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मध्य प्रदेश: ग्वालियर में बदमाशों ने बना दिया फर्जी पुलिस स्टेशन, एसपी को भी नहीं लगी भनक

Thu, 21 Nov 2019 05:30 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मध्य प्रदेश Published by: देव कश्यप Updated Thu, 21 Nov 2019 05:30 PM IST
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Four men allegedly posing police officers created a fake police station in Gwalior, Madhya Pradesh
- फोटो : ANI

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। स्थानीय लोगों से पैसे ऐंठने के लिए चार लोगों ने कथित रूप से पुलिस अधिकारी बनकर फर्जी पुलिस स्टेशन बना दिया।

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इस मामले में जब एसपी क्राइम पंकज पांडे से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि, 'हमें अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि, उन्हें किसी अन्य उद्देश्य के लिए पुलिस द्वारा नियुक्त किया गया था या फर्जी तरीके से यह पुलिस स्टेशन चल रहा था। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।'
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एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां सब्जीवाले और दैनिक मजदूर पुलिस की वर्दी में घूम रहे थे और ग्वालियर स्थित फोनी पुलिस थाने में बैठकर पुलिसकर्मी की तरह व्यवहार करते थे। इस गैंग ने न सिर्फ स्थानीय लोगों से पैसे वसूले बल्कि लोगों की शिकायतें भी दर्ज कीं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के औचिक निरीक्षण से इस गैंग का पर्दाफाश हुआ और एक डीएसपी स्तर के अधिकारी ने 2018 में मामले की जांच की। मध्य प्रदेश पुलिस ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह गुप्त रखा था।


पुलिस की वर्दी में मजदूर और सब्जीवाले
गैंग के भंडाफोड़ के बारे में व्यापम के मुखबिर आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि, एक अधिकारी दिसंबर 2017 में ग्वालियर मेला ग्राउंड में व्यवस्था देख रहे थे, तभी खाकी वर्दी में चार लोगों ने उन्हें सलाम किया। जिस तरीके से उन्होंने सलाम किया, वह अधिकारी को कुछ संदेहास्पद लगा। इसके बाद अधिकारी ने चारों से उनका परिचय पूछा, बदले में उन्हें जो जवाब मिला उसे सुन वे हैरान रह गए। दो ने बताया कि वे मजदूर हैं, एक ने खुद को पेंटर और एक ने सब्जीवाला बताया। इसके बाद एसपी नवनीत भसीन ने जांच के आदेश दिए।


आशीष ने बताया, 'रिपोर्ट साफ है। यह बताती है कि चारों आरोपी एक इंस्पेक्टर के निर्देश में पुलिस का रूप धरे हुए थे। जांच में यह भी सामने आया कि इंस्पेक्टर एक पुलिस थाने से संचालन कर रहा था जो पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं है। अपनी रिपोर्ट में अधिकारी ने वसूली और भ्रष्टाचार की जांच की सलाह भी दी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मैं कोर्ट जाकर आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने जा रहा हूं।'

 

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