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Indore: जिंदा बुजुर्ग को रिश्तेदारों ने बताया मृत! फर्जी डेथ सर्टिफिकेट से करोड़ों की जमीन बेचने का खेल बेनकाब

Sat, 27 Jun 2026 05:47 PM IST
इंदौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: इंदौर ब्यूरो Updated Sat, 27 Jun 2026 05:47 PM IST
सार

इंदौर में एक बुजुर्ग महिला को कागजों में मृत दिखाकर करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने जांच के बाद 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

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Relatives declared a living elderly person dead to sell land worth crores using a forged death certificate
फर्जी डेथ सर्टिफिकेट से करोड़ों की जमीन बेचने का खेल बेनकाब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां रहने वाली बुजुर्ग द्रोपदी बाई ने पुलिस के समक्ष उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई कि राजेंद्र नगर क्षेत्र में उनकी करोड़ों रुपये की जमीन है, लेकिन कुछ रिश्तेदारों ने उन्हें कागजों में मृत घोषित कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर उनकी जमीन अपने नाम कराने और उसे दूसरे लोगों को बेचने का प्रयास किया।
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फर्जी डेथ सर्टिफिकेट से जमीन हड़पने की साजिश
बुजुर्ग महिला को जब इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल पुलिस से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने विभिन्न स्तरों पर जांच-पड़ताल की। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने द्रोपदी बाई की शिकायत के आधार पर 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
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जांच में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा
एडिशनल पुलिस कमिश्नर मयंक अवस्थी ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि महिला के परिजनों ने फर्जी तरीके से उनका मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया था। इसी दस्तावेज का उपयोग जमीन के नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया में किया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र किसने और किस प्रक्रिया के तहत तैयार किया।
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29 साल बाद दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की गहन जांच के बाद लगभग 29 साल बाद प्रकरण दर्ज किया गया है। जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं और संभावना है कि आने वाले दिनों में कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।


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13 आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी निगाहें
फिलहाल पुलिस ने 13 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस आरोपियों को कब तक गिरफ्तार करती है। वहीं, इस पूरे मामले ने जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और दस्तावेजों के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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