Indore: मालवा निमाड़ का गढ़ फिर पाना चाहती है भाजपा, केंद्रीय मंत्री शाह आएंगे उज्जैैन दौरे पर
मध्य प्रदेश की राजनीति में मालवा निमाड़ की 66 सीटेें महत्वपूर्ण मानी जाती है। पिछले चार विधानसभा चुनाव में तीन बार भाजपा को कांग्रेस से ज्यादा सीटेें मिली और भाजपा सरकार बनाने में सफल रही।
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मध्य प्रदेश मेें सत्ता वापसी के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। पिछली बार मालवा निमाड़ से कम सीटें मिलने के कारण भाजपा की सरकार नहीं बन पाई थी, इस बार भाजपा मालवा निमाड के पुराने गढ़ को फिर मजबूत करने में जुटी है। इसमें केंद्रीय नेतृत्व भी मदद कर रहा है। 23 जुलाई को केंद्रीय मंत्री अमित शाह के उज्जैन आ रहे है। वे महाकाल के दर्शन करने के अलावा सभा को भी संबोधित कर सकते है।
पिछले माह प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी भी धार मेें रोड शो करने वाले थे, लेकिन बाद मेें कार्यक्रम में फेरबदल हो गया। अब उज्जैन में केंद्रीय मंत्री अमित शाह का आना तय हुआ है। धार और उज्जैन मालवा निमाड़ का महत्वपूर्ण जिला माना जाता है। धार जिले से पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा सिर्फ एक ही सीट जीत पाई थी।
उज्जैन जिले की सात सीटों मेें से चार सीटें कांग्रेस ने जीती थी और तीन भाजपा की झोली में आई। निमाड़ के खरगोन जिले में तो भाजपा अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी। इस बार चुनाव में भाजपा यह गलती दोहराना नहीं चाहती है। उज्जैन मेें महाकाल लोक बनाने के बाद भाजपा सरकार इसे भुनाने में लगी है। पर्यटन और रोजगार बढ़ने को भाजपा सरकार उनकी उपलब्धियों में शामिल मानती है।
जिसके पास मालवा-निमाड़, उसकी बनी सरकार
मध्य प्रदेश की राजनीति में मालवा निमाड़ की 66 सीटेें महत्वपूर्ण मानी जाती है। पिछले चार विधानसभा चुनाव में तीन बार भाजपा को कांग्रेस से ज्यादा सीटेें मिली और भाजपा सरकार बनाने में सफल रही। 2003 के चुनाव मेें 66 में से 47 सीटें भाजपा ने जीती थी। इसी तरह 2008 के चुनाव मेें 42 सीटें भाजपा को मिली। 2014 के चुनाव मेें भाजपा को 56 और कांग्रेस को 9 सीटें ही मिल पाई थी। तीनों बार भाजपा की मध्य प्रदेश में सरकार बनी। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 29 सीटें मिली और 15 साल बाद कांग्रेस का वनवास मालवा निमाड़ नेे 34 सीटें देकर खत्म किया था।
आदिवासी वोटबैंक मालवा निमाड मेें ज्यादा
मालवा निमाड़ के खरगोन, बुरहानपुर,झाबुआ, धार, बड़वानी जिले मेें आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीटें है। भाजपा का इन सीटों पर फोकस है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले साल नवंबर में भारत जोडो यात्रा मध्य प्रदेश मेें निकाली थी, तो कई आदिवासी जिलों से होकर गुजरी थी।
