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Gwalior: बेटा खो चुकी महिला कर्मचारी सैलरी के लिए भटक रही, अधिकारियों के सामने फूट-फूटकर रोई, देखें वीडियो

Wed, 02 Nov 2022 09:48 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 02 Nov 2022 09:48 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में एक महिला सफाई कर्मचारी मदद की गुहार के लिए दर-दर भटक रही है। बीते करीब छह महीने से उसको सैलरी नहीं मिली है। ऐसा कहा जा रहा है कि आर्थिक तंगी के चलते भूख के कारण उसके बेटे की मौत हो गई।

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Female sweeper in Gwalior did not get salary for six months
महिला सफाई कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्वालियर में निगम की एक सफाई महिला कर्मचारी मदद की गुहार के लिए मंत्री और प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंची। यह महिला सफाई कर्मचारी पिछले छह महीने से अपने वेतन के लिए दर-दर भटक रही है। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण अभी हाल में ही उसके बेटे ने दम तोड़ दिया था, लेकिन इसके बावजूद इसकी गुहार को सुनने वाला कोई नहीं है। यही कारण है कि सरकार के कार्यक्रम में पहुंची, जहां प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट सहित तमाम जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी मौजूद रहे। वह उनके सामने फूट-फूटकर मदद की गुहार लगाती रही।

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दरअसल, शहर के वार्ड क्रमांक-35 में रहने वाली निर्मला धौलपुरिया छह महीने पहले सफाई कर्मचारी पद के लिए नगर निगम कमिश्नर को आवेदन दिया था। आर्थिक स्थिति को देखते हुए महिला को सफाई कर्मचारी के पद पर रख लिया। उसके बाद यह महिला लगातार पिछले छह महीने से काम कर रही है, लेकिन उसके बाद इस महिला सफाई कर्मचारी को न तो उसकी सैलरी जा रही है और न ही उसकी हाजिरी भरी जा रही है। वह कई महीनों से अपनी सैलरी के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही है। लेकिन कोई भी अधिकारी इसकी बात सुनने को तैयार नहीं है।

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Female sweeper in Gwalior did not get salary for six months
छह महीने से सैलरी के लिए भटक रही - फोटो : अमर उजाला

इस महिला सफाई कर्मचारी का कहना है, कुछ साल पहले उसका पति उसको छोड़कर चला गया है। उसके भरण पोषण के लिए कोई दूसरा साधन नहीं है। अभी कुछ दिन पहले ही उसका सात साल का बेटा भी चल बसा। महिला सफाई कर्मचारी पिछले कई महीने से मदद की गुहार लगा रही है, लेकिन इसकी बात को सुनने के लिए कोई तैयार नहीं है।

इसी कड़ी में बुधवार को महिला सफाई कर्मचारी कार्यक्रम में पहुंची, जहां पर वह फूट-फूटकर रोने लगी। उसका कहना है, उसके भरण-पोषण के लिए अब कोई साधन नहीं है। वह पिछले छह महीने से सफाई कर्मचारी के पद पर काम कर रही है, लेकिन उसे पैसे नहीं दिए जा रहे। अधिकारियों की ओर से लगातार आश्वासन दिया जा रहा है। सफाई महिला कर्मचारी ने नगर निगम कमिश्नर किशोर कन्याल से मुलाकात की। किशोर कन्याल ने कहा है कि हम इसकी जांच करवा रहे हैं। महिला को तत्काल मदद दी जाएगी।

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