फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior News ›   Urea found in drug test seized by police, High Court asks accused to pay Rs 10 lakh as compensation

Gwalior: पुलिस का जब्त किया ड्रग जांच में निकला यूरिया, हाईकोर्ट ने DGP को 10 लाख रुपये मुआवजा देने कहा

Sat, 29 Apr 2023 11:32 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Sat, 29 Apr 2023 11:32 AM IST
सार

ग्वालियर खंडपीठ ने एक युवक को झूठे NDPS केस में गिरफ्तार करने के मामले में डीजीपी से पीड़ित को 10 लाख रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
Urea found in drug test seized by police, High Court asks accused to pay Rs 10 lakh as compensation
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शुक्रवार को पुलिस द्वारा एक युवक के खिलाफ एनडीपीएस के एक झूठे मामले में जेल भेजने के मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए डीजीपी से पीड़ित को दस लाख रुपये देने और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने इस मामले में आरोपी से खतरनाक नशीला ड्रग एमडीएमए जब्त करने का दावा किया था, जबकि एफएसएल की जांच में पाया गया कि वह यूरिया है।
विज्ञापन


ग्वालियर के मुरार थाना पुलिस ने 6 सितम्बर 2022 को एक आरोपी को पकड़ा था और दावा किया था कि उसके कब्जे से 760 ग्राम एमडीएम पकड़ी गई है। एमडीएम अभी सबसे मंहगा ड्रग प्रोडक्ट है और इसका उपयोग सेलिब्रिटी द्वारा पूल पार्टियों में किया जाता है। दावा किया गया था कि ग्वालियर के रेस्ट्रोरेंट और फार्म हाउस पर होने वाली पूल पार्टियों में खपाने के लिए यह लाया गया था पुलिस की यह कार्रवाई मीडिया में भी खूब चर्चा में आई थी।
विज्ञापन


इस मामले में मुरार थाना पुलिस ने आरोपी रोहित तिवारी के खिलाफ के एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उनसे 760 ग्राम एमडीएमए ड्रग की जब्ती दिखाई थी और आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। आरोपी ने अपने वकील के माध्यम से इस मामले में आर्टिकल 439 के तहत हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की और उसमें जब्त किए गए पदार्थ की एफएसएल रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश करने का निवेदन किया। हाईकोर्ट ने उस निवेदन को स्वीकार कर रिपोर्ट मंगवाई। रिपोर्ट में पाया गया कि  रोहित तिवारी से जब्त किया गया पदार्थ एमडीएमए ड्रग नहीं बल्कि यूरिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोपी रोहित तिवारी के वकील सुनील गोश्वामी ने बताया कि हाईकोर्ट ने जांच रिपोर्ट में पाया कि जब्त किए गए पदार्थ यूरिया से आरोपी पर एनडीपीएस का मामला नहीं बनता इसलिए यह एफआईआर गलत है, जिसे निरस्त किया जाए। साथ ही कोर्ट ने माना कि रोहित तिवारी को नौ माह तक कस्टडी में रखकर उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन किया गया, जिसके लिए डीजीपी उन्हें कंपनसेशन के रूप में 10 लाख रुपये दें। साथ ही इस मामले से जुड़े और जांच अधिकारियों के लिए निर्देश दिए हैं, कि इस तरह के फॉल्स  भविष्य में दर्ज न हो इसके लिए यह सुनिश्चित करें और दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed