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MP: दो परिवारों के बीच 8 साल का विवाद चंद मिनटों में सुलझा, DSP संतोष पटेल ने निभाई भूमिका; जानिए ये कैसे हुआ
Mon, 21 Oct 2024 02:21 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Mon, 21 Oct 2024 02:21 PM IST
सार
MP: ग्वालियर में स्थित "समझौते वाले हनुमान बाबा" मंदिर में दो परिवारों के बीच 8 साल से चला आ रहा पुराना विवाद चंद मिनटों में समाप्त हो गया, जिसे समाज, पुलिस और कोर्ट भी नहीं सुलझा पाए थे। रंजिश खत्म होते ही दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के गले लगकर माफी मांगी और पुलिस की मौजूदगी में मिलकर खीर और दाल टिक्कड़ का भंडारा कराया।
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दो परिवारों के बीच सुलहा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ग्वालियर के थाना हस्तिनापुर क्षेत्र के "समझौता वाले हनुमान बाबा" मंदिर पर पुलिस के प्रयास से दो परिवार जो एक दूसरे के जानी दुश्मन थे, वो एक हो गए। बता दें कि हस्तिनापुर का छोंदी गांव गुर्जर बाहुल्य है, यहां के रहने वाले रामलखन सिंह गुर्जर (पटवारी) और शिवराज सिंह गुर्जर के गुट के बीच आठ साल पहले खेत की मेड़ पर चारा काटने को लेकर मारपीट हुई थी।
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दोनों ओर से लाठी, डंडे और बंदूकें तन चूंकि है। आठ साल में दोनों गुट 15 से 20 बार आमने-सामने आ चुके थे। कई बार हुए खूनी संघर्ष में अब तक 20 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं, दोनों तरफ से एक-दूसरे पर 3-3 FIR दर्ज दर्ज हैं। विवाद को रोकने के लिए 14 बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी दोनों पक्षों पर की जा चुकी है, लेकिन विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था। एक बार फिर दोनों गुट के लोग आमने-सामने आए और तनातनी हो गई थी।
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इस दुश्मनी को खत्म करने के लिए पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया और "समझौते वाले हनुमान जी" के सामने बैठाया और पुलिस ने समझाया, पहले तो दोनों पक्षों में गहमागहमी हुई, लेकिन कुछ देर बाद दिल मिल गए। उनको समझ आया कि इस संघर्ष में उन्होंने पिछले आठ साल में क्या-क्या खोया है।
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हनुमान जी को साक्षी मानकर दोनों पक्षों ने संकल्प लिया कि अब कभी नहीं लड़ेंगे और अपने बच्चों को पढ़ा-लिखा कर अच्छे संस्कार देंगे। इसके बाद दोनों पक्ष के लोगों ने एक-दूसरे के गले लगकर माफी मांगी और मिलकर खीर-दाल टिक्कड़ का भंडारा कराया। जहां भंडारे में हस्तिनापुर थाने का पुलिस बल मौजूद रहा।
