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Gwalior: व्यापमं कांड उजागर करने वाले RTI कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी पर केस दर्ज, सुरक्षा जवानों ने लगाए आरोप
Mon, 20 Jan 2025 04:41 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 20 Jan 2025 04:41 PM IST
सार
झांसी रोड थाना क्षेत्र में SAF जवानों से गाली-गलौज और जिंदा जलाने की धमकी देने पर आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। जवानों ने सार्वजनिक अपमान, धमकी और प्रताड़ना की शिकायत की। पुलिस ने ऑडियो क्लिप के आधार पर IPC की धाराओं 353, 506, 294 के तहत मामला दर्ज किया।
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ग्वालियर में आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी की सुरक्षा में लगे जवान ने आरोप लगाए हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
SAF जवानों से गाली-गलौज और जिंदा जलाने की धमकी देने पर पुलिस ने आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के चंद्रबदनी की है। इस मामले में कई SAF जवानों ने थाने में शिकायत की है। पुलिस वायरल ऑडियो के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है।
बता दें कि न्यू आवासीय परिसर 13 बटालियन निवासी रामू सिंह कुशवाह पुत्र फूलसिंह कुशवाह मूल रूप से भिण्ड के रहने वाले और एसएएफ में पदस्थ है। साल 2022 में उनकी ड्यूटी आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी की सुरक्षा में लगाई गई थी। उनके साथ ही एएसआई सर्वेश सिंह, आरक्षक नंदकिशोर बोहरे, योगेन्द्र सिंह भी ड्यूटी पर तैनात थे। जहां पर आरटीआई कार्यकर्ता ने उनका सार्वजनिक अपमान कर गाली-गलौज की थी। अपनी शिकायत में रामू कुशवाह ने बताया कि वह तथा उसके साथी चार से पांच माह उसकी तैनाती में रहे। इस दौरान आरटीआई कार्यकर्ता उनसे घरेलू काम करता था और ना करने पर अपमानित करता था, जिससे वह प्रताड़ित रहे और उनकी सामाजिक छवि धूमिल हुई है।
बाइक में पेट्रोल नहीं भरवाने पर आरटीआई कार्यकर्ता ने उन्हें पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की धमकी दी थी। उनकी ड्यूटी आशीष चतुर्वेदी की सुरक्षा की थी, लेकिन वह उन्हें जबरन परिजनों के साथ भेजता था और उसके परिजन भी उनको अपमानित करते थे। इसकी शिकायत उन्होंने अफसरों से की, लेकिन उनकी ड्यूटी पुलिस मुख्यालय से लगती थी तो शिकायत के बाद भी उनकी ड्यूटी आशीष की सुरक्षा में रही। इस दौरान वह लगातार उनकी नौकरी खाने और वर्दी उतरवाने के नाम पर धमकाता था।
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मामले की जानकारी देते हुए एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि थाना झांसी रोड अंतर्गत एक आरटीआई कार्यकर्ता को सुरक्षा प्रदान है। इसलिए उनकी सुरक्षा में गार्ड लगाए गए थे। उनके सुरक्षा कर्मियों द्वारा थाने पर आवेदन दिया गया है कि उनको व्यक्तिगत तौर से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही सार्वजनिक जगह पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। शिकायती आवेदन पत्र पर जांच के बाद 353, 506, 294 आईपीएस एक्ट के तहत एक मामला पंजीबद्ध किया गया है। यह घटनाक्रम करीब एक से डेढ़ साल तक चला है। सुरक्षा कर्मियों द्वारा पूर्व में भी दिए गए आवेदनों को भी जांच में सम्मिलित किया गया है। इस संबंध में एक आरआई से अभी रिपोर्ट ली जाएगी। सुरक्षा कर्मियों के द्वारा एविडेंस के तौर पर ऑडियो क्लिप दी गई है। उसके आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
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बता दें कि न्यू आवासीय परिसर 13 बटालियन निवासी रामू सिंह कुशवाह पुत्र फूलसिंह कुशवाह मूल रूप से भिण्ड के रहने वाले और एसएएफ में पदस्थ है। साल 2022 में उनकी ड्यूटी आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी की सुरक्षा में लगाई गई थी। उनके साथ ही एएसआई सर्वेश सिंह, आरक्षक नंदकिशोर बोहरे, योगेन्द्र सिंह भी ड्यूटी पर तैनात थे। जहां पर आरटीआई कार्यकर्ता ने उनका सार्वजनिक अपमान कर गाली-गलौज की थी। अपनी शिकायत में रामू कुशवाह ने बताया कि वह तथा उसके साथी चार से पांच माह उसकी तैनाती में रहे। इस दौरान आरटीआई कार्यकर्ता उनसे घरेलू काम करता था और ना करने पर अपमानित करता था, जिससे वह प्रताड़ित रहे और उनकी सामाजिक छवि धूमिल हुई है।
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बाइक में पेट्रोल नहीं भरवाने पर आरटीआई कार्यकर्ता ने उन्हें पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की धमकी दी थी। उनकी ड्यूटी आशीष चतुर्वेदी की सुरक्षा की थी, लेकिन वह उन्हें जबरन परिजनों के साथ भेजता था और उसके परिजन भी उनको अपमानित करते थे। इसकी शिकायत उन्होंने अफसरों से की, लेकिन उनकी ड्यूटी पुलिस मुख्यालय से लगती थी तो शिकायत के बाद भी उनकी ड्यूटी आशीष की सुरक्षा में रही। इस दौरान वह लगातार उनकी नौकरी खाने और वर्दी उतरवाने के नाम पर धमकाता था।
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मामले की जानकारी देते हुए एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि थाना झांसी रोड अंतर्गत एक आरटीआई कार्यकर्ता को सुरक्षा प्रदान है। इसलिए उनकी सुरक्षा में गार्ड लगाए गए थे। उनके सुरक्षा कर्मियों द्वारा थाने पर आवेदन दिया गया है कि उनको व्यक्तिगत तौर से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही सार्वजनिक जगह पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। शिकायती आवेदन पत्र पर जांच के बाद 353, 506, 294 आईपीएस एक्ट के तहत एक मामला पंजीबद्ध किया गया है। यह घटनाक्रम करीब एक से डेढ़ साल तक चला है। सुरक्षा कर्मियों द्वारा पूर्व में भी दिए गए आवेदनों को भी जांच में सम्मिलित किया गया है। इस संबंध में एक आरआई से अभी रिपोर्ट ली जाएगी। सुरक्षा कर्मियों के द्वारा एविडेंस के तौर पर ऑडियो क्लिप दी गई है। उसके आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
