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इंदौर: सीएम की घोषणा के बाद जागी उम्मीद, दो साल बाद इस बार रंगपंचमी पर निकलेगी रंगारंग गेर..!
Sat, 26 Feb 2022 06:44 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 26 Feb 2022 06:44 PM IST
सार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि इस बार खूब होली खेलो, रंगपंचमी मनाओ। गेर निकालो। इसके बाद इंदौर में रंगपंचमी पर निकलने वाली रंगारंग गेर की उम्मीद जागी है। दो साल से गेर नहीं निकल सकी है।
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रंगपंचमी पर इंदौर में इस तरह निकाली जाती है गेर। (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दो सालों से बिना रंगों के मन रही होली और रंगपंचमी इस बार रंगों से सराबोर रहेगी। शनिवार को इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि धूमधाम से होली-रंगपंचमी मनाओ। गेर भी निकालो। शिवरात्रि भी मनाओ। सीएम की इस घोषणा के बाद से शहर में उत्साह है।
दरअसल इंदौर में रंगपंचमी पर इंदौर से परंपरागत गेर निकलती है। इसकी अपनी विशिष्टता और भव्यता है। बताया जाता है कि होलकरकालीन समय से यह परंपरा चल रही है। उस समय इंदौर के शासक होलकरों का महल राजबाड़ा होने की वजह से पूरा शहर यहां पर होली खेलने आता था। होलकरों के शासन के समय शहरवासी यहां पर आकर राजा महाराजाओं की होली देखते थे। कुछ लोग यहां पर इनकी होली में भी शामिल होते थे। उसी समय यहां होली के चार दिन बार रंगपंचमी की गेर निकलना शुरू हुई थी। इस गेर में शामिल लोगों पर गुलाल व कई तरह के रंग उड़ाए जाते हैं। गेर शुरू होने से पहले चाय नाश्ता की जाती है। करीब तीन से चार किलोमीटर का रास्ता गेर तय करती है जिसमें हर उम्र के लोग शामिल होते हैं। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह रहता है।
दो साल से नहीं निकल सकी गेर
इंदौर में आखिरी बार 2019 में गेर निकली थी। उस समय यह कवायद हुई थी कि इस गेर का प्रस्ताव यूनेस्को में भेजा जाए ताकि इसे विश्व धरोहर का दर्जा मिल सके। प्रयागराज में हर 12 साल में होने वाले कुंभ का नाम भी यूनेस्को के पास विश्व धरोहर के लिए भेजा गया है। अफसरों ने दावा किया था कि कुंभ 12 साल में एक बार आता है, जबकि इंदौर में गेर हर साल निकली जाती है। इसलिए इसे विश्वधरोहर की सूची में शामिल किया जाना चाहिए। हालांकि 2019 के बाद कोरोना आया और दो साल से गेर नहीं निकल सकी। अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इंदौर की रंगारंग गेर निकलने की उम्मीद जागी है। हालांकि अभी यह भी कहा जा रहा है कि प्रशासन इसके लिए अलग से गाइडलाइन तय कर सकता है।
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मंच से यह कहा सीएम शिवराज ने
शनिवार को मेरी पॉलिसी मेरे हाथ अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाओ। उज्जैन में 21 लाख दीपक लगेंगे। आप भी दीप जलाओ। होली रंगपंचमी धूमधाम से मनाओ। गेर भी खूब निकालो। मंच से सीएम के यह कहते ही इंदौरवासियों का दिल गदगद हो गया और गेर में झूमने की इच्छाएं जाग गईं। कोरोना का ग्राफ भी बीते दिनों से लगातार कम हो रहा है और अब इसे समाप्ति की ओर माना जा रहा है लेकिन प्रशासन अभी कुछ नहीं कह पा रहा है। आशंका यह भी है कि मार्च के अंत में दोबारा संक्रमण न बढ़ जाए क्योंकि कोरोना की दूसरी लहर में भी मार्च के अंत से ही हालात बिगड़े थे। ऐसे में आशंका बनी हुई है। बता दें कि इस साल 22 मार्च को रंगपचंमी मनाई जाएगी।
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दरअसल इंदौर में रंगपंचमी पर इंदौर से परंपरागत गेर निकलती है। इसकी अपनी विशिष्टता और भव्यता है। बताया जाता है कि होलकरकालीन समय से यह परंपरा चल रही है। उस समय इंदौर के शासक होलकरों का महल राजबाड़ा होने की वजह से पूरा शहर यहां पर होली खेलने आता था। होलकरों के शासन के समय शहरवासी यहां पर आकर राजा महाराजाओं की होली देखते थे। कुछ लोग यहां पर इनकी होली में भी शामिल होते थे। उसी समय यहां होली के चार दिन बार रंगपंचमी की गेर निकलना शुरू हुई थी। इस गेर में शामिल लोगों पर गुलाल व कई तरह के रंग उड़ाए जाते हैं। गेर शुरू होने से पहले चाय नाश्ता की जाती है। करीब तीन से चार किलोमीटर का रास्ता गेर तय करती है जिसमें हर उम्र के लोग शामिल होते हैं। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह रहता है।
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दो साल से नहीं निकल सकी गेर
इंदौर में आखिरी बार 2019 में गेर निकली थी। उस समय यह कवायद हुई थी कि इस गेर का प्रस्ताव यूनेस्को में भेजा जाए ताकि इसे विश्व धरोहर का दर्जा मिल सके। प्रयागराज में हर 12 साल में होने वाले कुंभ का नाम भी यूनेस्को के पास विश्व धरोहर के लिए भेजा गया है। अफसरों ने दावा किया था कि कुंभ 12 साल में एक बार आता है, जबकि इंदौर में गेर हर साल निकली जाती है। इसलिए इसे विश्वधरोहर की सूची में शामिल किया जाना चाहिए। हालांकि 2019 के बाद कोरोना आया और दो साल से गेर नहीं निकल सकी। अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इंदौर की रंगारंग गेर निकलने की उम्मीद जागी है। हालांकि अभी यह भी कहा जा रहा है कि प्रशासन इसके लिए अलग से गाइडलाइन तय कर सकता है।
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मंच से यह कहा सीएम शिवराज ने
शनिवार को मेरी पॉलिसी मेरे हाथ अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाओ। उज्जैन में 21 लाख दीपक लगेंगे। आप भी दीप जलाओ। होली रंगपंचमी धूमधाम से मनाओ। गेर भी खूब निकालो। मंच से सीएम के यह कहते ही इंदौरवासियों का दिल गदगद हो गया और गेर में झूमने की इच्छाएं जाग गईं। कोरोना का ग्राफ भी बीते दिनों से लगातार कम हो रहा है और अब इसे समाप्ति की ओर माना जा रहा है लेकिन प्रशासन अभी कुछ नहीं कह पा रहा है। आशंका यह भी है कि मार्च के अंत में दोबारा संक्रमण न बढ़ जाए क्योंकि कोरोना की दूसरी लहर में भी मार्च के अंत से ही हालात बिगड़े थे। ऐसे में आशंका बनी हुई है। बता दें कि इस साल 22 मार्च को रंगपचंमी मनाई जाएगी।
