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Gwalior: ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने बांग्लादेश बॉर्डर से ठग को पकड़ा, एप डाउनलोड करवाकर वकील से ठगे थे 1.99 लाख
Mon, 02 Dec 2024 06:48 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 02 Dec 2024 06:48 PM IST
सार
ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने बांग्लादेश सीमा से एक ठग को गिरफ्तार किया, जिसने एडवोकेट से एनीडेस्क एप के जरिए 1.99 लाख रुपए की ठगी की थी। पूर्व में दो आरोपी पकड़े गए थे, फरार आरोपी को अब गिरफ्तार किया गया है।
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ऑनलाइन धोखाधड़ी
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने बांग्लादेश बॉर्डर से एक ठग को पकड़ा है। ठग ने शहर के एक एडवोकेट को एनीडेस्क एप डाउनलोड कराने के बाद 1.99 लाख रुपए की ठगी की थी। क्राइम ब्रांच दो आरोपियों को इस मामले में पूर्व में पकड़ चुकी है। पुलिस फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद ग्वालियर लौट आई है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
आपको बता दें कि एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि मेरा फोन-पे काम नहीं कर रहा था। जिस पर उन्होंने इंटरनेट से फोन-पे कस्टमर केयर का नम्बर निकालकर कॉल किया तो उनके द्वारा एनीडेस्क एप डाउनलोड करवाया और मेरे फोन-पे से 1,99,999 रुपए की धोखाधड़ी की गई। फरियादी की शिकायत के बाद थाना क्राइम ब्रांच में अपराध में दर्ज किया गया था। इस मामले में दो आरोपी पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि पश्चिम बंगाल का एक आरोपी फरार चल रहा था। उक्त आरोपी की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा साइबर क्राइम विंग की टीम को लगाया था।
थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम को बांग्लादेश सीमा के पास सागरपारा मुर्शिदाबाद रवाना किया। टीम ने सागरपारा पश्चिम बंगाल पहुंचकर दो दिन तक गांव में आरोपी की रैकी की। जैसे ही आरोपी गांव में दिखा पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी काफी शातिर था और करीब दो साल से फरार चल रहा था।
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आपको बता दें कि एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि मेरा फोन-पे काम नहीं कर रहा था। जिस पर उन्होंने इंटरनेट से फोन-पे कस्टमर केयर का नम्बर निकालकर कॉल किया तो उनके द्वारा एनीडेस्क एप डाउनलोड करवाया और मेरे फोन-पे से 1,99,999 रुपए की धोखाधड़ी की गई। फरियादी की शिकायत के बाद थाना क्राइम ब्रांच में अपराध में दर्ज किया गया था। इस मामले में दो आरोपी पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि पश्चिम बंगाल का एक आरोपी फरार चल रहा था। उक्त आरोपी की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा साइबर क्राइम विंग की टीम को लगाया था।
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थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम को बांग्लादेश सीमा के पास सागरपारा मुर्शिदाबाद रवाना किया। टीम ने सागरपारा पश्चिम बंगाल पहुंचकर दो दिन तक गांव में आरोपी की रैकी की। जैसे ही आरोपी गांव में दिखा पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी काफी शातिर था और करीब दो साल से फरार चल रहा था।
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