{"_id":"653a231eee279e421600f127","slug":"mp-election-2023-satta-ka-sangram-at-gwalior-mahilao-se-charcha-coverage-news-updates-in-hindi-2023-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP Elections 2023: सत्ता के संग्राम में ग्वालियर की महिलाओं ने रखी अपनी बात, जानिए कौन से मुद्दे रहे खास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Elections 2023: सत्ता के संग्राम में ग्वालियर की महिलाओं ने रखी अपनी बात, जानिए कौन से मुद्दे रहे खास
Thu, 26 Oct 2023 02:30 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 26 Oct 2023 02:30 PM IST
सार
MP Election 2023: चुनावी मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने के लिए अमर उजाला की टीम ग्वालियर पहुंच गई है। 'सत्ता के संग्राम' में महिलाओं ने अपने मुद्दे रखे।
विज्ञापन
सत्ता का संग्राम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। कांग्रेस ने प्रदेश की 230 तो भाजपा ने 228 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। आगामी 17 नवबंर को प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा।चुनाव से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेशभर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। आज हमारा कारवां ग्वालियर पहुंचा है जहां महिलाओं से चर्चा कर उनके मुद्दे जानने की कोशिश की गई।
अमर उजाला की खास पेशकश में एक सवाल पूछा गया कि चुनाव है और ढ़ेर सारे चुनाव देखें होंगे। तो क्या पॉलिटिकल पार्टियां जो वादें करती है, उसमें महिलाओं को ध्यान में रखते हुए वादें होते है या नहीं?
विज्ञापन
हर सेक्टर में महिलाओं को आगे आना चाहिए
इस सवाल पर वीएम शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि महिलाओं का ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश का नेतृत्व करने वाले ऐसा करे कि देश को संभाल सके। इसके साथ ही देश के हर सेक्टर में महिलाओं को आगे आना चाहिए। लेकिन अब महिलाएं काफी हद तक हर सेक्टर में अपना योगदान दे रही है, चाहें वो मेडिकल सेक्टर हो या फिर सेना में हो हर जगह महिलाएं काफी हद तक अपनी सेवा दे रही हैं और महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है।
नहीं होना चाहिए बेरियर
इसी सवाल पर वहां मौजूद संगीता शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि महिलाओं को बहुत सारे स्कीम बताये जाते है, लेकिन जब उस स्कीम को आप लेने के लिए जाते है, उसे मेन्युप्लेट करना चाहते हो, लेकिन आखिरी समय में उसमें इतने इश्यू आना शुरू हो जाते है कि आप उसे छोड़ देते है। इसे लेकर कोई बेरियर नहीं होना चाहिए, बल्कि इसको लेकर कोई समाधान निकलना चाहिए।
इसी कड़ी में एक सवाल ये भी पूछा गया कि जब महिलाएं वोट डालने जाती है तो उनको कौन सा ऐसा इश्यू लगता है कि इसपर नेता ज्यादा फोकस करें और इसका समाधान निकाले।
महिलाओं की भागीदारी बढ़े
इस सवाल पर रानू नाहर ने जवाब देते हुए कहा कि बहुत सारी जगह ऐसी है जो हमेशा छूटती है, चाहे कोई भी पॉलिटिकल पार्टी ले लीजिए, उनका एंजेडा महंगाई, भ्रष्टाचार, शिक्षा पर होता है। लेकिन महिलाओं के मुद्दों पर इन नेताओं का एंजेडा जीरो रहता है, क्योंकि जो आंकड़ें हैं किसी भी सेक्टर में महिलाओं को लेकर वो इसीलिए कम है। इसलिए इसे बढ़ाना चाहिए और महिलाओं को बराबर से मौका देना चाहिए। और तो और अगर चुनाव में उम्मीदवार को देखिए तो उसमें 10 में से 9 पुरष होंगे और 2 महिलाएं होंगी। अगर कायदे से देखा जाए तो महिलाएं एक अच्छी मैनेजर होती हैं, क्योंकि वो अपना घर भी अच्छे से संभाल लेती है, अपने बच्चे को अच्छे से संभाल लेती है और ऑफिस का काम भी कर लेती है, इसलिए ऐसे मौके पर महिलाओं की भागीदारी को अवश्य बढ़ाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खास पेशकश में एक सवाल पूछा गया कि चुनाव है और ढ़ेर सारे चुनाव देखें होंगे। तो क्या पॉलिटिकल पार्टियां जो वादें करती है, उसमें महिलाओं को ध्यान में रखते हुए वादें होते है या नहीं?
विज्ञापन
हर सेक्टर में महिलाओं को आगे आना चाहिए
इस सवाल पर वीएम शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि महिलाओं का ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश का नेतृत्व करने वाले ऐसा करे कि देश को संभाल सके। इसके साथ ही देश के हर सेक्टर में महिलाओं को आगे आना चाहिए। लेकिन अब महिलाएं काफी हद तक हर सेक्टर में अपना योगदान दे रही है, चाहें वो मेडिकल सेक्टर हो या फिर सेना में हो हर जगह महिलाएं काफी हद तक अपनी सेवा दे रही हैं और महिलाओं का सशक्तिकरण हुआ है।
नहीं होना चाहिए बेरियर
इसी सवाल पर वहां मौजूद संगीता शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि महिलाओं को बहुत सारे स्कीम बताये जाते है, लेकिन जब उस स्कीम को आप लेने के लिए जाते है, उसे मेन्युप्लेट करना चाहते हो, लेकिन आखिरी समय में उसमें इतने इश्यू आना शुरू हो जाते है कि आप उसे छोड़ देते है। इसे लेकर कोई बेरियर नहीं होना चाहिए, बल्कि इसको लेकर कोई समाधान निकलना चाहिए।
इसी कड़ी में एक सवाल ये भी पूछा गया कि जब महिलाएं वोट डालने जाती है तो उनको कौन सा ऐसा इश्यू लगता है कि इसपर नेता ज्यादा फोकस करें और इसका समाधान निकाले।
महिलाओं की भागीदारी बढ़े
इस सवाल पर रानू नाहर ने जवाब देते हुए कहा कि बहुत सारी जगह ऐसी है जो हमेशा छूटती है, चाहे कोई भी पॉलिटिकल पार्टी ले लीजिए, उनका एंजेडा महंगाई, भ्रष्टाचार, शिक्षा पर होता है। लेकिन महिलाओं के मुद्दों पर इन नेताओं का एंजेडा जीरो रहता है, क्योंकि जो आंकड़ें हैं किसी भी सेक्टर में महिलाओं को लेकर वो इसीलिए कम है। इसलिए इसे बढ़ाना चाहिए और महिलाओं को बराबर से मौका देना चाहिए। और तो और अगर चुनाव में उम्मीदवार को देखिए तो उसमें 10 में से 9 पुरष होंगे और 2 महिलाएं होंगी। अगर कायदे से देखा जाए तो महिलाएं एक अच्छी मैनेजर होती हैं, क्योंकि वो अपना घर भी अच्छे से संभाल लेती है, अपने बच्चे को अच्छे से संभाल लेती है और ऑफिस का काम भी कर लेती है, इसलिए ऐसे मौके पर महिलाओं की भागीदारी को अवश्य बढ़ाना चाहिए।
