{"_id":"640abcaedd3b5e9ea90e9674","slug":"congress-mla-jeetu-patwari-said-i-will-accept-the-decision-taken-by-the-organization-on-the-motion-of-no-con-2023-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP: पटवारी का आरोप- भाजपा कार्यालय में 5 साल में 9 करोड़ का खाना खिलाया, सवाल उठाया तो मुझे निलंबित किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: पटवारी का आरोप- भाजपा कार्यालय में 5 साल में 9 करोड़ का खाना खिलाया, सवाल उठाया तो मुझे निलंबित किया
सार
विधानसभा से निलंबित कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी का कहना है कि उन्हें सच बोलने की सजा मिली है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस आक्रामक बनी हुई है और उसने 13 मार्च को राजभवन का घेराव करने की घोषणा की है।
विज्ञापन
पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश विधानसभा में जोरदार हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को निलंबित कर दिया। इसके खिलाफ कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया। बहस बढ़ी तो गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ भी विशेषाधिकार हनन की शिकायत कर दी। इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा में ठन गई है। कांग्रेस ने 13 मार्च को राजभवन का घेराव करने का फैसला किया है। इसी दिन से विधानसभा में बजट सत्र का दूसरा दौर शुरू होना है। इस विवाद का केंद्र बनकर उभरे जीतू पटवारी से अमर उजाला ने बातचीत की। पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख अंश:-
विज्ञापन
भाजपा का आरोप है कि आपने विधानसभा में गलत तथ्य पेश किए। इस वजह से आपको निलंबित किया गया।
पटवारी: भाजपा डर गई है। मुख्यमंत्री (शिवराज सिंह चौहान) सचाई से डरते हैं। वह सवालों का जवाब नहीं देते। विधानसभा में उनके विभाग से सत्रह सवाल किए थे, उनके उत्तर ही नहीं मिले। भाजपा कार्यालय में पांच साल में नौ करोड़ का खाना खिलाया। यह बात मैंने तथ्यों के साथ सरकार के उत्तर को आधार बनाकर रखी। भाजपा को यह बात बुरी लगती है। प्रदेश का हर व्यक्ति 53 हजार रुपये के कर्ज में है। भाजपा फिजूलखर्ची करती है। मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि खाने का पेमेंट तो भाजपा कार्यालय ने दिया, लेकिन जब मैंने बिल मांगे तो वह लोग नहीं दे पाए और मुझे बजट सत्र से निलंबित कर दिया।
विज्ञापन
आपने इंदौर और भोपाल के चिड़ियाघर से वन्यप्राणियों को बेचने की बात कही। इस पर भी सरकार को आपत्ति है।
पटवारी: मैंने कभी नहीं कहा कि वन्य प्राणियों को बेचा गया है। मैने आदान-प्रदान का ही जिक्र किया। मैने कहा था कि शेर, बाघ, लोमड़ी दे दी और बदले में लिए तोते, छिपकली और सांप ही लिए हैं। सरकार विदेश से चीते लाने का प्रमोशन करती है, लेकिन प्रदेश के बाघ, शेर दूसरे शहरों में भेज रहे हैं। यही बात मैंने उठाई थी।
विज्ञापन
क्या यह संभव है कि आपका निलंबन खत्म हो जाए और कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव वापस ले लें?
पटवारी: मेरा काम है विपक्ष की भूमिका निभाना। पार्टी क्या निर्णय लेती है, यह मुझे नहीं पता। निलंबन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय कमलनाथ जी और विपक्ष के नेता का था। वे आगे जो निर्णय लेंगे, मुझे तो वह मानना ही है।
भाजपा का आरोप है कि आप कार्यकारी अध्यक्ष नहीं हैं, फिर भी लेटर पैड का इस्तेमाल कर रहे हैं?
पटवारीः जो यह मुद्दा उठा रहे हैं उन्हें कांग्रेस पार्टी की वेबसाइट देखनी चाहिए। उस पर साफ लिखा है कि किसका क्या पद है। मैं जिस पद पर हूं, उसी का काम करता हूं।
