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Guna Borewell News: 10 साल के सुमित की मौत, बोरवेल से गंभीर हालत में बाहर निकाला, फिर हार गया जिंदगी की जंग
Sun, 29 Dec 2024 11:05 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sun, 29 Dec 2024 11:05 AM IST
सार
Guna Borewell Accident: 16 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रविवार सुबह बचाव दल ने सुमित को बाहर निकाल लिया। हालांकि मासूम की जान नहीं बच पाई। टीम उसको अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों सुमित को मृत घोषित कर दिया।
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सुमित को बाहर लेकर आई टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Guna Borewell Accident: गुना जिले के राघौगढ़ के पिपल्या गांव में खुले बोरवेल में गिरे 10 वर्षीय सुमित मीणा को 16 घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद बाहर निकाल लिया गया। सुमित को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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ऐसे हुआ हादसा
शनिवार शाम को सुमित मीणा अपने खेत में पतंग उड़ा रहा था। पतंग उड़ाते-उड़ाते वह खेत में बने एक 45 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिर गया। सुमित काफी देर तक नजर नहीं आया, तो परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया। बोरवेल में झांकने पर सुमित की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई।
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ऐसे निकाला गया
सुमित 39 फीट पर जाकर फंस गया था। सुमित के बचाने के प्रयास लगातार जारी था। सुमित जिस गहराई में वहां ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस लेने में दिक्कत न हो इसके लिए पाइप के माध्य में से गड्ढे में ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही थी। वहीं मौके पर पहुंचा बचाव दल जेसीबी के माध्यम से बोरवेल के पास ही रात भर से गड्ढा खोदने का कार्य कर रहा था। इसके बाद बोरवेल के पास ही गड्ढा खोदकर सुमित तक पहुंचने के लिए हाथों से टनल बनाने का कार्य किया गया। बचाव अभियान के 16 घंटे बाद टीम को सफलता मिली और सुमित को बाहर निकाल लिया गया। एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम स्ट्रेचर पर उसे बाहर लेकर आई। सुमित को तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया।
सिकुड़ गया था शरीर
बोरवेल से बाहर आते ही सुमित को गंभीर अवस्था में तुरंत जिला अस्पताल लाया गया। सुबह लगभग 10 बजे गुना सीएमएचओ डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर की अगुवाई में छह चिकित्सकों ने सुमित का उपचार शुरू किया। कुछ ही देर की निगरानी के बाद सुमित की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गड्ढे में फंसे रहने के दौरान सुमित के हाथ-पैर रातभर पानी में डूबे रहे। बस उसकी गर्दन पानी से बाहर रही थी। मुंह में मिट्टी भर गई थी। रातभर पानी में फंसे रहने की वजह से सुमित के हाथ-पैर सुन्न हो गए थे। सर्दी की वजह से उसका शरीर सिकुड़ गया था। सीएमएचओ डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर ने सुमित मीणा के निधन की पुष्टि कर दी है।
