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इंदौर: तीन साल बाद आबाद हुआ सरवटे बस स्टैंड, शुरु हुआ आवागमन, पहुंचने लगे यात्री, चलने लगी बसें
Thu, 24 Mar 2022 05:01 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Thu, 24 Mar 2022 05:01 PM IST
सार
इंदौर का सरवटे बस स्टैंड तीन साल बाद फिर से आबाद नजर आने लगा है। रंगपंचमी के अगले दिन से ही यहां से बसों का संचालन शुरू हो गया है। अलग-अलग रूट की बसें यहां से मिल रही हैं। यात्री भी यहां पहुंच रहे हैं।
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नवनिर्मित सरवटे बस स्टैंड से शुरू हुआ बसों का संचालन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
करीब तीन साल तक बंद रहा शहर का सरवटे बस स्टैंड अब फिर से बसों के आवागमन से आबाद होने लगा है। रंगपंचमी के अगले दिन से ही इस बस स्टैंड से बसों का संचालन शुरू हुआ। पहले दिन जरुर परेशानी आई लेकिन गुरुवार से स्थिति सामान्य हो गई और यात्री यहां पहुंचने लगे।
दरअसल करीब तीन साल बाद सरवटे बस स्टैंड से एक बार फिर बुधवार से यात्रियों का सफर शुरू हुआ। बुधवार को थोड़ा सन्नाटा रहा मगर गुरुवार को चहल पहल बनी रही। बुधवार को बस संचालन का पहला दिन होने के कारण कई यात्रियों को गफलत रही। कुछ यात्री नौलखा बस स्टैंड पर पहुंचे थे, लेकिन वहां से जानकारी मिली की सारी बसें अब सरवटे से चल रही हैं तो वे सरवटे बस स्टैंड परिसर पहुंचे। बस स्टैंड परिसर में पंखे, कुर्सी, सुविधाघर व पीने का पानी उपलब्ध है जिससे यात्री भी संतुष्ट हैं। हालांकि बस स्टैंड परिसर में अभी शिकायत पुस्तिका उपलब्ध नहीं है। सरवटे बस स्टैंड की इमारत में चार लिफ्ट का प्रावधान है। पूर्व में इस बस स्टैंड की इमारत चार मंजिला बनाए जाने प्रावधान था। इस वजह से यहां चार लिफ्ट लगाने के लिए डक्ट बनाए गए हैं। अभी बस स्टैंड की नई इमारत में एक ही लिफ्ट लगाई गई है और शेष डक्ट खुले छोड़ दिए गए है। बस स्टैंड निर्माण करने वाली एजेंसी द्वारा डक्ट को से ढंकने की तैयारी की जा रही है।
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दरअसल करीब तीन साल बाद सरवटे बस स्टैंड से एक बार फिर बुधवार से यात्रियों का सफर शुरू हुआ। बुधवार को थोड़ा सन्नाटा रहा मगर गुरुवार को चहल पहल बनी रही। बुधवार को बस संचालन का पहला दिन होने के कारण कई यात्रियों को गफलत रही। कुछ यात्री नौलखा बस स्टैंड पर पहुंचे थे, लेकिन वहां से जानकारी मिली की सारी बसें अब सरवटे से चल रही हैं तो वे सरवटे बस स्टैंड परिसर पहुंचे। बस स्टैंड परिसर में पंखे, कुर्सी, सुविधाघर व पीने का पानी उपलब्ध है जिससे यात्री भी संतुष्ट हैं। हालांकि बस स्टैंड परिसर में अभी शिकायत पुस्तिका उपलब्ध नहीं है। सरवटे बस स्टैंड की इमारत में चार लिफ्ट का प्रावधान है। पूर्व में इस बस स्टैंड की इमारत चार मंजिला बनाए जाने प्रावधान था। इस वजह से यहां चार लिफ्ट लगाने के लिए डक्ट बनाए गए हैं। अभी बस स्टैंड की नई इमारत में एक ही लिफ्ट लगाई गई है और शेष डक्ट खुले छोड़ दिए गए है। बस स्टैंड निर्माण करने वाली एजेंसी द्वारा डक्ट को से ढंकने की तैयारी की जा रही है।
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टिकट काउंटर पर टिकट बुक करवाने पहुंच रहे यात्री
- फोटो : सोशल मीडिया
14.80 करोड़ की लागत से हुआ है तैयार
बता दें कि रंगपंचमी से पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सरवटे बस स्टैंड व पब्लिक बाइसिकल सिस्टम का वर्चुअली लोकार्पण किया था। बस स्टैंड पर मौजूद कर्मचारी व सुरक्षाकर्मी बसों को 10 मिनट के लिए ही रुकने देंगे, ताकि अन्य बसों को आवाजाही में परेशानी न हो। बस स्टैंड परिसर में प्रदेश के अन्य जिलों की बसों के अलावा शहर में चलने वाली सिटी बसों के रुकने की भी व्यवस्था होगी। बस स्टैंड परिसर में एक समय में 17 बसों के खड़े होने की व्यवस्था होगी। इस तरह बस स्टैंड परिसर से एक दिन में करीब 500 बसों का संचालन हो सकेगा। सरवटे बस स्टैंड में करीब 14.80 करोड़ रुपये खर्च कर दो मंजिला इमारत तैयार हुई है। नवीन बस स्टैंड लगभग 8 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बना है। निर्माण कार्य फरवरी 2019 में शुरू हुआ था। यहां 50 चार पहिया व 100 दो पहिया वाहनों की पार्किंग के लिए व्यवस्था की गई है। तल मंजिल पर यात्री प्रतीक्षालय, बुकिंग काउंटर व पेयजल व्यवस्था, बस स्टैंड कार्यालय व पुलिस चौकी है। 17 बसों के एक समय में बस स्टैंड परिसर में खड़े होने की व्यवस्था है। प्रथम मंजिल पर फूड जोन बनाया गया है।
