{"_id":"687dad8c726bdb3f080d308c","slug":"ti-mangal-singh-papola-suspended-had-done-fake-encounter-in-neemuch-16-years-ago-disappeared-as-soon-as-cbi-2025-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP news: फर्जी एनकाउंटर मामले में टीआई मंगल सिंह पपोला सस्पेंड, CBI वारंट के बाद चार महीने से थे फरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP news: फर्जी एनकाउंटर मामले में टीआई मंगल सिंह पपोला सस्पेंड, CBI वारंट के बाद चार महीने से थे फरार
Mon, 21 Jul 2025 08:31 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,ग्वालियर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Mon, 21 Jul 2025 08:31 AM IST
सार
ग्वालियर के झांसी रोड थाने में पदस्थ टीआई मंगल सिंह पपोला को चार महीने से ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने के कारण एसएसपी धर्मवीर सिंह ने निलंबित कर दिया है। पपोला 2009 में नीमच जिले में हुए एक कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में आरोपी हैं, जिसमें तस्कर बंशी गुर्जर को मारा गया बताया गया था।
विज्ञापन
CBI वारंट के बाद फरार टीआई मंगल सिंह पपोला सस्पेंड
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झांसी रोड थाने में पदस्थ टीआई मंगल सिंह पपोला को शनिवार रात ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने निलंबित कर दिया है। पपोला बीते चार महीने से लीव पर थे और ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे थे। उन पर 2009 में नीमच जिले में एक कथित फर्जी एनकाउंटर का आरोप है, जिसकी जांच अब सीबीआई के पास है।
सीबीआई ने अप्रैल 2025 में जारी किया वारंट
जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2025 में सीबीआई ने टीआई मंगल सिंह पपोला के खिलाफ वारंट जारी किया था। वारंट लेकर जब सीबीआई की टीम झांसी रोड थाने पहुंची, तो पपोला वहां नहीं मिले। बाद में पता चला कि वह स्पेशल लीव लेकर लापता हो गए हैं और उनका मोबाइल फोन भी बंद है। चार महीने से अंडरग्राउंड रहने के चलते अब उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
2009 में तस्कर के फर्जी एनकाउंटर का मामला
टीआई मंगल सिंह पपोला वर्ष 2009 में नीमच जिले में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे। 7-8 फरवरी 2009 की रात पुलिस ने कथित तौर पर नशे के तस्कर बंशी गुर्जर को एनकाउंटर में मार गिराने का दावा किया था। इस घटना के बाद नीमच पुलिस ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं और पपोला को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर टीआई बनाया गया था।
विज्ञापन
2012 में लौट आया ‘मरा हुआ’ तस्कर
इस मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब तीन साल बाद 2012 में बंशी गुर्जर जिंदा लौट आया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि एनकाउंटर में मारा गया व्यक्ति बंशी नहीं था, और पूरी कार्रवाई फर्जी थी। इसके बाद इस मामले की जांच शुरू हुई, जिसे शुरुआत में CID को सौंपा गया। लेकिन पुलिस विभाग से जुड़े होने के कारण जांच पर लीपापोती के आरोप लगे।
ये भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में कमजोर पड़ा सिस्टम,भारी बारिश से राहत, 23 जुलाई से फिर शुरू होगा तेज बारिश का दौर
कोर्ट के आदेश पर CBI को मिली जांच
बाद में कोर्ट में दायर एक याचिका के आधार पर मामला सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। हाल ही में कोर्ट की सख्ती के बाद सीबीआई ने जांच और कार्रवाई की रफ्तार तेज कर दी है। टीआई मंगल सिंह पपोला के साथ कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। फिलहाल पपोला के निलंबन के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। अब यह देखना होगा कि सीबीआई की अगली कार्रवाई में और किन अधिकारियों की भूमिका उजागर होती है।
विज्ञापन
सीबीआई ने अप्रैल 2025 में जारी किया वारंट
जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2025 में सीबीआई ने टीआई मंगल सिंह पपोला के खिलाफ वारंट जारी किया था। वारंट लेकर जब सीबीआई की टीम झांसी रोड थाने पहुंची, तो पपोला वहां नहीं मिले। बाद में पता चला कि वह स्पेशल लीव लेकर लापता हो गए हैं और उनका मोबाइल फोन भी बंद है। चार महीने से अंडरग्राउंड रहने के चलते अब उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन
2009 में तस्कर के फर्जी एनकाउंटर का मामला
टीआई मंगल सिंह पपोला वर्ष 2009 में नीमच जिले में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे। 7-8 फरवरी 2009 की रात पुलिस ने कथित तौर पर नशे के तस्कर बंशी गुर्जर को एनकाउंटर में मार गिराने का दावा किया था। इस घटना के बाद नीमच पुलिस ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं और पपोला को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर टीआई बनाया गया था।
विज्ञापन
2012 में लौट आया ‘मरा हुआ’ तस्कर
इस मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब तीन साल बाद 2012 में बंशी गुर्जर जिंदा लौट आया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि एनकाउंटर में मारा गया व्यक्ति बंशी नहीं था, और पूरी कार्रवाई फर्जी थी। इसके बाद इस मामले की जांच शुरू हुई, जिसे शुरुआत में CID को सौंपा गया। लेकिन पुलिस विभाग से जुड़े होने के कारण जांच पर लीपापोती के आरोप लगे।
ये भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में कमजोर पड़ा सिस्टम,भारी बारिश से राहत, 23 जुलाई से फिर शुरू होगा तेज बारिश का दौर
कोर्ट के आदेश पर CBI को मिली जांच
बाद में कोर्ट में दायर एक याचिका के आधार पर मामला सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। हाल ही में कोर्ट की सख्ती के बाद सीबीआई ने जांच और कार्रवाई की रफ्तार तेज कर दी है। टीआई मंगल सिंह पपोला के साथ कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। फिलहाल पपोला के निलंबन के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। अब यह देखना होगा कि सीबीआई की अगली कार्रवाई में और किन अधिकारियों की भूमिका उजागर होती है।
