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Dhar News: धार की छात्रा ने 12वीं में अर्जित किए 98.2% अंक, बीते साल कई बार रही बीमार फिर भी लहराया परचम
Wed, 14 May 2025 09:19 PM IST
धार ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
Published by: धार ब्यूरो
Updated Wed, 14 May 2025 09:19 PM IST
सार
धार की श्रेयांशी पाल ने सीबीएसई 12वीं कॉमर्स में 98.2% अंक प्राप्त किए। बीमार रहने के बावजूद निरंतर मेहनत की। सोशल मीडिया से दूरी रखकर रोज़ 8–10 घंटे पढ़ाई की। सफलता का श्रेय माता-पिता, बहन और शिक्षकों को दिया। भविष्य में यूपीएससी की तैयारी कर देश सेवा का लक्ष्य है।
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धार में कॉमर्स संकाय में 12 वीं कक्षा की छात्रा श्रेयांशी पाल ने 98.2 % लाकर अर्जित की सफलता
विस्तार
धार शहर की प्रतिभाशाली छात्रा श्रेयांशी पाल ने सीबीएसई 12वीं के परीक्षा परिणाम में शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमर्स संकाय में 98.2 प्रतिशत अंक अर्जित किए हैं। वह सिटी इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा हैं। श्रेयांशी की यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि पिछले एक वर्ष से वह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं, फिर भी उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और लगातार मेहनत करती रहीं।
श्रेयांशी की इस उपलब्धि पर परिवार, स्कूल स्टाफ और मित्रों में खुशी की लहर है। स्कूल में उनका विशेष स्वागत और सम्मान किया गया। परिजनों और सहपाठियों ने मिठाई खिलाकर उनकी मेहनत की सराहना की। स्कूल की प्रिंसिपल शालिनी दास और क्लास टीचर ने भी उनकी लगन और अनुशासन की प्रशंसा की।
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ये भी पढ़ें- पढ़ाई, बिजनेस और सोशल मीडिया एक साथ! अनन्या बनीं स्टेट टॉपर, 99.2% से मचाया धमाल
श्रेयांशी के पिता मिथिलेश पाल एक व्यवसायी हैं और माता सीमा पाल गृहिणी हैं, जो समाजसेवा और धार्मिक कार्यों में भी सक्रिय रहती हैं। श्रेयांशी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, बड़ी बहन, स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने बताया कि जब भी वह बीमारी या थकावट से निराश होती थीं, उनके परिजन और बड़ी बहन उन्हें उत्साहित करते थे और फिर वह दोबारा पूरे जोश से पढ़ाई में जुट जाती थीं।
ये भी पढ़ें- CBSE 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी, इंदौर के छात्रों ने रोशन किया नाम
श्रेयांशी ने बताया कि वह रोज़ाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई में बिताती थीं और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाई रखी। उनका सोशल मीडिया पर कोई भी अकाउंट नहीं है। उन्होंने सिर्फ शैक्षणिक सामग्री के लिए ही कभी-कभार मोबाइल का उपयोग किया। उनका मानना है कि एकाग्रता, लगन और निरंतर मेहनत से कोई भी छात्र बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकता है। भविष्य की योजनाओं को लेकर श्रेयांशी का कहना है कि वह यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना चाहती हैं और देश सेवा में अपना योगदान देना चाहती हैं।
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श्रेयांशी की इस उपलब्धि पर परिवार, स्कूल स्टाफ और मित्रों में खुशी की लहर है। स्कूल में उनका विशेष स्वागत और सम्मान किया गया। परिजनों और सहपाठियों ने मिठाई खिलाकर उनकी मेहनत की सराहना की। स्कूल की प्रिंसिपल शालिनी दास और क्लास टीचर ने भी उनकी लगन और अनुशासन की प्रशंसा की।
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श्रेयांशी के पिता मिथिलेश पाल एक व्यवसायी हैं और माता सीमा पाल गृहिणी हैं, जो समाजसेवा और धार्मिक कार्यों में भी सक्रिय रहती हैं। श्रेयांशी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, बड़ी बहन, स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने बताया कि जब भी वह बीमारी या थकावट से निराश होती थीं, उनके परिजन और बड़ी बहन उन्हें उत्साहित करते थे और फिर वह दोबारा पूरे जोश से पढ़ाई में जुट जाती थीं।
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श्रेयांशी ने बताया कि वह रोज़ाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई में बिताती थीं और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाई रखी। उनका सोशल मीडिया पर कोई भी अकाउंट नहीं है। उन्होंने सिर्फ शैक्षणिक सामग्री के लिए ही कभी-कभार मोबाइल का उपयोग किया। उनका मानना है कि एकाग्रता, लगन और निरंतर मेहनत से कोई भी छात्र बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकता है। भविष्य की योजनाओं को लेकर श्रेयांशी का कहना है कि वह यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना चाहती हैं और देश सेवा में अपना योगदान देना चाहती हैं।
