{"_id":"6ac8f93c2b35a73f3b077bf1","slug":"harda-woman-employee-honorarium-pending-10-months-district-coordinator-suspended-cm-mohan-yadav-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरदा: 10 महीने से महिला कर्मचारी का मानदेय अटका, सीएम मोहन यादव ने जिला संयोजक को सस्पेंड करने के दिए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरदा: 10 महीने से महिला कर्मचारी का मानदेय अटका, सीएम मोहन यादव ने जिला संयोजक को सस्पेंड करने के दिए निर्देश
Fri, 09 Oct 2026 07:55 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Fri, 09 Oct 2026 07:55 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के हरदा में महिला कर्मचारी का 10 महीने से अधिक समय तक मानदेय लंबित रखने के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक प्रमोद माथुर को निलंबित करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरकारी कर्मचारियों का मानदेय महीनों तक अटकाना और लोगों की शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं करना अधिकारियों को भारी पड़ सकता है। हरदा में शुक्रवार को समाधान ऑनलाइन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 महीने से अधिक समय तक महिला कर्मचारी का मानदेय लंबित रखने के मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक प्रमोद माथुर को निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं, सीएम हेल्पलाइन पर लंबे समय से लंबित शिकायतों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
समाधान ऑनलाइन में मुख्यमंत्री ने पांच आवेदकों से सीधे बात कर उनकी समस्याएं सुनीं। महिला कर्मचारी के मानदेय भुगतान में देरी का कारण पूछने पर जिला संयोजक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल निलंबन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन समय पर मिलना चाहिए। किसी कर्मचारी का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए।
बिजली बिल और पुलिस की लंबित शिकायतों पर भी नाराजगी
मुख्यमंत्री ने संदीप गौर से कृषि यंत्रों पर सब्सिडी से जुड़ी शिकायत पर चर्चा की। सतीश उइके की बिजली बिल संबंधी समस्या पर विद्युत विभाग के महाप्रबंधक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली बिल की शिकायतों के निराकरण में देरी पर नाराजगी जताते हुए मीटरों की सैंपल जांच कर जानकारी लेने को कहा। शबाना, रेखा यादव और अरविंद इवने की समस्याएं भी सुनीं।
विज्ञापन
पुलिस विभाग की 100 दिन से अधिक समय से लंबित 27 शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक को खुद समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाए कि शिकायतें किस स्तर पर अटकी हैं और उनके निराकरण में देरी क्यों हो रही है। कृषि, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत और राजस्व विभाग की लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई।
समयसीमा पार होने पर अधिकारियों पर लगेगा अर्थदंड
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत तय समयसीमा में सेवाएं नहीं देने वाले अधिकारियों पर नियमानुसार अर्थदंड लगाया जाए। कलेक्टरों को सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की व्यक्तिगत निगरानी करने को कहा गया। मुख्यमंत्री का कहना था कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार शिकायत नहीं करनी पड़े और प्रशासनिक स्तर पर ही समय पर राहत मिले।
मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने जिले में हस्तांतरित नल-जल योजनाओं की लगातार निगरानी करने और पूर्ण योजनाओं का हस्तांतरण जल्द कराने के निर्देश दिए। विद्युत ट्रिपिंग की समस्या पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
उद्योग, रोजगार और किसानों के नवाचारों पर भी चर्चा
हरदा में विभागीय समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने और नर्मदा परिक्रमा पथ के विकास में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने जिले को आदर्श बनाने के लिए अधिकारियों से मिलकर काम करने को कहा। वरिष्ठ नागरिकों सरगम जैन और विक्रांत अग्रवाल से भी संवाद किया। इस दौरान नाभि कुंड के विकास और ओपन स्टेडियम बनाने के सुझाव सामने आए।
जिला पंचायत सभागार में उद्यमियों, युवाओं और किसानों से संवाद के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने वाले कई प्रयासों की जानकारी दी गई। रजाई निर्माण इकाई संचालित करने वाले पलाश करोड़े ने बताया कि 25 लाख रुपये के बैंक ऋण और सवा छह लाख रुपये के अनुदान से शुरू कारोबार में करीब 72 लोगों को रोजगार मिला है। उनके उत्पाद ऑनलाइन भी बेचे जा रहे हैं।
मूंगदाल प्रसंस्करण से डेयरी कारोबार तक के प्रयासों की जानकारी
अन्य हितग्राहियों ने मूंगदाल प्रसंस्करण, मसाला निर्माण, कृषि उपकरण, बायो सीएनजी, साइलेज और डेयरी व्यवसाय से जुड़े अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण को किसानों की आय बढ़ाने के संभावित माध्यम बताते हुए ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने की बात कही।
जिले के ‘मिशन कोड शक्ति’ के तहत करीब 2,500 विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों, उद्यमियों और किसानों के प्रयासों की सराहना की।
विज्ञापन
समाधान ऑनलाइन में मुख्यमंत्री ने पांच आवेदकों से सीधे बात कर उनकी समस्याएं सुनीं। महिला कर्मचारी के मानदेय भुगतान में देरी का कारण पूछने पर जिला संयोजक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल निलंबन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन समय पर मिलना चाहिए। किसी कर्मचारी का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए।
विज्ञापन
बिजली बिल और पुलिस की लंबित शिकायतों पर भी नाराजगी
मुख्यमंत्री ने संदीप गौर से कृषि यंत्रों पर सब्सिडी से जुड़ी शिकायत पर चर्चा की। सतीश उइके की बिजली बिल संबंधी समस्या पर विद्युत विभाग के महाप्रबंधक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली बिल की शिकायतों के निराकरण में देरी पर नाराजगी जताते हुए मीटरों की सैंपल जांच कर जानकारी लेने को कहा। शबाना, रेखा यादव और अरविंद इवने की समस्याएं भी सुनीं।
विज्ञापन
पुलिस विभाग की 100 दिन से अधिक समय से लंबित 27 शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक को खुद समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाए कि शिकायतें किस स्तर पर अटकी हैं और उनके निराकरण में देरी क्यों हो रही है। कृषि, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत और राजस्व विभाग की लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई।
समयसीमा पार होने पर अधिकारियों पर लगेगा अर्थदंड
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत तय समयसीमा में सेवाएं नहीं देने वाले अधिकारियों पर नियमानुसार अर्थदंड लगाया जाए। कलेक्टरों को सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की व्यक्तिगत निगरानी करने को कहा गया। मुख्यमंत्री का कहना था कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार शिकायत नहीं करनी पड़े और प्रशासनिक स्तर पर ही समय पर राहत मिले।
मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने जिले में हस्तांतरित नल-जल योजनाओं की लगातार निगरानी करने और पूर्ण योजनाओं का हस्तांतरण जल्द कराने के निर्देश दिए। विद्युत ट्रिपिंग की समस्या पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
उद्योग, रोजगार और किसानों के नवाचारों पर भी चर्चा
हरदा में विभागीय समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने और नर्मदा परिक्रमा पथ के विकास में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने जिले को आदर्श बनाने के लिए अधिकारियों से मिलकर काम करने को कहा। वरिष्ठ नागरिकों सरगम जैन और विक्रांत अग्रवाल से भी संवाद किया। इस दौरान नाभि कुंड के विकास और ओपन स्टेडियम बनाने के सुझाव सामने आए।
जिला पंचायत सभागार में उद्यमियों, युवाओं और किसानों से संवाद के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने वाले कई प्रयासों की जानकारी दी गई। रजाई निर्माण इकाई संचालित करने वाले पलाश करोड़े ने बताया कि 25 लाख रुपये के बैंक ऋण और सवा छह लाख रुपये के अनुदान से शुरू कारोबार में करीब 72 लोगों को रोजगार मिला है। उनके उत्पाद ऑनलाइन भी बेचे जा रहे हैं।
मूंगदाल प्रसंस्करण से डेयरी कारोबार तक के प्रयासों की जानकारी
अन्य हितग्राहियों ने मूंगदाल प्रसंस्करण, मसाला निर्माण, कृषि उपकरण, बायो सीएनजी, साइलेज और डेयरी व्यवसाय से जुड़े अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण को किसानों की आय बढ़ाने के संभावित माध्यम बताते हुए ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने की बात कही।
जिले के ‘मिशन कोड शक्ति’ के तहत करीब 2,500 विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों, उद्यमियों और किसानों के प्रयासों की सराहना की।
