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MP News: मेडिकल की पढ़ाई से कोई नाता नहीं, फर्जी दस्तावेजों से आयुष विभाग में बन बैठी सरकारी डॉक्टर

Mon, 12 Jun 2023 04:38 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 12 Jun 2023 04:38 PM IST
सार

ग्वालियर से पकड़ में आई युवती ने न तो डॉक्टरी की पढ़ाई की है न कोई अनुभव है। इसके बाद भी पहले निजी फिर सरकारी विभाग में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल कर ली। हद तो ये है कि वह बाकायदा मरीजों का इलाज भी कर रही थी।

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MP News: Nothing to do with medical education, government doctor became in Ayush department with fake document
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विस्तार

मध्यप्रदेश के ग्वालियर के सिटी सेंटर स्थित होटल विराट इन से पकड़े गए युवक-युवती से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दोनों 2018 में गजराराजा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर चुकी प्रतीक्षा शर्मा के नाम की डिग्री, इंटर्नशिप सर्टिफिकेट सहित अन्य दस्तावेज निकालने पहुंचे थे। दोनों ने पिक्स आर्ट एप से 2020 में प्रतीक्षा शर्मा का आधार कार्ड बना लिया था। इसके बाद पहले निजी हास्पिटल में नौकरी हासिल की। फिर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। 
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बता दें कि जिस लड़की के दस्तावेज लेने दोनों आरोपी पहुंचे थे, वो प्रतीक्षा शर्मा भाजपा नेता सतीश बौहरे की भांजी हैं। सतीश को जब इस बारे में पता लगा तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। झांसी रोड थाना पुलिस ने होटल में छापा मारकर इन्हें पकड़ लिया। जब कमरे की तलाशी ली तो यहां से प्रतीक्षा शर्मा की डुप्लीकेट मार्कशीट मिली। इसके बाद पूछताछ शुरू की गई। पकड़ में आई युवती ने न तो डॉक्टरी की पढ़ाई की है न कोई अनुभव है। इसके बाद भी पहले निजी फिर सरकारी विभाग में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल कर ली। हद तो ये है कि वह बाकायदा मरीजों का इलाज भी कर रही थी।
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पकड़ी गई युवती पहले तो अपना नाम प्रतीक्षा शर्मा ही बताती रही, लेकिन बाद में उसने हकीकत बताई। उसने बताया कि उसका नाम प्रतीक्षा दायमा है, वह महाराष्ट्र के मालेगांव के मारवाड़ी मोहल्ले में रहती है। उसके साथी का नाम मोहम्मद शफीक है। इन दोनों ने पिक्स आर्ट एप से 2020 में प्रतीक्षा शर्मा का आधार कार्ड बना लिया। इसके बाद पहले निजी हास्पिटल में नौकरी हासिल की। फिर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। छह अक्टूबर को इन दोनों ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का चालान डुप्लीकेट मार्कशीट के लिए जीवाजी यूनिवर्सिटी में जमा किया। अगले दिन मार्कशीट मिल गई। इसके पास से तीन साल का अनुभव प्रमाण पत्र भी मिला है, जो अपेक्स और पल्स केयर हास्पिटल का है।
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जांच में पता चला है कि आरोपी युवती प्रतीक्षा दायमा पिछले करीब तीन साल से बिना डिग्री के डॉक्टर बनी हुई थी। उसने पहले मालेगांव के पल्स केयर हॉस्पिटल और अपेक्स हॉस्पिटल में नौकरी हासिल की। फिर मालेगांव महानगर पालिका के आयुष विभाग में सरकारी डॉक्टर बन गई। यह पूरा फर्जीवाड़ा युवती ने अपने साथी के साथ मिलकर पिक्स आर्ट एप से जीआरएमसी की छात्रा के नाम का आधार कार्ड बनाकर किया। उसने आधार कार्ड से जीवाजी यूनिवर्सिटी से डुप्लीकेट मार्कशीट हासिल कर ली और अपनी नौकरी लगवा ली। 
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