फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Dhar News ›   Irregularities in Rations for the PoorDepartment team conducts

Dhar News: सरकारी राशन में लाखों रुपये की गड़बड़ी उजागर; तीन संचालकों पर केस दर्ज: स्टॉक में भी हेराफेरी

Tue, 07 Jul 2026 04:31 PM IST
धार ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार Published by: धार ब्यूरो Updated Tue, 07 Jul 2026 04:31 PM IST
सार

जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में राशन वितरण में बड़ी अनियमितता उजागर हुई। औचक जांच में लाखों रुपये के राशन स्टॉक में हेराफेरी मिली। पुलिस ने तीन उचित मूल्य दुकान संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया।

विज्ञापन
Irregularities in Rations for the PoorDepartment team conducts
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धार जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ग्रामीणों के सरकारी राशन में हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। राशन वितरण में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। कलेक्टर राजीव रंजन मीणा के निर्देशन तथा एसडीएम विशाल धाकड़ और जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी श्रीराम बार्डे के मार्गदर्शन में खाद्य विभाग की टीम ने संबंधित पंचायतों में पहुंचकर शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का औचक निरीक्षण किया।

विज्ञापन


जांच में राशन के स्टॉक में भारी गड़बड़ी सहित कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। खाद्य आपूर्ति विभाग की रिपोर्ट पर पुलिस ने तीन दुकान संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनीता मसराम सहित विभागीय टीम की जांच में तीन प्रमुख मामले सामने आए।
विज्ञापन


पढ़ें:  पालतू कुत्ते के काटने पर मालिक को सजा, कोर्ट उठने तक कारावास और 1,000 रुपये का जुर्माना; जानें मामला

विज्ञापन
विज्ञापन

मामला-1
जांच टीम कुक्षी ब्लॉक के ग्राम बड़दा स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर पहुंची तो दुकान बंद मिली। दुकान का संचालन नूरसिंह पिता मालसिंह कर रहा था। मौके पर शासन की योजनाओं से संबंधित कोई बैनर-पोस्टर, खाद्यान्न के नमूने, स्टॉक एवं भाव सूची तथा बिक्री रजिस्टर नहीं मिला। एईपीडीएस (AePDS) पोर्टल पर दर्ज स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने पर दुकान में तय मात्रा से अधिक राशन मिला। जांच के दौरान 179 क्विंटल गेहूं, 91 क्विंटल चावल, सवा छह क्विंटल नमक तथा पोर्टल में दर्ज मात्रा से अधिक शक्कर बरामद हुई। अतिरिक्त खाद्य सामग्री का बाजार मूल्य करीब 8.73 लाख रुपये आंका गया है। एसडीएम कुक्षी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

मामला-2
आरोपी नूरसिंह पिता मालसिंह के पास डही ब्लॉक के ग्राम रणगांव की शासकीय उचित मूल्य की दुकान का भी संचालन था। यहां स्थिति बड़दा से बिल्कुल उलट मिली। दुकान पर भी रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली और आवश्यक बैनर-पोस्टर नहीं लगे थे। सबसे बड़ी अनियमितता यह रही कि पोर्टल के अनुसार उपलब्ध होना वाला राशन मौके से पूरी तरह गायब मिला। भौतिक सत्यापन में 141 क्विंटल गेहूं, 65 क्विंटल चावल सहित नमक और शक्कर का स्टॉक नहीं मिला। गायब राशन का बाजार मूल्य करीब 6.63 लाख रुपये बताया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपी एक स्थान पर राशन का अतिरिक्त स्टॉक रख रहा था, जबकि दूसरी दुकान से राशन गायब था।

मामला-3
तीसरा मामला बाग ब्लॉक के ग्राम मगराद का है, जहां साईं बाबा स्वयं सहायता समूह द्वारा शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन किया जा रहा है। जांच के दौरान विक्रेता सुरताबाई पति प्रेमसिंह द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के नियमों और शासकीय दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जाना पाया गया। दुकान संचालन में गंभीर लापरवाही और शर्तों के उल्लंघन पर विभागीय टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर प्रकरण को आगे की कार्रवाई के लिए जिला कार्यालय भेज दिया।

सुनीता मसराम, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण किया जाता है। आम जनता और गरीबों को समय पर पूरा राशन उपलब्ध कराना शासन की पहली प्राथमिकता है। राशन वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed