नगर निगम की ई-गवर्नेंस योजना नहीं हुई पूरी

भोपाल/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 25 Dec 2012 01:57 PM IST
e-governance scheme did not complete
व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिये नगर निगम की सेवाओं को ऑनलाइन करने की योजना तयशुदा समय पर पूरी नहीं हो सकी है। इसका परिणाम यह है कि लोगों को अब भी अपने जन्म मृत्यु व विवाह पंजीयन करवाने और जलदर आदि जमा कराने के लिए विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

मालूम हो कि सितंबर 2012 में ई-गवर्नेंस आधारित म्युनिस्पिल एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (एमएएस) शुरू किया गया था। पहले नगर निगम प्रशासन ने इसे अक्टूबर तक लागू करने का दावा किया था। ऑनलाइन म्युनिस्पिल एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम का कार्य डीएफआईडी के प्रोजेक्ट उत्थान के तहत होना है। इससे संपत्तिकर, जलप्रभार सेवाकर की बकाया एवं वर्तमान कर की वास्तविक स्थिति देख सकते हैं। एमएएस से नगर निगम की आय भी बढ़ेगी।
 
योजना समय पर पूरी न होने के बावजूद भी निगम द्वार एमएएस को दिसंबर 2012 में पूरी तरह से लागू कर राजस्व वसूली का दावा किया जा रहा है। जबिक वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित राजस्व वसूली का केवल 15 प्रतिशत ही एमएएस के जरिए वसूला जा सका है। नगर निगम ने 19 सितंबर को ई-गवर्नेंस आधारित म्युनिस्पिल एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम तथा इसकी वेबसाइट शुरू की थी। इसके तहत रजिस्ट्रेशन करवाए गए और कुछ कस्टमर को पासवर्ड भी दिए गए।

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