Crime: ग्वालियर में बैठकर ठगों ने 250 अमेरिकी लोगों को ठगा, अमेरिका की FBI ने पुलिस से मांगी जानकारी
अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफर इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने ग्वालियर पुलिस से उन ठगों की जानकारी मांगी है, जिन्होंने ग्वालियर में बैठकर अमेरिका में रहने वाले लगभग 250 से ज्यादा लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। गुजरात और आगरा (उत्तर प्रदेश) के शातिर ठगों की गैंग ग्वालियर की सेंट्रल जेल में बंद है।
विस्तार
लैंडिंग क्लब अमरीकन कंपनी का एजेंट बनकर गुजरात के ठगों ने ग्वालियर के आनंद नगर में ठिकाना बनाया था। इस धंधे का मास्टरमाइंड सागर और महिला साथी मोनिका दोनों अहमदाबाद के निवासी हैं, जिसे ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने अप्रैल 2022 में गिरफ्तार किया था।
पुलिस के सामने दोनों ने खुलासा किया था कि अपने अन्य पांच साथियों के साथ मिलकर विदेशियों से लोन के नाम पर सिक्योरिटी नंबर, बैंकिंग डिटेल लेकर फिर वेरीफाई करने का हवाला देकर कमीशन में इंटरनेशनल गिफ्ट वाउचर (अमरीकन एक्सप्रेस, गूगल प्ले कार्ड, बेस्ट बाई, एप्पल, बनीला वीजा) लेते थे। इन गिफ्ट वाउचर को गिरोह का मास्टरमाइंड शॉपिंग के जरिए कैश में बदल लेता था। ठगों के टारगेट पर सिर्फ विदेशी और विशेषकर अमरीका के निवासी होते थे। ठगों ने अमरीका में रहने वाले करीब 250 से ज्यादा लोगों को ठगने का खुलासा किया था।
सभी आरोपी जेल में...
ठगी का सरगना सागर और उसकी पार्टनर मोनिका और अन्य पांच साथी इन दिनों जेल में हैं। इन दोनों ठगों और उनके ठिकाने से बरामद लैपटॉप कम्प्यूटर में अमरीका के कितने लोगों का डेटा था। एफबीआई के क्राइम ब्रांच से ब्योरा मांगा है। इसके साथ ही एफबीआई ने अमेरिकी नागरिकों के स्टेटमेंट लेकर ग्वालियर क्राइम पुलिस को थमाए है, जिसे लेकर क्राइम ब्रांच पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।
वहीं एएसपी क्राइम राजेश डंडोतिया का कहना है कि लैंडिंग क्लब अमरीकन कंपनी का एजेंट बनकर लोगों को आसान लोन दिलाने का वादा करने वाले ठगों की कुंडली अब फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन (एफबीआई) भी खंगाल रही है। अमरीकन जांच एजेंसी ने ठगों के बारे में ग्वालियर पुलिस से ब्योरा मांगा है। इसके साथ ही ठगे गए अमेरिकन नागरिकों के स्टेटमेंट भी पुलिस को दिए हैं।
