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MP Elections 2023: टिकट मिलने के बाद से विधानसभा क्षेत्र में नहीं गए हैं तोमर, क्या श्राद्ध पक्ष ने रोका?

Sat, 14 Oct 2023 07:09 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 14 Oct 2023 07:09 PM IST
सार

MP Elections 2023: भाजपा ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत तीन केंद्रीय मंत्रियों को विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार बनाया है। 20 दिन बाद भी वे दिमनी विधानसभा में नहीं पहुंचे हैं, जहां उन्हें प्रत्याशी बनाया गया है। 

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MP Elections 2023 Questions raised on Union Minister Narendra Singh Tomar for not going to Dimani Assembly
नरेंद्र सिंह तोमर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने अब तक 136 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत तीन केंद्रीय मंत्रियों को भी उम्मीदवार बनाया है। इन्हें मिलाकर सात सांसद चुनाव लड़ रहे हैं। 25 सितंबर को टिकट घोषित होने के बाद सभी उम्मीदवारों ने अपना प्रचार शुरू कर दिया है। सिर्फ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ही दिमनी विधानसभा क्षेत्र में नहीं पहुंचे हैं, जहां से वे चुनाव लड़ रहे हैं। 

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भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का नाम भी दूसरी सूची में था। उन्होंने इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक एक से प्रचार शुरू करते समय कहा था कि मैं चुनाव नहीं लड़ना चाहता था। पार्टी ने आदेश दिया है तो लड़ना होगा। इसे उनकी नाराजगी से जोड़ा गया। हालांकि, वे प्रचार करते रहे। फिर उन्होंने उज्जैन के पास नागदा में कहा कि मैं विधानसभा क्षेत्र में नहीं जाऊंगा तो भी 50 हजार से अधिक मतों से जीत जाऊंगा। हालांकि, अब तक तोमर के दिमनी नहीं जाने को लेकर अटकलों का बाजार गरमाया हुआ है। तोमर ने भी अब तक दिमनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। पार्टी का आदेश बताकर स्वीकार जरूर किया था, लेकिन उनके क्षेत्र में नहीं जाने से कई सवाल उठ रहे हैं। यह भी बताया जा रहा है कि वे नाराज चल रहे हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि श्राद्ध पक्ष की वजह से ही तोमर ने प्रचार शुरू करने से परहेज बरता है। इसके अलावा भोपाल, दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर बैठकों में भी शामिल रहे हैं। उनके बेटे ने दिमनी में मोर्चा संभाल रखा है। श्राद्ध पक्ष खत्म होने के बाद वे भी दिमनी में सक्रियता दिखाएंगे। दिमनी विधानसभा क्षेत्र को क्षत्रिय बाहुल्य माना जाता है। तोमर पहली बार दिमनी से चुनाव लड़ रहे हैं। टिकट घोषित होने के बाद मुरैना में उन्होंने आचार संहिता से पहले लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रमों में शिरकत की। इसके बाद भी दिमनी नहीं गए। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।  
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क्षत्रिय मतदाता है निर्णायक 
दिमनी विधानसभा में 2.25 लाख मतदाता है। इनमें क्षत्रिय मतदाताओं की संख्या 65 हजार से अधिक है। अनुसूचित जाति से करीब 48 हजार मतदाता हैं। भाजपा के गिर्राज सिंह दंडोतिया 2020 के उपचुनाव में कांग्रेस के रवींद्र भिड़ोसा से हारे थे। बसपा के राजेंद्र सिंह कंसाना ने भी खूब टिकट काटे थे। तब क्षत्रिय और ब्राह्मण वोट निर्णायक रहे थे। एससी वोट भी महत्वपूर्ण है, जिससे यहां त्रिकोणीय मुकाबले होते रहे हैं। इस बार भी भाजपा और कांग्रेस को बसपा टक्कर दे सकती है। 
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