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ग्वालियर: पूर्व मंत्री गोविंद सिंह की याचिका पर सिंधिया, दिग्विजय, सुमेर सिंह और पूर्व विधायक बरैया को नोटिस जारी
Tue, 05 Apr 2022 06:21 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 05 Apr 2022 06:21 PM IST
सार
पूर्व मंत्री गोविंद सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट की ग्वालियर खंड पीठ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, सांसद सुमेर सिंह सोलंकी और पूर्व विधायक फूल सिंह बरैया को नोटिस जारी किया है।
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पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह की याचिका पर मध्य प्रदेश की ग्वालियर खंडपीठ ने तीन सांसदों और पूर्व विधायक को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी और पूर्व विधायक फूल सिंह बरैया को नोटिस जारी किया है।
दरअसल मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने याचिका लगाई थी, जिसमें राज्यसभा सांसद के रूप में निर्वाचित ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्वाचन को चुनौती दी गयी थी, जिसमें पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता गोविंद सिंह की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्यसभा के निर्वाचन के दौरान नामांकन पत्र दाखिल करते समय कुछ तथ्य छिपाए थे। इस आधार पर सिंधिया के निर्वाचन को चुनौती दी गई है।
याचिका में कहा गया है कि 2018 में भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सार्वजनिक रूप से स्वीकारा भी था, लेकिन अब वह कांग्रेस में नहीं हैं और भाजपा से राज्यसभा के सांसद चुने गए हैं। अपने नामांकन में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उस मामले को छुपाया है, जो नियमों का साफ उल्लंघन है। ऐसे में ज्योतिरादित्य सिंधिया का राज्यसभा चुनाव शून्य घोषित किया जाना चाहिए। हाल ही में इस याचिका को ग्वालियर बेंच में ट्रांसफर किया गया है, जिस पर हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। वहीं, गोविंद सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज्यसभा चुनाव को शून्य घोषित करेगा।
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दरअसल मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने याचिका लगाई थी, जिसमें राज्यसभा सांसद के रूप में निर्वाचित ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्वाचन को चुनौती दी गयी थी, जिसमें पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता गोविंद सिंह की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्यसभा के निर्वाचन के दौरान नामांकन पत्र दाखिल करते समय कुछ तथ्य छिपाए थे। इस आधार पर सिंधिया के निर्वाचन को चुनौती दी गई है।
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याचिका में कहा गया है कि 2018 में भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सार्वजनिक रूप से स्वीकारा भी था, लेकिन अब वह कांग्रेस में नहीं हैं और भाजपा से राज्यसभा के सांसद चुने गए हैं। अपने नामांकन में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उस मामले को छुपाया है, जो नियमों का साफ उल्लंघन है। ऐसे में ज्योतिरादित्य सिंधिया का राज्यसभा चुनाव शून्य घोषित किया जाना चाहिए। हाल ही में इस याचिका को ग्वालियर बेंच में ट्रांसफर किया गया है, जिस पर हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। वहीं, गोविंद सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज्यसभा चुनाव को शून्य घोषित करेगा।
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