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Khargon: खराब फसल के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान, पानी के लिए भी अंदर नहीं जाने दिया, नाराज होकर लगाया जाम

Fri, 01 Mar 2024 08:47 AM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 01 Mar 2024 08:47 AM IST
सार

भगवानपुरा ब्लॉक के ग्राम बाड़ी पंचायत के उप सरपंच गौतम चौहान ने बताया कि यहां पर भगवानपुरा तहसील से किसान आए हुए हैं। यहां पूरे एरिया में ओलावृष्टि हुई है, जिससे गेहूं, मक्का, चना जो भी किसानों ने बोया था सब नष्ट हो गया।  

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Farmers demonstrated in front of Collector office in Khargone
किसानों ने किया प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश ओलावृष्टि, और तूफान से किसानों की फसलों का भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में किसानों द्वारा फसल मुआवजे की मांग की जा रही है। एक तरफ प्रशासनिक अमला खेतों में फसल नुकसानी का सर्वे करने पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित किसान कलेक्ट्रेट का रुख कर मुआवजे की मांग कर रहे है।

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खरगोन जिला मुख्यालय पर गुरुवार को भगवानपुरा ब्लॉक के सैकड़ों से अधिक किसान अपने हाथों में खराब फसलें लहराते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। नगर के गौरीधाम से इन्होंने रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। सुरक्षा कारणों के चलते किसानों को परिसर के गेट पर ही रोक दिया और वहीं से ज्ञापन लेकर रवाना कर दिया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश नहीं मिलने से किसान नाराज हो गए और कलेक्ट्रेट के सामने इंदौर रोड़ पर प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया। किसानों के इस धरना प्रदर्शन से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थी। 
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कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने बताया कि हमारे गांवों में हजारों एकड़ रकबे में लगी मक्का, गेहूं, चना फसल को नुकसान पहुंचा है। बावजूद इसके आज तक गांव में कोई अधिकारी, जनप्रतिनिधि नही पहुंचा है। हमारी मांग है कि प्रदेश सरकार अपने चुनावी वादे को पूरा कर 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी करे, साथ ही खराब फसलों का पर्याप्त मुआवजा दे, अन्यथा आगामी दिनों में यह आंदोलन उग्र हो सकता है।
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पानी तक पीने अंदर नहीं जाने दिया गया
कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान सादिक ने बताया कि हम यहां कलेक्टर के पास आए थे कि हमारे यहां बारिश, आंधी से पतरे और मकान टूट गए हैं। गेहूं, चना, प्याज, मक्का और जो भी फसलें किसानों ने बोई थीं, वह सब नष्ट हो गई है। कलेक्टर महोदय ने ज्ञापन लेकर सभी किसानों को वापस कर दिया, किसी किसान को पानी पीने तक के लिए अंदर नहीं जाने दिया गया। अगर, दो दिन तक हमारी मांग पूरी नहीं होती तो, सारे गांवों में चक्का जाम करेंगे । 

कलेक्टर ऑफिस आए तो नहीं हुई सुनवाई
भगवानपुरा ब्लॉक के ग्राम बाड़ी पंचायत के उप सरपंच गौतम चौहान ने बताया कि यहां पर भगवानपुरा तहसील से किसान आए हुए हैं। यहां पूरे एरिया में ओलावृष्टि हुई है, जिससे गेहूं, मक्का, चना जो भी किसानों ने बोया था सब नष्ट हो गया। कलेक्टर ऑफिस में कोई सुनवाई नहीं हुई, हमें सिर्फ आश्वासन दिया दिया गया। हमारी मांग है कि फसलों का मुआवजा हमें उचित मूल्य में मिले । 


चार-पांच मकान गिरे, बच्ची हुई जख्मी
ग्राम बैनपुर के किसान शिवभानु सिंह मंडलोई ने बताया कि मदनी गांव में ओलावृष्टि बहुत खतरनाक हुई है, गांव के चार-पांच मकान ऐसे धराशाई हुए कि उसमें एक ईंट भी नहीं बची है। इसमें घायल एक छोटी बच्ची तीन-चार दिन से अस्पताल में एडमिट है। शासन प्रशासन की ओर से कोई भी उसकी खबर लेने तक नहीं गया है। बच्ची के पैर टूटे हुए हैं, और कई सारी जनहानि हुई है, मवेशी मर चुके हैं। हमारी फसलें पूरी नष्ट हो गई हैं। एक फसल के तीन टुकड़े तक गए हैं। अब तक न कोई पटवारी, न कोई तहसीलदार और न कोई अधिकारी गांव में गया है। हमारी मांग है कि कलेक्टर किसानों की आवाज भोपाल तक पहुंचा कर फसलों का सर्वे करवाएं और मुआवजा दिलवाएं।

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