व्यापमं पर अब बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं शिवराज
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वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर व्यापम घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की गुहार की है। श्री सिंह ने इसे अब तक का सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए कहा है कि इसमें कुछ बड़े लोग संलिप्त हैं।
दिग्विजय सिंह ने अपनी याचिका में 24 अप्रैल को जबलपुर हाईकोर्ट केआदेश और विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट को निरस्त करने की गुहार की गई है, जिसमें श्री सिंह द्वारा दिए गए दस्तावेजों को फर्जी और मनगढंत बताया गया था।
अपने दस्तावेजों के जरिए श्री सिंह ने यह बताने की कोशिश की थी कि इस घोटाले में मध्य प्रदेश केमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भी मिलीभगत है।
दिग्विजय सिंह का कहना कि उनके दस्तावेजों को फर्जी और मनगढंत बताकर हाईकोर्ट और एसआईटी ने उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की है, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट को इसमें दखल देना चाहिए।
मुख्यमंत्री पर जड़े गंभीर आरोप
याचिका में कहा गया कि इस मामले में व्हिसल ब्लोअर ने इंदौर पुलिस द्वारा साक्ष्यों केसाथ छेड़छाड़ करने से संबंधित कई प्रमाण दिए थे। इसका सीधा फायदा मुख्यमंत्री चौहान को पहुंचा है।
दिग्विजय सिंह का कहना है कि ऐसी आशंका है कि व्यापम घोटाले से जुड़े लोगों की हो रही मौत के पीछे इस मामले में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता है। अब तक 25 आरोपी एवं गवाहों की मौत हो चुकी है।
श्री सिंह ने दावा किया है मामले की जांच कर ही एसआईटी ने खुद को असहाय महसूस कर रही है क्योंकि इस घोटाले में वरिष्ठ अधिकारी और भाजपा और आरएसएस के नेताओं की संलिप्तता है। एसआईटी कारगर नहीं है।
श्री सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1000 अवैध नियुक्तियों की बात स्वीकार की है, लिहाजा उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
