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Indore News: गरीबों के हक के लिए सरकारों से भिड़ जाते थे आनंद मोहन माथुर

Sat, 22 Mar 2025 11:10 AM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Sat, 22 Mar 2025 11:10 AM IST
सार

Indore News: आनंद मोहन माथुर का जीवन संघर्ष और सेवा का प्रतीक बनकर सामने आया। उन्होंने कान्ह नदी को स्वच्छ करने की मुहिम शुरू की और इंदौर में सामाजिक कार्यों के लिए कई जुझारू कदम उठाए। उनकी जीवन यात्रा समाज के हर वर्ग को प्रेरित करती रहेगी।

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Anand Mohan Mathur A Champion for the Poor Who Fought Against Governments for Justice in Indore
आनंद मोहन माथुर - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

इंदौर में अगर समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों की बात की जाए तो वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद मोहन माथुर का नाम शीर्ष पंक्ति में आता है। आज उनके निधन पर उनके मित्रों और परिचितों ने जो अनुभव साझा किए वह बताते हैं कि इंदौर को जिंदा रखने के लिए उनकी क्या भूमिका थी। जब जब शहर में कोई परेशानी आई तो आनंद मोहन माथुर ढाल बनकर हमेशा खड़े रहे। अभ्यास मंडल के शिवाजी मोहिते ने कहा कि कोई इंसान शीर्ष पर रहकर भी जमीन से कितना जुड़ा रह सकता है इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण थे आनंद मोहन माथुर। शिवाजी कहते हैं कि उनके सामाजिक कार्यों के बारे में बताना शुरू करें तो शायद कई घंटे निकल जाएं। इंदौर में जब भी कोई परेशानी आई तो उन्होंने सड़कों पर आंदोलन करे, कोर्ट में लड़ाइयां लड़ी और हर स्तर पर अपना सब कुछ न्यौछावर किया। 
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कान्ह नदी का आंदोलन उन्हीं ने शुरू किया
आनंद मोहन माथुर नारायण बाग में रहते थे। कान्ह नदी का प्रदूषण देखकर वे चिंतित रहने लगे और एक बार शहर के कुछ लोगों को बुलाकर मीटिंग बुलाई। उन्होंने कहा कि इसकी सफाई भी हमें खुद करना है और सरकार को भी जगाना है। वे नदी को साफ करने के लिए हर रविवार को सुबह 9 बजे आ जाते थे। खुद झाड़ू लगाते थे, कचरा उठाते थे। उन्हें देखकर कई लोग प्रेरित हुए और कान्ह नदी आंदोलन से जुड़े।
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मराठी भाषा को आगे बढ़ाया
आनंद मोहन माथुर कई भाषाओं के जानकार थे। उन्हें मराठी, हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू बहुत अच्छी आती थी। उन्होंने मराठी को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा काम किया। वे महाराष्ट्र साहित्य सभा से जुड़े और बाद में दस लाख रुपए देकर मराठी एकेडमी शुरू करवाई। 
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अभ्यास मंडल को जाल सभागृह में जगह दिलाई, देश की दिग्गज हस्तियों को इंदौर बुलाया
अभ्यास मंडल की व्याख्यानमाला स्कूल में दरी पर बैठकर होती थी। उन्होंने जाल सभागृह में व्याख्यानमाला शुरू करवाई। मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला, प्रधानमंत्री आईके गुजराल जैसे दिग्गजों को व्याख्यानमाला के लिए इंदौर बुलाया। 


कई आंदोलन किए
शहर की बड़ी शख्सियत होने के बावजूद सड़कों पर आंदोलन करते थे। बियाबानी रोड पर पेड़ कटने के विरोध में अकेले कुर्सी लगाकर धरने पर बैठ गए थे। सुदामा नगर, पलासिया के पेड़ कटे तो पलासिया और रणजीत हनुमान पर धरना दिया। कई आंदोलन किए और कभी नहीं डरे। सिंगापुर मार्केट में धरना दिया तब पुलिस ने नजरबंद कर दिया। इसके बाद भी धरने देते रहे। 
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