फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   High Court's instructions to Narsinghpur District Panchayat: Allot shops to applicants on payment of dues

नरसिंहपुर जिला पंचायत को हाईकोर्ट के निर्देश: बकाया राशि चुकाने पर आवेदकों को आवंटित करो दुकानें

Fri, 04 Mar 2022 08:43 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 04 Mar 2022 08:43 PM IST
सार

मप्र हाईकोर्ट ने नरसिंहपुर जिला पंचायत मैदान कॉम्प्लेक्स में आवंटित दुकान का आवंटन समय पर भुगतान न होने का आधार बनाकर रद्द करने के मामले पर सुनवाई की। आदेश में कहा है कि आवेदकगण तीन माह में बकाया राशि का भुगतान करें तो उन्हें दुकानें आवंटित की जाएं।

विज्ञापन
High Court's instructions to Narsinghpur District Panchayat: Allot shops to applicants on payment of dues
court demo - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नरसिंहपुर जिला पंचायत मैदान कॉम्प्लेक्स में आवंटित दुकान का आवंटन समय पर भुगतान न होने का आधार बनाकर रद्द करने के मामले पर मप्र हाईकोर्ट ने सुनवाई की। जस्टिस पुरुषेन्द्र कौरव की एकलपीठ ने उक्त दुकानों के आवंटन पर आवेदकों को सशर्त राहत प्रदान की है। एकलपीठ ने मामले का पटाक्षेप करते हुए अपने आदेश में कहा है कि आवेदकगण तीन माह में बकाया राशि का भुगतान करें तो उन्हें दुकानें आवंटित की जाएं।
विज्ञापन


 याचिकाकर्ता संस्कार मिश्रा की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि नरसिंहपुर जिला पंचायत ने 98 दुकानों का विक्रय करने की निविदा निकाली थी। जिसमें दुकान क्रमांक बी-1 के लिए वे निविदाकार घोषित हुए थे। उन्होंने तय समय सीमा में अलग-अलग स्तर पर धनराशि का भुगतान जिला पंचायत को कर दिया था, एक अन्य चरण का भुगतान 25 दिसंबर 2020 को करना था। वैश्विक महामारी के मद्देनजर संपूर्ण देश में लॉकडाउन के चलते उक्त धनराशि का भुगतान 25 दिसंबर को न करके 4 जनवरी को किया गया। लेकिन इसके पूर्व 1 जनवरी को जिला पंचायत ने उनके दुकान का आवंटन रद्द कर दिया। जबकि जिला पंचायत नरसिंहपुर की प्रशासकीय समिति की बैठक 8 जनवरी को संपन्न हुई थी, बैठक में सफल निविदाकारों के लिए धनराशि जमा करने की अवधि 30 जनवरी 2021 तक कोरोना काल में लोगों की आर्थिक स्थिति को देखकर बढ़ा दी गई थी। इसके बाद उन्हें बकाया भुगतान न होने का हवाला देते हुए दुकानें आवंटित नहीं की गई थी, जबकि वे भुगतान करने तैयार थे। सुनवाई पश्चात् न्यायलय ने उक्त निर्देश दिए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आनंद चावला ने पक्ष रखा।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed