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मंदिरवाला चोर: भगवान से मांगने नहीं, आभूषण और दान चुराने जाता था, धरा गया
Mon, 25 Oct 2021 09:24 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 25 Oct 2021 09:24 PM IST
सार
दरअसल सप्तश्रृंगी माता मंदिर में कुछ दिन पहले लाखों रुपये मूल्य के आभूषणों की चोरी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से चोर को धर लिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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विस्तार
आमतौर पर लोग मंदिरों में जाकर भगवान से अपने मन की बात कहते हैं और मनचाही मुराद मांगते हैं। लेकिन कुछ लोग होते हैं जो भगवान से मांगते नहीं बल्कि चुरा लेते हैं। ऐसा ही एक चोर पुलिस ने पकड़ा है जिसकी चोरी का तरीका और काम देख पुलिस भी हैरान हो गई। ये चोर घरों में नहीं बल्कि मंदिरों में चोरी करता था। भगवान से मांगने के बजाय भगवान को मिला दान और आभूषण चुरा लेता था।
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घटना मध्यप्रदेश के देवास की है। यहां की सिविल लाइंस थाना पुलिस ने पकड़ा है जिसके पास से चोरी का लाखों का सामान बरामद किया गया है। ये चोर सिर्फ मंदिर में ही चोरी करता था। पुराना रिकॉर्ड भी निकला है जिसमें मंदिर में चोरी करने की बात सामने आई।
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माता मंदिर में हुई थी लाखों की चोरी
दरअसल सप्तश्रृंगी माता मंदिर में कुछ दिन पहले लाखों रुपये मूल्य के आभूषणों की चोरी हुई थी। मंदिर के दरवाजे का ताला तोड़कर माताजी का चांदी का एक बड़ा छत्र, चांदी का एक बड़ा मुकुट, चांदी की पायजेब, चांदी की चरण पादुका, चांदी के 2 छोटे मुकुट, चांदी के 8-10 छोटे छत्र, पांच नग आर्टिफिशियल छत्र आदि चोरी हुए थे। मंदिर के पुजारी ने जब ये देखा तो होश उड़ गए क्योंकि मंदिर में चोरी करने की बात कोई सोच भी नहीं सकता था।
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इसके बाद पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत की। सिविल लाइंस थाना प्रभारी संजय सिंह ने विशेष टीम बनाई और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे। मुखबिरों को सक्रिय किया। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि अजय उर्फ अज्जू चक्रधारी पिता मनोहर लाल चक्रधारी निवासी त्रिलोक नगर इटावा देवास संदिग्ध है। पुलिस ने उसको पकड़ा और पूछताछ की। उसने चोरी करना कुबूल किया। उसके पास से चोरी का सामान बरामद किया जिसकी कीमत करीब एक लाख रुपये है।
दिन में करता था दर्शन, रात में चोरी
आरोपी अजय मंदिर की रेकी करता था। वह दर्शनार्थी बनकर मंदिर जाता और वहां जाकर पूरी स्थिति देखता कि कहां क्या रखा है और किस तरह चोरी की जा सकती है। इसके बाद रात में फिर मंदिर जाता और चोरी करता। माता मंदिर में भी ऐसा ही किया। जब रात को पहुंचा तो कोई नहीं था। ताला तोड़ा और चोरी करके घर लौट गया। पुलिस ने जब उससे पुरानी वारदात के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह राम मंदिर इटावा में भी चोरी कर चुका है। वहां भी दानपेटी से रुपये व आभूषण चुराए थे। टीआई संजय सिंह के अनुसार आरोपी का फोकस मंदिरों में ही रहता था। वह नशे का भी आदी है। नशे की हालत में ही वह चोरी करने जाता था। उसे लगता था कि मंदिर में चोरी करने पर आसानी से पकड में नहीं आएगा। आरोपी को जेल भेज दिया है।
