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Indore: लॉकडाउन में इलाज के लिए लिया था कर्ज, चुका नहीं पाया तो तनाव में आकर युवक ने की आत्महत्या

Mon, 23 May 2022 02:15 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Mon, 23 May 2022 02:15 PM IST
सार

लॉकडाउन में एक युवक ने घर चलाने, माता-पिता के इलाज के लिए कर्ज लिया था। दो साल बीत जाने के बाद भी कर्ज नहीं चुका पा रहा था। घर की किश्त भरने में भी परेशानी आ रही थी। इससे युवक तनाव में आ गया और आत्महत्या कर ली। 

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Indore: Loan was taken for treatment in lockdown, if unable to repay, then youth committed suicide due to stress
मृतक मुकेश - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोरोना काल ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। पिछले दो सालों के दौरान कोरोना से कई लोग प्रभावित हुए। अब जबकि कोरोना लगभग खत्म है मगर इसके साइड इफेक्ट अब भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया जिसमें कोरोना काल के दौरान लगे लॉकडाउन में एक ऑटो चालक ने कर्ज लिया मगर चुका नहीं पाया। अवसाद में घिर गया और आत्महत्या कर ली।
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जानकारी के मुताबिक मृतक का नाम मुकेश पिता कन्हैया जोशी (35) है। वह एरोड्रम क्षेत्र की विद्या सागर कॉलोनी में रहता था। घर के पास में खेत पर लगे पेड़ से फंदा बनाकर उसने फांसी लगा ली। वह बुजुर्ग माता-पिता का इकलौता सहारा था। पुलिस के मुताबिक कर्ज को लेकर काफी समय से वह परेशान था। पिता शासकीय शिक्षक थे जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी पेंशन से घर चलता है, लेकिन मकान पर लोन है जिसकी किश्त भरने में दिकक्त आ रही थी। मृतक मुकेश रिक्शा चलाता था। घर में पत्नी लता और एक बेटा व बेटी है। शुरुआती जांच में पता चला कि मुकेश लॉकडाउन के समय से कर्ज से परेशान था। कोरोना के दौरान उसने घर चलाने व बीमार मां-बाप के इलाज के लिए कर्ज लिया था। इसे वह चुका नहीं पा रहा था। घर के मकान की किश्तें भी उसके पिता की पेंशन से चुका रहा था। लेकिन इसके बाद भी उसे घर चलाने में परेशानी आ रही थी। गाड़ी चलाने के दौरान भी घर का खर्च नहीं निकल पा रहा था। इसके चलते उसने यह कदम उठा लिया। परिवार के लोगों का कहना है कि पिता के घर की पेंशन से ही कुछ समय से घर की किश्त भर रहे थे। पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन जांच में कर्ज की बात सामने आई।
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