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MP News: खाकी का एक अंदाज ये भी, पुलिस थाने में कराई गोद भराई, गर्भवती महिला का बसाया घर
Wed, 24 Jan 2024 07:15 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, ग्वालियर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 24 Jan 2024 07:15 PM IST
सार
ग्वालियर पुलिस का एक काम अब तारीफ बटोर रहा है। पुलिस ने एक टूटते घर को बचाया। थाने में ही गर्भवती महिला की गोद भराई की और पति के साथ विदा किया।
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ग्वालियर में थाने में ही महिला की गोद भराई की गई।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अपराध को नियंत्रित करने के लिए सदैव सतर्क और आक्रोशित मुद्रा में रहने वाली पुलिस का मानवीय चेहरा ग्वालियर में देखने को मिला। ग्वालियर की उटिला पुलिस द्वारा एक महिला का टूटा हुआ घर पुनः बसाने का सकारात्मक प्रयास किया गया है।
दरअसल उटिला थाना क्षेत्र निवासी एक गर्भवती महिला थाने में अपनी शिकायत लेकर आई थी कि उसका पति उसे साथ नहीं रख रहा है और मारपीट कर उसे घर से भी भगा दिया है। जिस कारण वह अपने माता-पिता के यहां रह रही है। जब एसडीओपी ने उसकी पूरी बात सुनी तो महिला ने एसडीओपी से सवाल किया कि आखिर वह कब तक अपने मायके रहेगी। एसडीओपी संतोष पटेल का कहना था कि इस सवाल ने मुझे वाकई सोचने पर मजबूर किया। तो हमने टीआई शुभम राजावत से मामले को दिखाया। इस दौरान टीआई ने टीआई मेरा भाई वाली भूमिका निभाकर पर गांव निवासी महिला के पति को ढूंढ निकाला और उसे थाने बुलवाया। दोनों को थाना परिसर में समझाइश दी गई। इसके बाद जो पति महिला को अपने साथ रखने के लिए तैयार नहीं था, वह बाद में मान गया और महिला को अपने साथ विदा करके अपने घर ले गया। साथ ही अपने बच्चों को जीवन भर सुखी रखने की कसम खाई।
बताया जा रहा है कि उटिला थाना क्षेत्र के रहने वाली सीमा बंजारन लगभग 20 दिन पहले थाने में अपने पति के खिलाफ मारपीट की शिकायत लेकर आई थी। 20 दिन बाद जब कोई कार्रवाई नजर नहीं आई तो महिला एसडीओपी संतोष पटेल से मिली। जिस पर एसडीओपी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई की। इसके अलावा महिला गर्भवती थी तो थाना परिसर में ही फर्श बिछाकर सभी पुलिसकर्मियो द्वारा महिला की गोद भराई की गई और साड़ी और श्रीफल देकर मोटरसाइकल पर बिठाकर अच्छे भविष्य की शुभकामनाएं देकर विदा किया गया।
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एसडीओपी संतोष पटेल ने कहा कि पति पत्नी के छोटे मोटे विवाद वर्षों तक चलते हैं। जिससे आर्थिक व मानसिक रूप से नुक़सान होता है व परिवार का सामाजिक विघटन भी होता है। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को थाने के सामने मंदिर पर बैठाकर समझाया गया व शक संदेह को दूर करने का प्रयास किया गया। जिस पर दामाद नवल बंजारा भी तैयार हो गया और पुलिस ने गर्भवती बहन को साड़ी, साल, फल मिठाई व देकर गोद भराई की। दोनों ने वरमाला डालकर पुनः एक होकर दंपत्त्य जीवन जीने का संकल्प लिया।
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दरअसल उटिला थाना क्षेत्र निवासी एक गर्भवती महिला थाने में अपनी शिकायत लेकर आई थी कि उसका पति उसे साथ नहीं रख रहा है और मारपीट कर उसे घर से भी भगा दिया है। जिस कारण वह अपने माता-पिता के यहां रह रही है। जब एसडीओपी ने उसकी पूरी बात सुनी तो महिला ने एसडीओपी से सवाल किया कि आखिर वह कब तक अपने मायके रहेगी। एसडीओपी संतोष पटेल का कहना था कि इस सवाल ने मुझे वाकई सोचने पर मजबूर किया। तो हमने टीआई शुभम राजावत से मामले को दिखाया। इस दौरान टीआई ने टीआई मेरा भाई वाली भूमिका निभाकर पर गांव निवासी महिला के पति को ढूंढ निकाला और उसे थाने बुलवाया। दोनों को थाना परिसर में समझाइश दी गई। इसके बाद जो पति महिला को अपने साथ रखने के लिए तैयार नहीं था, वह बाद में मान गया और महिला को अपने साथ विदा करके अपने घर ले गया। साथ ही अपने बच्चों को जीवन भर सुखी रखने की कसम खाई।
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बताया जा रहा है कि उटिला थाना क्षेत्र के रहने वाली सीमा बंजारन लगभग 20 दिन पहले थाने में अपने पति के खिलाफ मारपीट की शिकायत लेकर आई थी। 20 दिन बाद जब कोई कार्रवाई नजर नहीं आई तो महिला एसडीओपी संतोष पटेल से मिली। जिस पर एसडीओपी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई की। इसके अलावा महिला गर्भवती थी तो थाना परिसर में ही फर्श बिछाकर सभी पुलिसकर्मियो द्वारा महिला की गोद भराई की गई और साड़ी और श्रीफल देकर मोटरसाइकल पर बिठाकर अच्छे भविष्य की शुभकामनाएं देकर विदा किया गया।
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एसडीओपी संतोष पटेल ने कहा कि पति पत्नी के छोटे मोटे विवाद वर्षों तक चलते हैं। जिससे आर्थिक व मानसिक रूप से नुक़सान होता है व परिवार का सामाजिक विघटन भी होता है। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को थाने के सामने मंदिर पर बैठाकर समझाया गया व शक संदेह को दूर करने का प्रयास किया गया। जिस पर दामाद नवल बंजारा भी तैयार हो गया और पुलिस ने गर्भवती बहन को साड़ी, साल, फल मिठाई व देकर गोद भराई की। दोनों ने वरमाला डालकर पुनः एक होकर दंपत्त्य जीवन जीने का संकल्प लिया।
