फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Electricity crisis in Madhya Pradesh energy minister roaming with buffaloes   

मध्यप्रदेश: राज्य में बिजली संकट का खतरा, ऊर्जा मंत्री चराने निकले भैंस 

Tue, 12 Oct 2021 10:49 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Tue, 12 Oct 2021 10:49 AM IST
सार

ऊर्जा मंत्री का यह वीडियो ग्वालियर का बताया जा रहा है। इससे पहले भी उनके कई ऐसे ही वीडियो वायरल हो चुके हैं। 
 

विज्ञापन
Electricity crisis in Madhya Pradesh energy minister roaming with buffaloes   
प्रद्युम्म सिंह तोमर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश के बाकी राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी इन दिनों बिजली संकट गहरा होता जा रहा है। लोग आने वाले संकट को लेकर पहले से ही सहमे हुए हैं। इस बीच राज्य के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्म  सिंह तोमर का एक वीडियो चर्चा में आ गया है। राज्य पर आने वाले संकट से बेखबर वे वीडियो में भैंस चराते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान उनके साथ कुछ पुलिसकर्मी भी हैं। वे ग्वालियर की सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। भैंस के गले में बंधी रस्सी का एक सिरा उनके हाथ में हैं। टहलते-टहलते वे हंसी-ठिठोली भी करते नजर आ रहे हैं। 

विज्ञापन


तेजी से वायरल हो रहा वीडियो
30 सेकेंट का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो सोमवार का है। इसी दिन ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्म सिंह तोमर ग्वालियर से लौटे थे। उन्होंने सुबह बहोड़ापुर के विद्युत केंद्र का निरीक्षण भी किया था। हालांकि, अभी तक इस संबंध में ऊर्जा मंत्री का कोई बयान नहीं आया है। 
विज्ञापन

 
पहले भी कई वीडियो हो चुके हैं वायरल
ऊर्जा मंत्री का यह वीडियो कोई नया नहीं है। पहले भी उनके ऐसे कई वीडियो वायरल हो चुके हैं। अपने अनोखे अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले ऊर्जा मंत्री के इससे पहले सीवर में उतरकर सफाई करने, बिजली के ट्रांसफार्मर की सफाई करने, शमशान पर श्रमदान करने व जमीन पर बैठकर लोगों की शिकायत सुनने के वीडियो भी काफी वायरल हो चुके हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


बढ़ रहा बिजली संकट
मप्र में बिजली संकट बढ़ता ही जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य में इन दिनों 10 हजार मेगावॉट बिजली की मांग है, लेकिन कोयले की भारी कमी के कारण महज 3900 मेगावॉट बिजली का उत्पादन ही हो रहा है। कई संयंत्रों पर मात्र दो से तीन दिन का ही कोयला बचा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed