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प्यार-सजा और न्याय: पत्नी से दुष्कर्म के आरोप में पति बरी, कोर्ट ने कहा- फाइल में जीवन नहीं कई जिंदगियां हैं
Fri, 22 Dec 2023 03:03 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 22 Dec 2023 03:03 PM IST
सार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में युवक के खिलाफ एफआईआर को निरस्त कर दिया। दरअसल, पीड़िता की आरोपी से शादी हो चुकी है और उनका एक बेटा भी है। इसी आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।
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हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक युवक को नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में लंबित याचिका को न सिर्फ निरस्त कर दिया है। बल्कि टिप्पणी भी की है कि ऐसे मामले में सजा के पर्याप्त आधार हैं। लेकिन कोर्ट के सामने जो फाइल है, उसमें तीन जिंदगियां जुड़ी हुई हैं, जिसमें एक आरोपी है दूसरी उसकी अगवा और बाद में शादीशुदा पत्नी और उसका एक मासूम बेटा भी है। इसलिए युवक को नाबालिग लड़की के अपहरण दुष्कर्म के मामले से बरी किया जाता है। इसके अलावा निचली अदालत में चल रही सुनवाई को भी निरस्त किया गया है।
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दरअसल, मुरैना के रहने वाले एक युवक ने अपने खिलाफ दर्ज अपहरण और दुष्कर्म के मामले में एफआईआर को निरस्त करने की गुहार लगाई थी। जून 2021 में युवक ने एक नाबालिग लड़की का मुरैना से अपहरण कर लिया था। लड़की के पिता ने इस मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लगभग एक साल बाद लड़की और उसके कथित प्रेमी को कानपुर से पुलिस ने बरामद कर लिया था। ये लोग आपस में मंदिर में शादी भी कर चुके थे। लड़की को जब कोर्ट में पेश किया गया तो उसने अपने माता-पिता के साथ जाने से इनकार कर दिया था। नाबालिग लड़की बरामदगी के समय गर्भवती थी, उसे वन स्टॉप सेंटर यानी नारी निकेतन भेजा गया।
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इस मामले में युवक को दो महीने बाद लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में जमानत भी मिल गई थी। इस दौरान नारी निकेतन में पिछले साल मई के महीने में लड़की ने एक बच्चे को जन्म दिया। इसी साल अगस्त में लड़की बालिग हो गई। तब उसके पति ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाकर अपनी पत्नी को हासिल करने के लिए आवेदन पेश किया।
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युवक ने अपने खिलाफ दर्ज पॉक्सो एक्ट दुष्कर्म और अपहरण के मामले को भी निरस्त करने के लिए गुहार लगाई थी। युवक का कहना था कि वह लड़की के साथ शादी कर चुका है। उसे एक संतान भी पैदा हो चुकी है। ऐसे में उसके खिलाफ मुकदमे को निरस्त किया जाए। कोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए युवक को सभी आरोपों से बरी कर दिया है और उसके खिलाफ एफआईआर भी निरस्त करने के आदेश दिए।
