23, 2023
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एक बार में तीन से दस तक शादियां, पिता पर नहीं आता खर्च का भार
क्षेत्र की पार्षद सीमा संजय चौधरी बताती हैं कि जब भी यहां पर कोई बारात आती है तो पूरा क्षेत्र बारात का स्वागत करता है। खाना बनवाने से लेकर परोसने तक की व्यवस्थाएं पूरा क्षेत्र संभालता है। इससे बेटी के पिता पर भार नहीं आता और सारे काम आसानी से पूरे हो जाते हैं। कभी-कभी तो एक बार में तीन से दस तक शादियां होती हैं। सभी परिवार खर्च की राशि आपस में बांट लेते हैं। आने वाली सभी बारातों को एक साथ भोजन करवाया जाता है। यहां पर मुख्य रूप से खाती और गुजराती समाज के लोग रहते हैं।
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उच्च शिक्षित हैं यहां की बेटियां
इस क्षेत्र में अधिकतर किसान परिवार हैं लेकिन बेटियों को उच्च शिक्षा देते हैं। यहां की पार्षद सीमा चौधरी भी किसान परिवार से आती हैं। वे कहती हैं कि सभी परिवार जागरूक हैं और बेटियों को हर स्तर पर आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं। यहां की बेटियां आज डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बन रही हैं।
पारंपरिक आयोजन आज भी बरकरार
इंदौर में होने वाले अधिकतर पारंपरिक आयोजन इस क्षेत्र में आज भी बरकरार हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और कलात्मक आयोजन यहां पर लगातार होते रहते हैं। क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर सभी तरह की सुविधाओं पर भी लोग मिल जुलकर काम करते हैं।
