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EOW Raid: बालाघाट में तहसीलदार का रीडर 35 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, खसरे से नाम हटाने के लिए मांगी थी घूस
Sun, 19 Jun 2022 09:18 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 19 Jun 2022 09:18 PM IST
सार
जबलपुर ईओडब्ल्यू ने बालाघाट में तहसीलदार के रीडर को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पांच हजार रुपये पहले ले चुका था।
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जबलपुर ईओडब्ल्यू ने बालाघाट में तहसीलदार के रीडर को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जबलपुर ईओडब्ल्यू ने बालाघाट में तहसीलदार के रीडर को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पांच हजार रुपये पहले ले चुका था। शिकायत कर्ता ने फैक्टरी की जमीन के खसरे से अलग हो चुके भागीदारों के नाम हटाने के लिए आवेदन दिया था, जिस पर तहसीलदार के रीडर सहायक ग्रेड थ्री पैमेंद्र हरिनखेड़े ने 40 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार बालाघाट की विवेकानंद कॉलोनी के रहने वाले अरुण जेठवा ने जबलपुर ईओडब्ल्यू में शिकायत की थी। बताया था कि फैक्टरी की जमीन के खसरे से अलग हो चुके भागीदारों के नाम हटाने के लिए तहसीलदार के रीडर पैमेंद्र हरिनखेड़े को आवेदन दिया था, जिसके बदले में उससे 40 हजार रुपये की घूस मांगी गई।
जेठवा ने बताया कि पहले आरोपी ने 50 हजार रुपये मांगे थे, बाद में बात 40 हजार में तय हुई। 15 जून को पांच हजार ले चुका था। जबलपुर ईओडब्ल्यू ने शिकायत की पड़ताल के बाद रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई। जबलपुर ईओडब्ल्यू एसपी देवेन्द्रसिंह राजपूत ने बताया कि शिकायत कर्ता को रविवार को बालाघाट स्थित लालबर्रा में तहसीलदार के रीडर के निवास पर 35 हजार रुपये देकर भेजा गया। जैसे ही अरुण जेठवा ने पैमेंद्र हरिनखेड़े को रुपये दिए, वैसे ही ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया।
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जानकारी के अनुसार बालाघाट की विवेकानंद कॉलोनी के रहने वाले अरुण जेठवा ने जबलपुर ईओडब्ल्यू में शिकायत की थी। बताया था कि फैक्टरी की जमीन के खसरे से अलग हो चुके भागीदारों के नाम हटाने के लिए तहसीलदार के रीडर पैमेंद्र हरिनखेड़े को आवेदन दिया था, जिसके बदले में उससे 40 हजार रुपये की घूस मांगी गई।
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जेठवा ने बताया कि पहले आरोपी ने 50 हजार रुपये मांगे थे, बाद में बात 40 हजार में तय हुई। 15 जून को पांच हजार ले चुका था। जबलपुर ईओडब्ल्यू ने शिकायत की पड़ताल के बाद रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई। जबलपुर ईओडब्ल्यू एसपी देवेन्द्रसिंह राजपूत ने बताया कि शिकायत कर्ता को रविवार को बालाघाट स्थित लालबर्रा में तहसीलदार के रीडर के निवास पर 35 हजार रुपये देकर भेजा गया। जैसे ही अरुण जेठवा ने पैमेंद्र हरिनखेड़े को रुपये दिए, वैसे ही ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया।
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