{"_id":"66502b71fc7e25cc430c63f7","slug":"gwalior-former-leader-of-opposition-govind-singh-made-a-big-attack-on-mohan-government-2024-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gwalior: पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने बोला मोहन सरकार पर बड़ा हमला, बताया भाजपा सरकार को तानाशाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gwalior: पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने बोला मोहन सरकार पर बड़ा हमला, बताया भाजपा सरकार को तानाशाह
Fri, 24 May 2024 11:24 AM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, ग्वालियर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 24 May 2024 11:24 AM IST
सार
मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स की आवाज उठाने वाले वर्षों पुराने विभिन्न संगठनों, रजिस्ट्रेशनों को समाप्त कर दिया है। संगठनों के रजिस्ट्रेशन समाप्त करने को लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है।
विज्ञापन
डॉ. गोविंद सिंह ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश में चुनाव भले खत्म हो गए हों, पर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति अब भी जोरों पर है। अब पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सरकार को कर्मचारी विरोधी और तानाशाह तक कहा है।
मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स की आवाज उठाने वाले वर्षों पुराने विभिन्न संगठनों, रजिस्ट्रेशनों को समाप्त कर दिया है। संगठनों के रजिस्ट्रेशन समाप्त करने को लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। विभिन्न संस्थानों के पंजीयन रद्द करने को लेकर प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने मोहन सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा सरकार को तानाशाह चेहरा बताया है।
गोविंद सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में 12 लाख कर्मचारी और पेन्शनर्स की आवाज उठाने वाले संगठनों का रजिस्ट्रेशन ख़त्म कर भाजपा सरकार ने अपना कर्मचारी विरोधी और तानाशाह चेहरा एक बार फिर उजागर कर दिया है। इनमें से कुछ संगठन 50 साल तो कुछ 30 साल से अधिक समय से पंजीकृत थे। संगठन का पंजीकरण रद्द करने का अर्थ है कि अब कर्मचारी और पेंशनर्स की ओर से ये संगठन सरकार से बात नहीं कर पाएंगे। यह सीधे-सीधे कर्मचारियों की आवाज को दबाना है। यह आलोकतांत्रिक और मानवाधिकारों का हनन है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि तत्काल इन संगठनों की मान्यता बहाल करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स की आवाज उठाने वाले वर्षों पुराने विभिन्न संगठनों, रजिस्ट्रेशनों को समाप्त कर दिया है। संगठनों के रजिस्ट्रेशन समाप्त करने को लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। विभिन्न संस्थानों के पंजीयन रद्द करने को लेकर प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने मोहन सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा सरकार को तानाशाह चेहरा बताया है।
विज्ञापन
गोविंद सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में 12 लाख कर्मचारी और पेन्शनर्स की आवाज उठाने वाले संगठनों का रजिस्ट्रेशन ख़त्म कर भाजपा सरकार ने अपना कर्मचारी विरोधी और तानाशाह चेहरा एक बार फिर उजागर कर दिया है। इनमें से कुछ संगठन 50 साल तो कुछ 30 साल से अधिक समय से पंजीकृत थे। संगठन का पंजीकरण रद्द करने का अर्थ है कि अब कर्मचारी और पेंशनर्स की ओर से ये संगठन सरकार से बात नहीं कर पाएंगे। यह सीधे-सीधे कर्मचारियों की आवाज को दबाना है। यह आलोकतांत्रिक और मानवाधिकारों का हनन है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि तत्काल इन संगठनों की मान्यता बहाल करें।
विज्ञापन
