फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior News ›   Mother Stopped Breastfeeding A Five month old Girl, Refused To Give Blood at sheopur

निर्दयी मांः बेटी को खून की जरूरत पड़ी तो फेर लिया मुंह, बोली- मर जाने दीजिए इसे

Sat, 06 Mar 2021 01:08 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 06 Mar 2021 01:08 PM IST
विज्ञापन
Mother Stopped Breastfeeding A Five month old Girl, Refused To Give Blood  at sheopur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay

मध्यप्रदेश में श्योपुर जिले के नागर गांवड़ा गांव में एक कलयुगी मां ने बेटे की आस में छह बेटियों को जन्म दे दिया लेकिन जब छठवीं बेटी हुई तो उसने दूध पिलाना ही बंद कर दिया। कुछ दिन तक दूध नहीं मिलने के कारण बच्ची बीमार हो गई जिससे उसके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो गई और खून की जरूरत पड़ गई। लेकिन यहां भी माता कुमाता बनकर खून देने से भी इनकार कर दिया। आखिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बेटी को तरस आया तो उसने रक्तदान किया। महिला ने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि बेटे की आस में उसे छठवीं बेटी हो गई थी।

विज्ञापन


आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने कलयुगी मां की खोली पोल
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के अनुसार नागर गांवड़ा गांव में सुरेश बैरवा की पत्नी रामपति बाई ने बेटे की आस में छठवीं संतान के रूप में पांच माह पहले बेटी को जन्म दिया था। करीब चार से साढ़े चार माह तक तो स्तनपान कराया, लेकिन बाद में बंद कर दिया गया। ऐसे में पांच महीने की बच्ची अतिकुपोषित हो गई। जानकारी मिलने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्ची का वजन लेने पहुंची। वजन लेने के बाद हर कोई हैरान था, क्योंकि उस पांच माह की बच्ची का वजन 3.5 किलो और खून 3.2 पाइंट ही मिला। 
विज्ञापन


बच्ची को भर्ती करने के लिए मां नहीं हुई तैयार, कहा- मर जाने दीजिए
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने जब भर्ती कराने के लिए कहा, लेकिन मां रामपति तैयार नहीं हुई। इसके बाद परियोजना अधिकारी जितेंद्र तिवारी को जानकारी दी गई। एक मां ने अपनी पांच माह की बच्ची कास्तनपान कराना बंद कर दिया। वे गांव में पहुंचे और बालिका की मां को समझाकर एनआरसी में भर्ती कराया गया। जहां उसका वजन 3.5 किलो और खून 3.2 पाइंट ही मिला। रामपति का ब्लड सैंपल भी लिया गया ताकि प्रिया को ब्लड मैच कराकर चढ़ाया जा सके। लेकिन ब्लड मैच होने के बाद भी मां ने खून देने से मना कर दिया। परियोजना अधिकारी जितेंद्र तिवारी के अनुसार मां रामपति ने कह दिया कि बेटी मर जाए पर वह उसे खून नहीं देगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed