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खुशखबर: आईआईटी इंदौर को मिला 16वां पेटेंट, ऐसी सर्किट बनाई जिससे कम पॉवर में तेजी से चल सकेंगे उपकरण
Tue, 19 Apr 2022 01:48 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Tue, 19 Apr 2022 01:48 PM IST
सार
भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर को 16वां पेटेंट मिला है। नया पेटेंट ऑफसेट कंपेंसेटेड डाटा सेंसिंग टेकनीक फॉर लो एनर्जी एंबेडेड एसआरएएम पर रिसर्च करने के लिए मिला है। आईआईटी इंदौर अब तक 85 रिसर्च पर पेटेंट लेने के लिए आवेदन कर चुका है।
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आईआईटी इंदौर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर के नाम एक और पेटेंट दर्ज हुआ है। ऑफसेट कंपेंसेटेड डाटा सेंसिंग टेकनीक फॉर लो एनर्जी एंबेडेड एसआरएएम (Offset Compensated Data Sensing Technique for Low Energy Embedded SRAM) पर रिसर्च करने के लिए पेटेंट मिला हैं। अब आईआईटी इंदौर के नाम कुल 16 पेटेंट हो चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक आईआईटी इंदौर अब तक 85 रिसर्च पर पेटेंट लेने के लिए आवेदन कर चुका हैं। 2020 और 2021 में 17-17 पेटेंट लेने के लिए आवेदन किया है। सोमवार को पेटेंट कार्यालय से ऑफसेट कंपेंसेटेड डाटा सेंसिंग टेकनीक फॉर लो एनर्जी एंबेडेड एसआरएएम पर रिसर्च करने के लिए 16वां पेटेंट मिला है। यह रिसर्च संस्था के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. संतोष कुमार विश्वकर्मा और डॉ. भूपेंद्र सिंह रेनीवाल ने की है।
प्रो. संतोष विश्वकर्मा ने बताया कि सीधी भाषा में समझें तो हमने एआई चिप के लिए एक खास मेमोरी को डिजाइन किया हैं। जो, छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होते हैं उनके अंदर जो चिप लगी रहती हैं उसको सपोर्ट करने के लिए सब सर्किट बनाई है। इस सर्किट की वजह से उपकरण कम से कम पॉवर में तेजी से चल सकेंगे साथ ही डाटा की प्रोसेसिंग तेजी से हो सकेगी। बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान आईआईटी ने अपने नाम 13 पेटेंट दर्ज करवाए। 2021 के अंत में संस्थान को देश का पहला हाई इलेक्ट्रॉन मोबिलिटी ट्रांजिस्टर बनाने में सफलता मिली थी। यह आईआईटी इंदौर का पहला वाणिज्यिक पेटेंट था।
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जानकारी के मुताबिक आईआईटी इंदौर अब तक 85 रिसर्च पर पेटेंट लेने के लिए आवेदन कर चुका हैं। 2020 और 2021 में 17-17 पेटेंट लेने के लिए आवेदन किया है। सोमवार को पेटेंट कार्यालय से ऑफसेट कंपेंसेटेड डाटा सेंसिंग टेकनीक फॉर लो एनर्जी एंबेडेड एसआरएएम पर रिसर्च करने के लिए 16वां पेटेंट मिला है। यह रिसर्च संस्था के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. संतोष कुमार विश्वकर्मा और डॉ. भूपेंद्र सिंह रेनीवाल ने की है।
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प्रो. संतोष विश्वकर्मा ने बताया कि सीधी भाषा में समझें तो हमने एआई चिप के लिए एक खास मेमोरी को डिजाइन किया हैं। जो, छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होते हैं उनके अंदर जो चिप लगी रहती हैं उसको सपोर्ट करने के लिए सब सर्किट बनाई है। इस सर्किट की वजह से उपकरण कम से कम पॉवर में तेजी से चल सकेंगे साथ ही डाटा की प्रोसेसिंग तेजी से हो सकेगी। बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान आईआईटी ने अपने नाम 13 पेटेंट दर्ज करवाए। 2021 के अंत में संस्थान को देश का पहला हाई इलेक्ट्रॉन मोबिलिटी ट्रांजिस्टर बनाने में सफलता मिली थी। यह आईआईटी इंदौर का पहला वाणिज्यिक पेटेंट था।
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