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मध्यप्रदेश: गर्भवती महिला को स्ट्रेचर पर लादकर 8 किमी दूर अस्पताल पहुंचे परिजन

Sun, 25 Jul 2021 12:04 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 25 Jul 2021 12:04 AM IST
सार

एक ग्रामीण राय सिंह ने कहा कि महिला को इलाज के लिए खमघाट से रानीकाजल तक आठ किमी तक ले जाना पड़ा। हमारे यहां से पनसेमल अस्पताल करीब 20 किमी दूर है।
 

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family relatives carry pregnant woman to the hospital on makeshift stretcher for 8 km
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में एक 20 साल की गर्भवती महिला को उसके रिश्तेदार आठ किमी चलकर एक अस्थायी स्ट्रेचर पर अस्पताल लेकर आए। अजीब बात ये रही सड़क मोटर वाहन चलने के योग्य नहीं है। इस कारण महिला को बांस और कपड़े के स्ट्रेचर पर अस्पताल लाया गया।

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग जिले के खमघाट गांव से रानीकाजल तक कपड़े और बांस की डंडियों से बने स्ट्रेचर को महिला के कंधों पर लिए हुए दिखाई दे रहे हैं। बाद में उनकी पहचान महिला के परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों के रूप में हुई। यह घटना गुरुवार की है।
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एक ग्रामीण राय सिंह ने कहा कि महिला को इलाज के लिए खमघाट से रानीकाजल तक आठ किमी तक ले जाना पड़ा। हमारे यहां से पनसेमल अस्पताल करीब 20 किमी दूर है।

आगे ग्रामीण राय सिंह ने बताया कि हम लंबे समय से अपने गांव से सड़क के निर्माण के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन किसी ने भी हमारी कोई बात नहीं सुनी है और न कोई कार्रवाई आगे बढ़ी है। सड़क के अभाव में, वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते और एक अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल है।
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पनसेमल के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ अरविंद किराडे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला के परिवार को उसे सरकारी अस्पताल ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया था।

महिला के इलाज के बारे में पूछने पर डॉ किराडे ने कहा खमघाट से रानीकाजल तक मोटर योग्य सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों को उसे ले जाना पड़ा। उसका पनसेमल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

जब वायरल वीडियो के बारे में जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ऋतुराज सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह संबंधित विभाग के साथ सड़कों का मुद्दा उठाएंगे।


सीईओ ऋतुराज सिंह ने कहा कि वन गांवों में सड़क निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करना मुख्य समस्या है। मैं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण के लिए संबंधित विभाग से बात करूंगा।

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