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इंदौर: राष्ट्रीय अध्यक्ष की मीठे बोल वाली कड़वी दवा ने किया काम,आखिरकार घोषित हुई भाजपा की नगर कार्यकारिणी
Sat, 12 Mar 2022 12:06 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 12 Mar 2022 12:06 PM IST
सार
आखिरकार लंबी प्रतीक्षा के बाद इंदौर भाजपा नगर कार्यकारिणी घोषित हुई। इसमें सिंधिया समर्थकों को भी जगह मिली तो तो भाजपा के अन्य नेताओं के लोगों को भी एडजस्ट किया गया। नगर अध्यक्ष का दबदबा भी कार्यकारिणी में दिखा।
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8 मार्च को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इंदौर आए थे। उन्होंने कोर कमेटी व प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक ली थी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाजपा इंदौर की नगर कार्यकारिणी आखिरकार घोषित हो गई। करीब सालभर से ज्यादा का लंबा इंतजार करना पड़ा। विरोध के स्वर भी उठे और कार्यशैली पर सवाल भी उठाए गए, लेकिन कार्यकारिणी की घोषणा तब हुई पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नसीहत दी। हकीकत चाहे जो हो लेकिन चर्चा यही है राष्ट्रीय अध्यक्ष की मीठे बोल वाली कड़वी दवा ने ही काम किया और नगर कार्यकारिणी घोषित हुई।
दरअसल इंदौर भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने शुक्रवार रात को नगर कार्यकारिणी की घोषणा की। इस कार्यकारिणी में 29 पदाधिकारी बनाए गए हैं। कहा जा रहा है कि इसमें अधिकांश रणदिवे की ही पसंद के हैं, जबकि छह ऐसे हैं जो संधिया समर्थक हैं। भाजपा के अन्य नेताओं के समर्थकों को भी एडजस्ट कर यह संदेश दिया गया कि सबको साधकर कार्यकारिणी बनाई गई है। इसके साथ ही कार्यसमिति सदस्य और विशेष व स्थायी आमंत्रित सदस्य भी बनाए गए हैं। भाजपा से जुड़े लोगों के कार्यकारिणी में अहम माने जाने वाले नगर महामंत्री के तीन पदों में से दो पर विधानसभा क्रमांक 2 से जुड़े नेताओं को स्थान मिला है, जबकि एक रणदिवे की पसंद है। विधायक मालिनी गौड़ के पुत्र एकलव्य गौड़ का नगर उपाध्यक्ष बनाया है। सिंधिया गुट के तीन लोग नगर उपाध्यक्ष और तीन नगर मंत्री बने हैं। इसके अलावा अन्य भाजपा के अन्य नेताओं के समर्थकों को भी शामिल किया गया है।
समन्वय के अभाव में हुई देरी
सूत्रों का कहना है कि लंबित कार्यकारिणी की मुख्य वजह सिंधिया समर्थक ही थे। उनको किस तरह एडजस्ट किया जाए यह चुनौती बना हुआ था। इसके चलते नगर अध्यक्ष समन्वय नहीं बना पा रहे थे। पार्टी के अन्य नेताओं को भी साधना था और खुद के समर्थकों को भी, लिहाजा कोई निर्णय नहीं हो पा रहा था। इसी बीच कई मौकों पर कुछ भाजपाइयों ने कार्यकारिणी में हो रही देरी का दर्द भी जाहिर किया और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा ने तो एक नियुक्ति पर संगठन को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद प्रदेश भाजपा ने शर्मा को नोटिस भी जारी किया, लेकिन मन की बात जाहिर होने से भाजपा की अंतर्कलह उजागर हुई। कहा तो यह भी जा रहा है कि रणदिवे की नगर अध्यक्ष पद पर नियुक्ति से भी शर्मा का मन दुखी हुआ जिस कारण उनकी पीड़ा सामने आती रही।
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लड़ना है तो विपक्षियों से लड़ो, हम तो परिवार के सदस्य हैं
8 मार्च को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इंदौर आए थे। उन्होंने कोर कमेटी व प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक ली थी। इस बैठक से पहले ही नड्डा ने इंदौर भाजपा संगठन से जुड़ी जानकारी जुटा ली थी और यही वजह रही कि बैठक में उन्होंने सधे हुए शब्दों में ऐसी नसीहत दे दी जो कड़वी दवा साबित हुई। पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष को लेकर भी नड्डा ने बात कही थी। उन्होंने कहा था कि खुद के चरित्र का आकलन करने की जरुरत है। क्या सांसद कभी जिला अध्यक्ष के यहां जाते हैं...क्या ये सोचते हैं कि चलो उनके यहां चलते हैं... क्या सरकार के मंत्री कभी प्रदेश के पदाधिकारियों के यहां जाते हैं या प्रदेश के पदाधिकारी किसी विधायक के यहां जाते हैं...। ये समन्वय बहुत जरूरी है। मुझे नहीं पता कि आप लोग ऐसा करते हैं या नहीं, लेकिन ये होना चाहिए। लड़ना है तो कांग्रेस, सपा या विपक्षी दलों से लड़ें। हम सब तो एक परिवार के सदस्य हैं। हम पार्टी के नेता हैं और पब्लिक फेस भी हैं। पोलिंग बूथ पर मन की बात सुनते हैं। देश के प्रधानमंत्री बोल रहे हैं और हम सुन रहे हैं। आपको देखकर बाकी लोग भी देखने लगते हैं। पदाधिकारियों को यह सीख भी दी कि इस फेर में न पड़ें कि आपके कार्यकाल को कोई याद करेगा। आप अच्छा काम करो, जिसकी आत्म संतुष्टि होनी चाहिए। कार्यकारिणी की घोषणा के बाद कहा जा रहा है कि नड्डा की नसीहत का ही असर हुआ कि उनके जाने के तीन दिन बाद कार्यकारिणी घोषित हो गई। हालांकि कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि 12 मार्च को सिंधिया का इंदौर आगमन है और इसी के चलते कार्यकारिणी घोषित कर उनके समर्थकों को भी एडजस्ट किया गया।
ये है इंदौर नगर भाजपा की नई टीम-
नगर उपाध्यक्ष : अशोक चौहान, मुकेश मंगल, नारायण पटेल, पद्मा भोजे, एकलव्य सिंह गौड़, प्रणव मंडल, प्रकाश राठौर, गायत्री गोगड़े, पवन जैसवाल, योगेश गेंदर, दीपक राजपूत।
नगर महामंत्री : संदीप दुबे, सुधेर कोल्हे, सविता अखंड।
नगर मंत्री : वैभव शुक्ला, निक्की करोसिया, ज्योति पंडित, अजीत राय, अनिता व्यास, अतुल बनवड़ीकर, मनदीप बाजवा, माधुरी जैसवाल, राजू सिंह चौहान, पप्पू शर्मा, दिलीप ठाकुर।
कोषाध्यक्ष : गुलाब ठाकुर
कार्यालय मंत्री : ऋषि खनूजा
सह कार्यालय मंत्री : नितिन पांडे
मीडिया प्रभारी : रितेश तिवारी
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दरअसल इंदौर भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने शुक्रवार रात को नगर कार्यकारिणी की घोषणा की। इस कार्यकारिणी में 29 पदाधिकारी बनाए गए हैं। कहा जा रहा है कि इसमें अधिकांश रणदिवे की ही पसंद के हैं, जबकि छह ऐसे हैं जो संधिया समर्थक हैं। भाजपा के अन्य नेताओं के समर्थकों को भी एडजस्ट कर यह संदेश दिया गया कि सबको साधकर कार्यकारिणी बनाई गई है। इसके साथ ही कार्यसमिति सदस्य और विशेष व स्थायी आमंत्रित सदस्य भी बनाए गए हैं। भाजपा से जुड़े लोगों के कार्यकारिणी में अहम माने जाने वाले नगर महामंत्री के तीन पदों में से दो पर विधानसभा क्रमांक 2 से जुड़े नेताओं को स्थान मिला है, जबकि एक रणदिवे की पसंद है। विधायक मालिनी गौड़ के पुत्र एकलव्य गौड़ का नगर उपाध्यक्ष बनाया है। सिंधिया गुट के तीन लोग नगर उपाध्यक्ष और तीन नगर मंत्री बने हैं। इसके अलावा अन्य भाजपा के अन्य नेताओं के समर्थकों को भी शामिल किया गया है।
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समन्वय के अभाव में हुई देरी
सूत्रों का कहना है कि लंबित कार्यकारिणी की मुख्य वजह सिंधिया समर्थक ही थे। उनको किस तरह एडजस्ट किया जाए यह चुनौती बना हुआ था। इसके चलते नगर अध्यक्ष समन्वय नहीं बना पा रहे थे। पार्टी के अन्य नेताओं को भी साधना था और खुद के समर्थकों को भी, लिहाजा कोई निर्णय नहीं हो पा रहा था। इसी बीच कई मौकों पर कुछ भाजपाइयों ने कार्यकारिणी में हो रही देरी का दर्द भी जाहिर किया और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा ने तो एक नियुक्ति पर संगठन को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद प्रदेश भाजपा ने शर्मा को नोटिस भी जारी किया, लेकिन मन की बात जाहिर होने से भाजपा की अंतर्कलह उजागर हुई। कहा तो यह भी जा रहा है कि रणदिवे की नगर अध्यक्ष पद पर नियुक्ति से भी शर्मा का मन दुखी हुआ जिस कारण उनकी पीड़ा सामने आती रही।
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लड़ना है तो विपक्षियों से लड़ो, हम तो परिवार के सदस्य हैं
8 मार्च को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इंदौर आए थे। उन्होंने कोर कमेटी व प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक ली थी। इस बैठक से पहले ही नड्डा ने इंदौर भाजपा संगठन से जुड़ी जानकारी जुटा ली थी और यही वजह रही कि बैठक में उन्होंने सधे हुए शब्दों में ऐसी नसीहत दे दी जो कड़वी दवा साबित हुई। पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष को लेकर भी नड्डा ने बात कही थी। उन्होंने कहा था कि खुद के चरित्र का आकलन करने की जरुरत है। क्या सांसद कभी जिला अध्यक्ष के यहां जाते हैं...क्या ये सोचते हैं कि चलो उनके यहां चलते हैं... क्या सरकार के मंत्री कभी प्रदेश के पदाधिकारियों के यहां जाते हैं या प्रदेश के पदाधिकारी किसी विधायक के यहां जाते हैं...। ये समन्वय बहुत जरूरी है। मुझे नहीं पता कि आप लोग ऐसा करते हैं या नहीं, लेकिन ये होना चाहिए। लड़ना है तो कांग्रेस, सपा या विपक्षी दलों से लड़ें। हम सब तो एक परिवार के सदस्य हैं। हम पार्टी के नेता हैं और पब्लिक फेस भी हैं। पोलिंग बूथ पर मन की बात सुनते हैं। देश के प्रधानमंत्री बोल रहे हैं और हम सुन रहे हैं। आपको देखकर बाकी लोग भी देखने लगते हैं। पदाधिकारियों को यह सीख भी दी कि इस फेर में न पड़ें कि आपके कार्यकाल को कोई याद करेगा। आप अच्छा काम करो, जिसकी आत्म संतुष्टि होनी चाहिए। कार्यकारिणी की घोषणा के बाद कहा जा रहा है कि नड्डा की नसीहत का ही असर हुआ कि उनके जाने के तीन दिन बाद कार्यकारिणी घोषित हो गई। हालांकि कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि 12 मार्च को सिंधिया का इंदौर आगमन है और इसी के चलते कार्यकारिणी घोषित कर उनके समर्थकों को भी एडजस्ट किया गया।
ये है इंदौर नगर भाजपा की नई टीम-
नगर उपाध्यक्ष : अशोक चौहान, मुकेश मंगल, नारायण पटेल, पद्मा भोजे, एकलव्य सिंह गौड़, प्रणव मंडल, प्रकाश राठौर, गायत्री गोगड़े, पवन जैसवाल, योगेश गेंदर, दीपक राजपूत।
नगर महामंत्री : संदीप दुबे, सुधेर कोल्हे, सविता अखंड।
नगर मंत्री : वैभव शुक्ला, निक्की करोसिया, ज्योति पंडित, अजीत राय, अनिता व्यास, अतुल बनवड़ीकर, मनदीप बाजवा, माधुरी जैसवाल, राजू सिंह चौहान, पप्पू शर्मा, दिलीप ठाकुर।
कोषाध्यक्ष : गुलाब ठाकुर
कार्यालय मंत्री : ऋषि खनूजा
सह कार्यालय मंत्री : नितिन पांडे
मीडिया प्रभारी : रितेश तिवारी
