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Indore News: शासकीय जमीन पर काट दी कॉलोनी, कलेक्टर ने दर्ज करवाई एफआईआर
Wed, 29 Dec 2021 04:05 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Wed, 29 Dec 2021 04:05 PM IST
सार
कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध कॉलोनी काटने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई का सिलसिला निरंतर जारी है। इसी क्रम में गत दिवस अहस्तांतरणीय भूमि पर अवैध कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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धोखाधड़ी करने वाले 17 दुकानदारों पर नापतौल विभाग ने कार्रवाई की
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध कॉलोनी काटने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई का सिलसिला निरंतर जारी है। इसी क्रम में गत दिवस अहस्तांतरणीय भूमि पर अवैध कॉलोनी काटने के संबंध में गजराज पिता मानसिंह परमार, जगदीश, निर्भय पिता मानसिंह परमार निवासी नावदापंथ के विरुद्ध चंदन नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर मनीष सिंह के समक्ष गजराज परमार, जगदीश, निर्भय परमार द्वारा शासकीय भूमि पर पर अवैध कब्जा कर मकान बनाने एवं पट्टे की भूमि को खुर्दबुर्द किए जाने की शिकायत जनसुनवाई के दौरान प्रस्तुत की गई थी। कलेक्टर ने उक्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीएम प्रतुल सिन्हा को जांच के आदेश दिए। आदेशों के अनुपालन में उक्त भूमि का हल्का पटवारी से जांच प्रतिवेदन लिया गया।
एसडीएम प्रतुल सिन्हा द्वारा बताया गया कि पटवारी द्वारा प्रतिवेदन में बताया है कि ग्राम नावदापंथ स्थित भूमि खसरा नंबर 234/5 रकबा 0.454 हेक्टेयर भूमि स्वामी जगदीश निर्भय गजराज पिता मानसिंह परमार के नाम से वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। उक्त भूमि मिसल बंदोबस्त अनुसार शासकीय चरनोई की भूमि है, जिस पर वर्तमान भूमि स्वामी को जीवन यापन करने के लिए तथा खेती करने के लिए पट्टा दिया गया था। प्रतिवेदन में बताया गया कि यह भूमि वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड में आज भी अहस्तांतरणीय दर्ज है। ग्राम नावदापंथ निवासी गजराज के द्वारा उक्त भूमि पर खेती के प्रयोजन से भिन्न तथा बिना कोई अनुमति के अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित कर दी गई है तथा लोगों द्वारा उक्त भूमि पर निर्माण भी करवा दिया गया है। गजराज द्वारा यह कॉलोनी बिना किसी की अनुमति के अवैध तरीके से लोगों को नोटरी करवाकर बेची गई है। उक्त भूमि को लगभग 33 प्लॉट के अंतर्गत अलग-अलग क्षेत्रफल के अनुसार प्लॉटिंग की गई है। इसमें से लगभग 20 मकान बन चुके हैं और लोग निवास कर रहे हैं।
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छल करते हुए प्राप्त की धनराशि
जांच में यह तथ्य पाया गया कि पट्टेधारियों द्वारा शासकीय भूमि खुर्दबुर्द करने की कार्यवाही की गई है। भूखण्डों का अवैध विक्रय किया गया है। गजराज परमार, जगदीश, निर्भय परमार द्वारा धोखाधड़ी करते हुए भूमि आवंटन कर शासन एवं अवैध आवंटन ग्रहिताओं से छल करते हुए धनराशि प्राप्त की गई है। अतः उक्तानुसार संबंधित गजराज, जगदीश, निर्भय के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420, 406, 120 बी के अंतर्गत थाना चंदन नगर में एफआईआर दर्ज कराई गई।
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उल्लेखनीय है कि कलेक्टर मनीष सिंह के समक्ष गजराज परमार, जगदीश, निर्भय परमार द्वारा शासकीय भूमि पर पर अवैध कब्जा कर मकान बनाने एवं पट्टे की भूमि को खुर्दबुर्द किए जाने की शिकायत जनसुनवाई के दौरान प्रस्तुत की गई थी। कलेक्टर ने उक्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीएम प्रतुल सिन्हा को जांच के आदेश दिए। आदेशों के अनुपालन में उक्त भूमि का हल्का पटवारी से जांच प्रतिवेदन लिया गया।
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एसडीएम प्रतुल सिन्हा द्वारा बताया गया कि पटवारी द्वारा प्रतिवेदन में बताया है कि ग्राम नावदापंथ स्थित भूमि खसरा नंबर 234/5 रकबा 0.454 हेक्टेयर भूमि स्वामी जगदीश निर्भय गजराज पिता मानसिंह परमार के नाम से वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। उक्त भूमि मिसल बंदोबस्त अनुसार शासकीय चरनोई की भूमि है, जिस पर वर्तमान भूमि स्वामी को जीवन यापन करने के लिए तथा खेती करने के लिए पट्टा दिया गया था। प्रतिवेदन में बताया गया कि यह भूमि वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड में आज भी अहस्तांतरणीय दर्ज है। ग्राम नावदापंथ निवासी गजराज के द्वारा उक्त भूमि पर खेती के प्रयोजन से भिन्न तथा बिना कोई अनुमति के अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित कर दी गई है तथा लोगों द्वारा उक्त भूमि पर निर्माण भी करवा दिया गया है। गजराज द्वारा यह कॉलोनी बिना किसी की अनुमति के अवैध तरीके से लोगों को नोटरी करवाकर बेची गई है। उक्त भूमि को लगभग 33 प्लॉट के अंतर्गत अलग-अलग क्षेत्रफल के अनुसार प्लॉटिंग की गई है। इसमें से लगभग 20 मकान बन चुके हैं और लोग निवास कर रहे हैं।
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छल करते हुए प्राप्त की धनराशि
जांच में यह तथ्य पाया गया कि पट्टेधारियों द्वारा शासकीय भूमि खुर्दबुर्द करने की कार्यवाही की गई है। भूखण्डों का अवैध विक्रय किया गया है। गजराज परमार, जगदीश, निर्भय परमार द्वारा धोखाधड़ी करते हुए भूमि आवंटन कर शासन एवं अवैध आवंटन ग्रहिताओं से छल करते हुए धनराशि प्राप्त की गई है। अतः उक्तानुसार संबंधित गजराज, जगदीश, निर्भय के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420, 406, 120 बी के अंतर्गत थाना चंदन नगर में एफआईआर दर्ज कराई गई।
