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Year Ender 2024: साल 2024 का सबसे बड़ा श्राप बना 'डिजिटल अरेस्ट', कई परिवारों की निगल गया जीवन भर की जमापूंजी
Tue, 31 Dec 2024 05:34 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 31 Dec 2024 05:34 PM IST
सार
साल 2024 में ग्वालियर साइबर अपराधों का प्रमुख केंद्र बन गया, जहां साइबर ठगों ने 12 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। 4000 से अधिक मामलों में, ठगों ने डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों का उपयोग कर कई परिवारों की जीवनभर की जमा पूंजी लूट ली।
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ग्वालियर क्राइम न्यूज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
साल 2024 हमसे अलविदा कहने वाला है, लेकिन इस साल कई ऐसी घटनाएं हुईं, जो हमेशा चर्चा में रहेंगी, तो किसी के लिए यह साल पूरे जीवन की जमा संपत्ति कोई ले गया। आज हम बात ग्वालियर की करेंगे, जिसके लिए साल 2024 साइबर अपराधों के नाम रहा.. इन साइबर अपराधियों ने साइबर फ्रॉड के जरिए ग्वालियर में इस साल लगभग 12 करोड़ से अधिक की ठगी की है, जिसमें कई परिवार ऐसे हैं, जिनकी पूरे जीवन की जमा संपत्ति को ही ऐंठ लिया।
डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के मामले सरकार और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं, ये ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों की मेहनत की कमाई चंद मिनटों में उड़ा देते हैं और यह लगातार बढ़ रही है साइबर फ्रॉड के मामले पुलिस के लिए चुनौती और चेलेंग बने हुए हैं। ग्वालियर में साल 2024 में साइबर फ्रॉड की 4000 से अधिक मामले सामने आए जिनमें इन ठगों ने लगभग 12 करोड़ से अधिक रुपये ठग लिए... वही ग्वालियर में अबकी बार सबसे ज्यादा मोटी रकम इन ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए अपने खाते में डलवाई है। कई ऐसे परिवार हैं जिनके पूरे जीवन की जमा पूंजी डिजिटल अरेस्ट के जरिए गवा दी.. ऐसे में पुलिस भी लगातार ठगी की गई रकम को वापस लाने और इन आरोपियों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह साइबर ठग हर बार पुलिस को चकमा देकर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं।
साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट, गंवा बैठे जीवन की जमा पूंजी
डॉ. सुजाता बापट से डिजिटल लुटेरों ने पुलिस बनकर वीडियो कॉल किया था। उन पर मानव तस्करी का आरोप लगाया उन्हें 21 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 38 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। उन्हें बाद में मालूम चला कि उनके साथ ठगी हुई है वह काफी डर गई। अब इस पूरे मामले में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को अभी तक इसमें किसी भी तरह की कोई सफलता हासिल नहीं हुई है।
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54 लाख में 16 लाख हुए रिकवर
मार्च महीने में सीपी कॉलोनी में रहने वाली रिटायर्ड शिक्षका आशा भटनागर को साइबर क्रिमिनल ने मुंबई पुलिस बनकर धमकाया था कि उनके खिलाफ अश्लील फोटो पोस्ट करने की 25 एफआईआर दर्ज है उन्हें जेल भेजने की धमकी देकर बदमाशों ने उनकी बैंक में जमा 54 लाख रुपये ऑनलाइन लूट लिए थे। इनमें से पुलिस को कुछ सफलता मिली है और 16 लाख रुपये वापस दिला दिए हैं।
रेप केस से बचने के लिए 80 हजार गंवाए
वहीं, ग्वालियर के डबरा में ऑनलाइन ठगों ने 13 जुलाई को पुलिस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल किया और कि आपका बेटा गैंगरेप में पकड़ा है। उसे जेल की धमकी देकर एक लाख 80 हजार रुपये लूट लिए थे।
डिजिटल अरेस्ट कर 21 लाख गंवाए
इसके अलावा ग्वालियर के आयुर्वेदिक डॉक्टर मुकेश कुमार शुक्ला को डिजिटल अरेस्ट कर 21 लाख रुपये अपने खाते में डलवा लिए थे। डॉक्टर को 18 घंटे तक घर में ही डिजिटल अरेस्ट करके रखा और उसके बाद उसके रिश्तेदारों ने मुक्त कराया।
48 घंटे में पांच डिजिटल अरेस्ट
वहीं 6 दिसंबर को ग्वालियर में 48 घंटे में पांच डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं सामने आईं... जिसमें अलग-अलग दंपतियों को 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा था, लेकिन गरीमत रही के इन्होंने समय पर पुलिस को सूचना दे दी और उसके बाद पुलिस ने इन सभी जगह से इन लोगों को मुक्त कराया।
ढाई हजार से अधिक केस
इन बडे़ मामलों के अलावा ढाई हजार से अधिक ऐसे लोग हैं, जिनको इन साइबर ठगों ने अलग-अलग माध्यम से ठभी का शिकार बनाया और करोड़ों रुपये अपने खाते में डलवा लिए थे।
बचाव के लिए पुलिस कर रह जागरूक
वहीं लगातार पढ़ रहे इन साइबर अपराधों को लेकर पुलिस भी काफी चिंतित है, क्योंकि यह साइबर अलग-अलग माध्यम से लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं और उनके पूरे जीवन की जमा पूंजी को अपने खातों में डलवा देते हैं। ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह का कहना है कि 2024 में साइबर अपराधों में लगातार तेजी आई है और अभी ठगी के मामले भी बड़े हैं, लेकिन पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है और इससे कैसे बचा जाए उसको लेकर भी अभियान चला रही है।
बहरहाल ग्वालियर में इन साइबर ठाकुर ने सबसे ज्यादा जख्म दिए.. ऐसे लोगों को उन्होंने ठगा जिन्होंने अपने पूरे जीवन में एक-एक पाई इकट्ठी कर जमा पूंजी रखी थी, लेकिन एक झटके में ही इन ठगों ने बेवकूफ बनाकर करोड़ रुपये ऐंठ लिए। अब नये साल की शुरुआत होने जा रही है। ऐसे में सभी लोगों को इन साइबर अपराधों को लेकर जागरूक होना चाहिए, ताकि ये साइबर ठग अपने अंजाम में सफल न हो पाएं।
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डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के मामले सरकार और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं, ये ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों की मेहनत की कमाई चंद मिनटों में उड़ा देते हैं और यह लगातार बढ़ रही है साइबर फ्रॉड के मामले पुलिस के लिए चुनौती और चेलेंग बने हुए हैं। ग्वालियर में साल 2024 में साइबर फ्रॉड की 4000 से अधिक मामले सामने आए जिनमें इन ठगों ने लगभग 12 करोड़ से अधिक रुपये ठग लिए... वही ग्वालियर में अबकी बार सबसे ज्यादा मोटी रकम इन ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए अपने खाते में डलवाई है। कई ऐसे परिवार हैं जिनके पूरे जीवन की जमा पूंजी डिजिटल अरेस्ट के जरिए गवा दी.. ऐसे में पुलिस भी लगातार ठगी की गई रकम को वापस लाने और इन आरोपियों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह साइबर ठग हर बार पुलिस को चकमा देकर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं।
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साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट, गंवा बैठे जीवन की जमा पूंजी
डॉ. सुजाता बापट से डिजिटल लुटेरों ने पुलिस बनकर वीडियो कॉल किया था। उन पर मानव तस्करी का आरोप लगाया उन्हें 21 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 38 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। उन्हें बाद में मालूम चला कि उनके साथ ठगी हुई है वह काफी डर गई। अब इस पूरे मामले में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को अभी तक इसमें किसी भी तरह की कोई सफलता हासिल नहीं हुई है।
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54 लाख में 16 लाख हुए रिकवर
मार्च महीने में सीपी कॉलोनी में रहने वाली रिटायर्ड शिक्षका आशा भटनागर को साइबर क्रिमिनल ने मुंबई पुलिस बनकर धमकाया था कि उनके खिलाफ अश्लील फोटो पोस्ट करने की 25 एफआईआर दर्ज है उन्हें जेल भेजने की धमकी देकर बदमाशों ने उनकी बैंक में जमा 54 लाख रुपये ऑनलाइन लूट लिए थे। इनमें से पुलिस को कुछ सफलता मिली है और 16 लाख रुपये वापस दिला दिए हैं।
रेप केस से बचने के लिए 80 हजार गंवाए
वहीं, ग्वालियर के डबरा में ऑनलाइन ठगों ने 13 जुलाई को पुलिस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल किया और कि आपका बेटा गैंगरेप में पकड़ा है। उसे जेल की धमकी देकर एक लाख 80 हजार रुपये लूट लिए थे।
डिजिटल अरेस्ट कर 21 लाख गंवाए
इसके अलावा ग्वालियर के आयुर्वेदिक डॉक्टर मुकेश कुमार शुक्ला को डिजिटल अरेस्ट कर 21 लाख रुपये अपने खाते में डलवा लिए थे। डॉक्टर को 18 घंटे तक घर में ही डिजिटल अरेस्ट करके रखा और उसके बाद उसके रिश्तेदारों ने मुक्त कराया।
48 घंटे में पांच डिजिटल अरेस्ट
वहीं 6 दिसंबर को ग्वालियर में 48 घंटे में पांच डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं सामने आईं... जिसमें अलग-अलग दंपतियों को 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा था, लेकिन गरीमत रही के इन्होंने समय पर पुलिस को सूचना दे दी और उसके बाद पुलिस ने इन सभी जगह से इन लोगों को मुक्त कराया।
ढाई हजार से अधिक केस
इन बडे़ मामलों के अलावा ढाई हजार से अधिक ऐसे लोग हैं, जिनको इन साइबर ठगों ने अलग-अलग माध्यम से ठभी का शिकार बनाया और करोड़ों रुपये अपने खाते में डलवा लिए थे।
बचाव के लिए पुलिस कर रह जागरूक
वहीं लगातार पढ़ रहे इन साइबर अपराधों को लेकर पुलिस भी काफी चिंतित है, क्योंकि यह साइबर अलग-अलग माध्यम से लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं और उनके पूरे जीवन की जमा पूंजी को अपने खातों में डलवा देते हैं। ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह का कहना है कि 2024 में साइबर अपराधों में लगातार तेजी आई है और अभी ठगी के मामले भी बड़े हैं, लेकिन पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है और इससे कैसे बचा जाए उसको लेकर भी अभियान चला रही है।
बहरहाल ग्वालियर में इन साइबर ठाकुर ने सबसे ज्यादा जख्म दिए.. ऐसे लोगों को उन्होंने ठगा जिन्होंने अपने पूरे जीवन में एक-एक पाई इकट्ठी कर जमा पूंजी रखी थी, लेकिन एक झटके में ही इन ठगों ने बेवकूफ बनाकर करोड़ रुपये ऐंठ लिए। अब नये साल की शुरुआत होने जा रही है। ऐसे में सभी लोगों को इन साइबर अपराधों को लेकर जागरूक होना चाहिए, ताकि ये साइबर ठग अपने अंजाम में सफल न हो पाएं।
