फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Ahilyabai Holkar Jayanti: Smriti Irani addressed the 300th birth anniversary celebrations of Goddess Ahilya

Ahilyabai Holkar Jayanti: पूर्व मंत्री स्मृति ईरानी बोलीं- अहिल्याबाई ने बखूबी संभाली तिजोरी और तोपखाना भी

Sat, 31 May 2025 08:13 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sat, 31 May 2025 08:13 PM IST
सार

देवी अहिल्या की 300वीं जयंती के समापन समारोह में वक्ताओं ने उनके अद्वितीय नेतृत्व, नारी शक्ति और नीति कौशल को श्रद्धांजलि दी। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि अहिल्याबाई न केवल एक कुशल प्रशासक थीं, बल्कि एक शक्तिशाली सैन्य रणनीतिकार भी थीं। 

विज्ञापन
Ahilyabai Holkar Jayanti: Smriti Irani addressed the 300th birth anniversary celebrations of Goddess Ahilya
मंच से संबोधित करती पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देवी अहिल्या की 300वीं जयंती के समापन समारोह में वक्ताओं ने देवी अहिल्या के जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए। बास्केटबॉल स्टेडियम में आयोजित समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि अहिल्याबाई निर्भीक भी थीं और निर्मल भी। वो तिजोरी भी संभलना जानती थीं और तोपखाना भी। उन्होंने कहा कि मालवा के साम्राज्य को चुनौती थी तो अहिल्याबाई ने मातृशक्ति की फौज बनाई। युद्ध किए बगैर कूटनीतिक जीत हासिल कर ली। वहीं, चंद्रकला पहाड़िया ने कहा कि अहिल्याबाई के व्यवहार और सिद्धान्त में अंतर नहीं था। सती प्रथा का उन्होंने विरोध किया। अहिल्याबाई नारी शक्ति का वैश्विक प्रतिमान थीं।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  'देवी अहिल्या की दृष्टि से चल रही सरकार', मोदी बोले- लोकमाता के काम हैं प्रेरणा
विज्ञापन


लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा कि अहिल्याबाई के पास नीति चातुर्य था। राज्य को संगठित रखने की ताकत थी। उन्होंने खुद को कभी रानी नहीं माना। उनके लिए राज्य एक परिवार था। उन्होंने कहा कि 300 साल पहले अहिल्याबाई ने दूर-दूर की यात्रा कर मंदिरों का पुनर्निर्माण कराया। उनकी दृष्टि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की थी। वहीं, नृत्यांगना सोनल मान सिंह ने कहा कि अहिल्याबाई धर्मनिष्ठ थीं। वे प्रजा की भलाई के बारे में हमेशा सोचती थीं। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई गौरव सम्मान की स्थापना होनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed