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इंदौर: ऑनलाइन गेम में ठगाया पुलिसवाला, 11 लाख से ज्यादा रुपये जीते लेकिन मिला कुछ नहीं, उल्टा खाते से कट गए ढाई लाख रुपये...
Thu, 20 Jan 2022 12:51 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Thu, 20 Jan 2022 12:51 PM IST
सार
ऑनलाइन ठगी का शिकार अब तक तो आमजन ही होते आए हैं लेकिन इंदौर में एक पुलिसवाला भी ऑनलाइन गेमिंग में ठगी का शिकार हो गया। गेम में आरक्षक ने 11 लाख से ज्यादा रुपये जीते लेकिन ये उसे मिले नहीं बल्कि उल्टा उसके खाते से ढाई लाख रुपये गायब हो गए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ऑनलाइन ठगी का शिकार अब तक तो आमजन ही होते आए हैं लेकिन इंदौर में एक पुलिसवाला भी ऑनलाइन गेमिंग में ठगी का शिकार हो गया। गेम में आरक्षक ने 11 लाख से ज्यादा रुपये जीते लेकिन ये उसे मिले नहीं बल्कि उल्टा उसके खाते से ढाई लाख रुपये गायब हो गए। पुलिस ने जांच की और बाद में खाते से गायब रुपये आरक्षक को वापस दिलवाए।
जानकारी के मुताबिक इंदौर पुलिस के एक आरक्षक ने राज्य सायबर सेल में 2021 में शिकायती आवेदन दिया था। आरक्षक ने बताया था कि उसने होम डॉट लककूल डॉट इन नाम की वेबसाइट से ऑनलाइन गेम एप डाउनलोड किया था। गेम खेलते-खेलते चार महीने में थोडे-थोड़े करके ढाई लाख रुपये उसके बैंक खाते से कटते गए। जब बैंक खाता देखा तो इसका पता चला। ऑनलाइन गेम एप के वॉलेट (गेटवे) में 11.29 लाख रुपये जीतना दिखाया। इस पर उसने जीते हुए रुपयों को अपने खाते में ट्रांसफर करने की कोशिश की, लेकिन एप ही बंद हो गया। इसके बाद एप पर दी गई जानकारी भी दिखना बंद हो गई। एप ने काम करना बंद कर दिया तो पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है। राज्य सायबर सेल एसपी जितेन्द्र सिंह ने बताया कि शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू की। इसमें पता चला कि एप हांगकांग से चलाया जा रहा है। सायबर सेल ने जानकारी निकाली और बैंक से संपर्क कर ट्रांजेक्शन रुकवाया और रुपये वापस आरक्षक के खाते में जमा करवाए। आरक्षक के फरियादी के तीन बैंक खातों से रुपये कटे थे। पुलिस इस एप की जड़ तक जाने के लिए तकनीकी जांच में जुटी हुई है। यह भी पता लगा रही है कि इसके माध्यम से और कितने लोगों के साथ ठगी हुई है।
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जानकारी के मुताबिक इंदौर पुलिस के एक आरक्षक ने राज्य सायबर सेल में 2021 में शिकायती आवेदन दिया था। आरक्षक ने बताया था कि उसने होम डॉट लककूल डॉट इन नाम की वेबसाइट से ऑनलाइन गेम एप डाउनलोड किया था। गेम खेलते-खेलते चार महीने में थोडे-थोड़े करके ढाई लाख रुपये उसके बैंक खाते से कटते गए। जब बैंक खाता देखा तो इसका पता चला। ऑनलाइन गेम एप के वॉलेट (गेटवे) में 11.29 लाख रुपये जीतना दिखाया। इस पर उसने जीते हुए रुपयों को अपने खाते में ट्रांसफर करने की कोशिश की, लेकिन एप ही बंद हो गया। इसके बाद एप पर दी गई जानकारी भी दिखना बंद हो गई। एप ने काम करना बंद कर दिया तो पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है। राज्य सायबर सेल एसपी जितेन्द्र सिंह ने बताया कि शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू की। इसमें पता चला कि एप हांगकांग से चलाया जा रहा है। सायबर सेल ने जानकारी निकाली और बैंक से संपर्क कर ट्रांजेक्शन रुकवाया और रुपये वापस आरक्षक के खाते में जमा करवाए। आरक्षक के फरियादी के तीन बैंक खातों से रुपये कटे थे। पुलिस इस एप की जड़ तक जाने के लिए तकनीकी जांच में जुटी हुई है। यह भी पता लगा रही है कि इसके माध्यम से और कितने लोगों के साथ ठगी हुई है।
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