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Dewas CISF News:पढ़ाई में कमजोर था तो दूसरे से दिलवाई परीक्षा, फिजिकल टेस्ट में खुद पहुंचा, गड़बड़ी होने पर आया पकड़ में
Sun, 22 May 2022 12:44 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sun, 22 May 2022 12:44 PM IST
सार
मप्र के देवास में सीआईएसएफ भर्ती प्रक्रिया के दौरान धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक युवक ने लिखित परीक्षा दूसरे से दिलवा दी मगर फिजिकल टेस्ट देने खुद पहुंच गया। बायो मेट्रिक व फोटो मिलान न होने पर पकड़ में आया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अब तक स्कूल-कॉलेज की परीक्षाओं में मुन्नाभाइयों के पकड़ाने की खबरें आती थी लेकिन मप्र के देवास जिले में सुरक्षा बलों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक युवक ने लिखित परीक्षा तो दूसरे के नाम से दिलवाई मगर फिजिकल टेस्ट देने खुद पहुंच गया। बायोमेट्रिक टेस्ट में फोटो व अन्य जानकारी का मिलान न होने पर मामला खुला।
जानकारी के मुताबिक देवास में बैंक नोट प्रेस स्थित है। यहां बीएनपी के अंदर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) यूनिट में चल रही सुरक्षा बलों (आरक्षक जीडी) की भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी व आपराधिक षडयंत्र का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को शारीरिक दक्षता परीक्षण के दौरान मुरैना जिले के ग्राम बमुर बसई, धनेला निवासी पवन पिता केदार सिंह नाम के एक युवक का जब बायोमेट्रिक टेस्ट किया गया गई तो फिंगर प्रिंट व फोटो लिखित परीक्षा वाले रिकॉर्ड से मैच नहीं हुए। इसके बाद शंका होने पर उससे पूछताछ की गई तो उसने लिखित परीक्षा में अपनी जगह किसी और युवक के बैठाने के बारे में जानकारी दी। बाद में मामला बीएनपी थाना पुलिस तक पहुंचा। भर्ती बोर्ड आरक्षक जीडी 2021 में शामिल सीआईएसएफ गाडरवाड़ा मप्र के सहायक कमांडेंट नरेंद्र सिंह की ओर से शिकायती आवेदन बैंक नोट प्रेस पुलिस को दिया गया जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी पवन के खिलाफ धारा 419, 420 और 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज करके जांच शुरू की।
दस हजार रुपये देकर करवाया परीक्षा में शामिल
इस मामले में जानकारी मिली कि पूछताछ में आरोपी ने यह बताया है कि वह पढ़ाई में कमजोर था इसलिए दूसरे व्यक्ति को 10 हजार रुपये देकर परीक्षा में शामिल करवाया था। लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद शारीरिक दक्षता के लिए वह खुद बीएनपी आ गया जहां बायोमेट्रिक जांच के दौरान वो पकड़ में आ गया। जिस युवक को परीक्षा में बैठाया गया था, उसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। बता दें कि सुरक्षा बल भर्ती को लेकर पिछले दिनों भिलाई में पुलिस ने एक गैंग का खुलासा किया था जिसमें 4 युवकों को बायोमेट्रिक टेस्ट के दौरान पकड़ा था। इनकी जगह भी लिखित परीक्षा किसी और ने दी थी और पास भी हो गए थे। भर्ती करवाने के बदले प्रति युवक 5 लाख रुपये लेने की बात सामने आई थी। देवास की घटना में भी इसी तरह के गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जानकारी के मुताबिक देवास में बैंक नोट प्रेस स्थित है। यहां बीएनपी के अंदर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) यूनिट में चल रही सुरक्षा बलों (आरक्षक जीडी) की भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी व आपराधिक षडयंत्र का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को शारीरिक दक्षता परीक्षण के दौरान मुरैना जिले के ग्राम बमुर बसई, धनेला निवासी पवन पिता केदार सिंह नाम के एक युवक का जब बायोमेट्रिक टेस्ट किया गया गई तो फिंगर प्रिंट व फोटो लिखित परीक्षा वाले रिकॉर्ड से मैच नहीं हुए। इसके बाद शंका होने पर उससे पूछताछ की गई तो उसने लिखित परीक्षा में अपनी जगह किसी और युवक के बैठाने के बारे में जानकारी दी। बाद में मामला बीएनपी थाना पुलिस तक पहुंचा। भर्ती बोर्ड आरक्षक जीडी 2021 में शामिल सीआईएसएफ गाडरवाड़ा मप्र के सहायक कमांडेंट नरेंद्र सिंह की ओर से शिकायती आवेदन बैंक नोट प्रेस पुलिस को दिया गया जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी पवन के खिलाफ धारा 419, 420 और 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज करके जांच शुरू की।
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दस हजार रुपये देकर करवाया परीक्षा में शामिल
इस मामले में जानकारी मिली कि पूछताछ में आरोपी ने यह बताया है कि वह पढ़ाई में कमजोर था इसलिए दूसरे व्यक्ति को 10 हजार रुपये देकर परीक्षा में शामिल करवाया था। लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद शारीरिक दक्षता के लिए वह खुद बीएनपी आ गया जहां बायोमेट्रिक जांच के दौरान वो पकड़ में आ गया। जिस युवक को परीक्षा में बैठाया गया था, उसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। बता दें कि सुरक्षा बल भर्ती को लेकर पिछले दिनों भिलाई में पुलिस ने एक गैंग का खुलासा किया था जिसमें 4 युवकों को बायोमेट्रिक टेस्ट के दौरान पकड़ा था। इनकी जगह भी लिखित परीक्षा किसी और ने दी थी और पास भी हो गए थे। भर्ती करवाने के बदले प्रति युवक 5 लाख रुपये लेने की बात सामने आई थी। देवास की घटना में भी इसी तरह के गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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