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इंदौर: कमलनाथ सरकार के समय हुआ परिसीमन रद्द करने पर कोर्ट में याचिका, सरकार से कोर्ट ने मांगा जवाब

Sun, 05 Dec 2021 05:04 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Sun, 05 Dec 2021 05:04 PM IST
सार

मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश 2021 को पूर्व सरपंच ने कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट में इस संबंध में याचिका दायर की है जिस पर सुनवाई करते हुए शनिवार को हाई कोर्ट ने सरकार को तीन दिन में जवाब पेश करने को कहा है।

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Indore: Petition in court on cancellation of delimitation during Kamal Nath government, court sought response from government
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश 2021 को पूर्व सरपंच ने कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट में इस संबंध में याचिका दायर की है जिस पर सुनवाई करते हुए शनिवार को हाई कोर्ट ने सरकार को तीन दिन में जवाब पेश करने को कहा है। सरकार ने जो संशोधन किया है उससे 2019 में कांग्रेस सरकार में हुआ पंचायतों का परिसीमन और आरक्षण रद्द हो जाएगा। सुबह याचिका पर सुनवाई हुई और दोपहर में मप्र निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनावों की घोषणा कर दी। इसके बाद याचिकाकर्ता फिर से कोर्ट पहुंचे और मांग की कि याचिका लंबित रहते चुनाव की घोषणा कर सरकार कोर्ट में दिए हलफनामे से पलट रही है।
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जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में मगरखेड़ा के पूर्व सरपंच हैदर पटेल की ओर से याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा है कि जब प्रदेश सरकार वर्ष 2019 में पंचायतों का पुन: परिसीमन कर चुकी है तो बिना कारण से उसे रद्द करना अनुचित है। इससे आरक्षण के रोटेशन पर भी प्रभाव पड़ रहा है। नए परिसीमन से प्रदेश में 1200 नई पंचायतें गठित हुई थी। सरकार ने संशोधन से इन्हें खत्म कर दिया है। सीधे तौर पर उद्देश्य चुनाव में राजनीतिक लाभ लेना है। इंदौर में युगल पीठ के समक्ष हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट विभोर खंडेलवाल ने पैरवी की। कांग्रेस प्रवक्ता एडवोकेट जयेश गुरुनानी के अनुसार याचिका पर शासन की ओर से पक्ष रखते हुए कोर्ट में हलफनामा दिया गया था कि इस बीच चुनाव की घोषणा नहीं होगी। इसलिए चुनावों पर स्थगन की मांग नहीं की गई थी। सुबह 11 बजे याचिका पर सुनवाई हुई और दोपहर में चुनाव की घोषणा कर दी। इसके बाद याचिकाकर्ता फिर से कोर्ट पहुंचे। कोर्ट अब सोमवार को फिर से याचिका पर सुनवाई करती रहेगी।
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