क्या 'नाराज' सुषमा डिप्टी PM पर मानेंगी?
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मतगणना से दो दिन पहले ही भोपाल पहुंची भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि वह किसी से कोई नाराज नहीं हैं। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और नितिन गड़करी ने दिल्ली में उनसे शिष्टाचार भेंट की थी।
लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि सुषमा स्वराज ने पार्टी नेतृत्व को जता दिया है कि फैसले तीन-चार लोग मिलकर नहीं करें। सुषमा आगामी सरकार के बारे में होने वाले फैसले पार्टी के ज्यादा व्यापक फोरम पर चाहती हैं।
क्या ये नाराजगी के लक्षण नहीं?
भोपाल आकर कार्यकर्ताओं से सुषमा देर तक मिलती रहीं। हवाई अड्डे पर सुषमा स्वराज ने नाराजगी की खबरों को अटकल बताया है। आवास पर आने के बाद वह प्रेस से मिलने से बचती रहीं।
उनके नाराजगी की खबरों का खंडन करने के बाद भी मतगणना से दो दिन पहले ही उनका अचानक भोपाल आ जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है, वह भी उस समय जब अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी के साथ अरुण जेटली, राजनाथ सिंह और नितिन गड़करी बैठक कर रहे थे।
क्या डिप्टी PM बनेंगी सुषमा?
पार्टी हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें भी अहमदाबाद बुलाया गया था लेकिन उन्होंने यह कहकर जाने से इनकार कर दिया कि उनका भोपाल जाने का कार्यक्रम पहले से तय है।
मध्य प्रदेश में भाजपा नेताओं का कहना है कि सुषमा स्वराज को उप प्रधानमंत्री जैसा सम्मानजनक पद दिया जाना चाहिए। आडवाणी खेमे की माने जानी वाली सुषमा स्वराज के बारे में उनकी संसदीय सीट विदिशा के लोग भी काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं।
विदिशा के नेताओं का अनुमान है कि सुषमा स्वराज कम से कम ढाई लाख मतों के अंतर से जीतेंगी। आडवाणी खेमे की प्रमुख नेता होने के कारण उन्हें सरकार में प्रमुख पद दिए जाने की उम्मीद कई नेता कर रहे हैं।
