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इंदौर में हवा सुधारने की कवायद: अब चौराहों पर वायू प्रदूषण मापक यंत्र लगाएगा नगर निगम, देखेंगे कहां-कितना है प्रदूषण
Sat, 18 Dec 2021 02:06 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 18 Dec 2021 02:06 PM IST
सार
गातार पांच बार देश का सबसे स्वच्छ शहर बना इंदौर अब हवा की गुणवत्ता सुधारने में जुटा है। शहर की खराब होती जा रही हवा को सुधारने के जतन किए जा रहे हैं। इसके लिए नगर निगम ने शहर के 19 प्रमुख चौराहों पर सेंसर लगाने की तैयारी की है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
लगातार पांच बार देश का सबसे स्वच्छ शहर बना इंदौर अब हवा की गुणवत्ता सुधारने में जुटा है। शहर की खराब होती जा रही हवा को सुधारने के जतन किए जा रहे हैं। इसके लिए नगर निगम ने शहर के 19 प्रमुख चौराहों पर सेंसर लगाने की तैयारी की है।
दरअसल स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में वायू प्रदूषण का टास्क भी शामिल किया गया है। इसके चलत नगर निगम शहर की वायु गुणवत्ता को परखने और सुधारने में जुटा हुआ है। नगर निगम ने इसके लिए शहर के ऐसे 19 चौराहे चिह्नित किए हैं, जहां वायु प्रदूषण अधिक रहता है। इन चौराहों पर वायु प्रदूषण मापक यंत्र लगाए जाएंगे। ये एक तरह से सेंसर रहेंगे जिनमें वायु प्रदूषण मापा जाएगा। ये चौराहे विजय नगर चौराहा, एलआईजी, गीता भवन, पलासिया, व्हाइट चर्च, इन्द्रप्रस्थ चौराहा, हाईकोर्ट चौराहा, रीगल, मरीमाता, लेन्टर्न, टॉवर चौराहा, फूटी कोठी, नवलखा, बड़ा गणपति, राजमोहल्ला चौराहों हैं।
इन चौराहों पर सेंसर लगाने में यातायात पुलिस की मदद भी ली जाएगी। इससे नगर निगम को रियल टाइम एयर पॉल्यूशन की जानकारी मिलेगी। इससे मॉनीटरिंग में आसानी होगी। फिलहाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुछ चौराहों पर इस तरह के यंत्र लगा रखे हैं, लेकिन अब नगर निगम भी यंत्र लगाकर खुद माॉनीटर करेगा कि शहर में किस जगह की हवा कितनी खराब है। इसके बाद उसके कारणों का पता कर उसमें सुधार किया जाएगा। इसके साथ ही नगर निगम जिला प्रशासन के साथ मिलकर योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत कोयले का उपयोग करने वाले रेस्टोरेंट से लेकर उद्योगों में गैस चलित उपकरण लगवाए जा रहे हैं।
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दरअसल स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में वायू प्रदूषण का टास्क भी शामिल किया गया है। इसके चलत नगर निगम शहर की वायु गुणवत्ता को परखने और सुधारने में जुटा हुआ है। नगर निगम ने इसके लिए शहर के ऐसे 19 चौराहे चिह्नित किए हैं, जहां वायु प्रदूषण अधिक रहता है। इन चौराहों पर वायु प्रदूषण मापक यंत्र लगाए जाएंगे। ये एक तरह से सेंसर रहेंगे जिनमें वायु प्रदूषण मापा जाएगा। ये चौराहे विजय नगर चौराहा, एलआईजी, गीता भवन, पलासिया, व्हाइट चर्च, इन्द्रप्रस्थ चौराहा, हाईकोर्ट चौराहा, रीगल, मरीमाता, लेन्टर्न, टॉवर चौराहा, फूटी कोठी, नवलखा, बड़ा गणपति, राजमोहल्ला चौराहों हैं।
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इन चौराहों पर सेंसर लगाने में यातायात पुलिस की मदद भी ली जाएगी। इससे नगर निगम को रियल टाइम एयर पॉल्यूशन की जानकारी मिलेगी। इससे मॉनीटरिंग में आसानी होगी। फिलहाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुछ चौराहों पर इस तरह के यंत्र लगा रखे हैं, लेकिन अब नगर निगम भी यंत्र लगाकर खुद माॉनीटर करेगा कि शहर में किस जगह की हवा कितनी खराब है। इसके बाद उसके कारणों का पता कर उसमें सुधार किया जाएगा। इसके साथ ही नगर निगम जिला प्रशासन के साथ मिलकर योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत कोयले का उपयोग करने वाले रेस्टोरेंट से लेकर उद्योगों में गैस चलित उपकरण लगवाए जा रहे हैं।
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