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इंदौर: भांजे से मिलने दतिया से आए इंदौर लेकिन भूल गए पता...पुलिस ने पहुंचाया घर
Thu, 11 Nov 2021 06:46 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Thu, 11 Nov 2021 06:46 PM IST
सार
दतिया से इंदौर पहुंचे बुजुर्ग यह भूल गए कि उन्हें कहां जाना है। इसके बाद उन्हें पुलिस ने अपने परिजनों से मिलवाया।
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बुजुर्ग के साथ मदद करने वाले पुलिसकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दतिया से इंदौर पहुंचे एक बुजुर्ग यह भूल गए कि उन्हें जाना कहां है। अपने भांजे के घर जाना था लेकिन उसका पता मालूम नहीं था। इसी दौरान वे भटक गए। पुलिस की नजर पड़ी तो उन्हें सबकुछ बताया। पुलिस ने बुजुर्ग को परिजनों से मिलवाया।
जानकारी के मुताबिक दतिया जिले के सोफला गांव के निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग आशाराम दोहरे अपने भांजे अरुण गौतम से मिलने इंदौर आए थे। इंदौर आने के बाद अपने भांजे का पता भूल गए। भटकते हुए नगर निगम चौराहा पर आरक्षक राजेन्द्र व अंकुश को मिले। आरक्षकों ने उनसे उनका नाम पता पूछा। परिजनों के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उनका भांजा अरुण कुमार गौतम इंदौर पुलिस में कार्यरत है। कहां पदस्थ है एवं कहां रहता है, ये नहीं पता। इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी तो वहां से पता चला कि अरुण डीआरपी लाइन इंदौर में है। पुलिस बुजुर्ग को थाने लाई, जहां उन्हें नाश्ता करवाया। इसके बाद वीडियो कॉल पर भांजे अरुण से बात करवाई और घर पहुंचाया।
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जानकारी के मुताबिक दतिया जिले के सोफला गांव के निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग आशाराम दोहरे अपने भांजे अरुण गौतम से मिलने इंदौर आए थे। इंदौर आने के बाद अपने भांजे का पता भूल गए। भटकते हुए नगर निगम चौराहा पर आरक्षक राजेन्द्र व अंकुश को मिले। आरक्षकों ने उनसे उनका नाम पता पूछा। परिजनों के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उनका भांजा अरुण कुमार गौतम इंदौर पुलिस में कार्यरत है। कहां पदस्थ है एवं कहां रहता है, ये नहीं पता। इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी तो वहां से पता चला कि अरुण डीआरपी लाइन इंदौर में है। पुलिस बुजुर्ग को थाने लाई, जहां उन्हें नाश्ता करवाया। इसके बाद वीडियो कॉल पर भांजे अरुण से बात करवाई और घर पहुंचाया।
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