Gwalior News: रिटायर्ड महिला शिक्षिका को अपराधियों ने 24 एफआईआर और गिरफ्तारी का दिखाया खौफ, ठगे 51 लाख रुपये
Gwalior Crime News: ग्वालियर एएसपी ने बताया कि यह साइबर ठगों द्वारा किया गया ठगी का सबसे बड़ा मामला है। एक बुजुर्ग महिला शिक्षिका को 24 एफआईआर और अरेस्ट वारंट की धमकी देकर ठगों ने अपने खाते में 51 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अब तक का साइबर ठगी का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। यहां साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड शिक्षिका बुजुर्ग महिला की पूरी जीवन की कमाई को ठग लिया। जानकारी के मुताबिक, अपराधियों ने सीपी कॉलोनी में रहने वाली रिटायर्ड शिक्षिका आशा भटनागर को उनके नाम 24 एफआईआर और मुंबई पुलिस के अरेस्ट ऑर्डर पर गिरफ्तारी का खौफ दिखाकर 51 लाख रुपए ठग लिए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन साइबर ठगों ने बुजुर्ग महिला शिक्षिका को वीडियो कॉल पर रखकर न सिर्फ पूरा घर चेक किया, बल्कि अमेरिका में रहने वाली बेटी और दामाद को फोन तक नहीं करने दिया। घटना के बाद से बुजुर्ग महिला बेहद डरी हुई है। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, शहर के मुरार थाना इलाके की सीपी कॉलोनी में रिटायर्ड शिक्षिका आशा भटनागर घर पर अकेली रहती हैं। उनकी बेटी अमेरिका में प्राइवेट कंपनी में कार्यरत है। उन्होंने पुलिस को आपबीती बताई कि 15 मार्च को सुबह उनके पास किसी एक अनजान महिला का फोन आया। उसने अपना नाम सुनीता बताते हुए मुंबई पुलिस का अरेस्ट वारंट होने और अरेस्ट कर लेने की धमकी दी। बुजुर्ग महिला आशा भटनागर ने जब पूछा कि एफआईआर क्यों हुई है तो ठग ने बताया कि आपके नाम पर मुंबई से एक सिम खरीदी गई है। उस सिम से छोटी-छोटी बच्चियों को गंदे-गंदे मैसेज किए गए हैं। इसको लेकर आपके खिलाफ 24 एफआईआर हुई है। उसके बाद साइबर ठगों ने कहा कि अगर आपने यह नहीं किया है तो आप ई एफआईआर कर दीजिए।
पीड़िता ने बताया कि इसके बाद ठगों ने बुजुर्ग महिला को प्ले स्टोर से स्काइप एप डाउनलोड कर आईडी बनाने की बात कही। जब बुजुर्ग महिला मना किया तो उन्होंने कहा कि बड़े अफसर आपकी जमानत के लिए वीडियो कॉलिंग पर सुनवाई कर आपको जमानत दिलाएंगे। इस तरह शिक्षिका आशा भटनागर एक के बाद एक साइबर ठगों के माया जाल में फंसती गईं। उसके बाद उन्होंने पड़ोस में रहने वाले बच्चे से स्काइप आईडी बनवाई फिर साइबर ठगों ने वीडियो कॉल कनेक्ट कर दिया। साथ ही बुजुर्ग महिला से कहा कि वीडियो कॉलिंग के दौरान घर पर सिर्फ आप अकेली रहेंगी। उसके बाद वीडियो कॉल पर साइबर ठगों ने पूरे घर को चेक किया।
महिला शिक्षिका ने बताया कि इसके बाद साइबर ठगों ने कॉल के दौरान बताया कि आपके केस में करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और गिरफ्तारी का ऑर्डर स्काइप पर भेज दिया। इसके बाद बुजुर्ग महिला ने उन्हें एफडी के बारे में बताया और वे साइबर ठगों की धमकी से बुरी तरह से डर गईं। उसके बाद वह बैंक चली गईं, जबकि मोबाइल पर वीडियो कॉल चालू था। बैंक पहुंचने पर साइबर ठगों ने एफडी को तुड़वाने के लिए कहा। इसके बाद महिला शिक्षिका ने 46 लाख रुपये की एफडी निकालकर ठगों के अकाउंट में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। दूसरे दिन फिर साइबर ठगों ने स्काइप कॉल किया और कहा आपके दूसरे खाते की जांच होनी है। इसके बाद महिला शिक्षिका ने पांच लाख रुपये और आरटीजीएस कर दिए।
इस घटना के बाद महिला शिक्षिका काफी डर गईं और अपने बेटी और बेटे को भी फोन नहीं किया। दूसरे दिन जब सब नॉर्मल हुआ तो उन्होंने अपनी बेटी को वाट्सएप कॉल किया और मामले की जानकारी दी। उसके बाद रविवार को बुजुर्ग महिला ने मुरार थाने में जाकर इस घटना की सूचना दी।
वहीं, इस मामले को लेकर ग्वालियर एएसपी सियाज के एम ने बताया कि यह साइबर ठगों द्वारा किया गया ठगी का सबसे बड़ा मामला है। एक बुजुर्ग महिला शिक्षिका को 24 एफआईआर और अरेस्ट वारंट की धमकी देकर ठगों ने अपने खाते में 51 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत के बाद इस पर मामले एफआईआर दर्ज कर ली है, जांच शुरू कर दी गई है।
