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जबलपुर: सरेंडर के पहले दौड़ लगाई, लेकिन कोर्ट में जाने से पहले पकड़ा गया अस्पताल संचालक का बेटा
Mon, 24 May 2021 10:30 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 24 May 2021 10:30 PM IST
सार
जबलपुर के सिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर सरबजीत सिंह मोखा को पहले ही इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। सोमवार को बेटा कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नकली रेमडेसिविर मामले में सिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर सरबजीत सिंह मोखा के बेटे हरकरण सिंह मोखा को गिरफ्तार कर लिया गया। सरबजीत सिंह को पहले ही पकड़ लिया गया था। हरकरण सिंह कोर्ट में सरेंडर करने आया था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
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नकली रेमडेसिविर मामले में आरोपी हरकरण अपनी लग्जरी गाड़ी में सवार होकर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा। हालांकि इससे पहले ही मुखबिर ने पुलिस को सूचित कर दिया था। इसलिए पुलिस उसे सरेंडर करने से पहले दबोचने के लिए मुस्तैद थी। करीब पौने चार बजे बजे हरकरण सिंह कार में सवार कोर्ट के गेट तक पहुंचा और कोर्ट में घुसने के लिए दौड़ लगाई। लेकिन पुलिस ने उससे पहले ही घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
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बता दें, गुजरात के सूरत से बड़े पैमाने पर नकली रेमडेसिविर मध्यप्रदेश के अस्पतालों में पहुंचे थे। इस कारण कई कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी। जबलपुर के उक्त अस्पताल में भी नकली इंजेक्शन की खेप पहुंची थी। इसी मामले में अस्पताल संचालक व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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